Advertisement

Advertisement...

पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर देहरादून में मुख्यमंत्री आवास का घेराव: बैरिकेडिंग पर रोके गए कर्मचारी, गूंजा “NPS हटाओ, OPS लागू करो” का नारा


Aapki Media AI


देहरादून, 2 नवंबर, 2026: राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा (NOPRUF), उत्तराखंड के आह्वान पर सोमवार, 2 नवंबर 2026 को पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर राजधानी देहरादून में एक बड़ा प्रदर्शन आयोजित किया गया। प्रदेश के विभिन्न जनपदों और दूरस्थ क्षेत्रों से आए हजारों कर्मचारियों व पदाधिकारियों ने पुरानी पेंशन योजना (OPS) को पुनः लागू करने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री आवास की ओर जोरदार कूच किया। प्रदर्शन की उग्रता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए और मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ रहे आंदोलनकारियों को मुख्य बैरिकेडिंग लगाकर रोक लिया।

 

 

प्रमुख वक्ताओं और पदाधिकारियों की सहभागिता


इस विशाल आंदोलन में राज्यभर से पहुंचे तमाम प्रमुख पदाधिकारियों ने शिरकत की और सरकार के समक्ष कर्मचारियों का पक्ष मजबूती से रखा:

  • राष्ट्रीय व प्रादेशिक नेतृत्व: कार्यक्रम में राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री बी.पी. सिंह रावत, उत्तराखंड प्रदेश अध्यक्ष श्री मनोज अवस्थी, प्रदेश महामंत्री श्री सीताराम पोखरियाल, प्रदेश प्रभारी श्री विक्रम सिंह रावत, प्रदेश संयोजक श्री जसपाल गुसाईं, प्रदेश महिला अध्यक्ष श्रीमती रनीता विश्वकर्मा, गढ़वाल मंडल मंत्री श्री राजीव उनियाल और गढ़वाल मंडल अध्यक्ष श्री शंकर भट्ट विशेष रूप से उपस्थित रहे।
  • विशिष्ट सहभागिता: इनके अलावा श्री केदार पटस्वाण, श्री भास्कर, श्री नरेश भट्ट और श्री कुलदीप कंडारी सहित सैकड़ों साथियों ने आंदोलन में सक्रिय सहभागिता निभाई।
  • स्थानीय नेतृत्व: जौनपुर एवं नरेंद्रनगर ब्लॉक अध्यक्ष प्रवीण सिंह पंवार (जो कि राजकीय शिक्षक संघ के भूतपूर्व ब्लॉक उपाध्यक्ष और नैनबाग में प्रवक्ता हिंदी के पद पर कार्यरत हैं) ने भी कार्यक्रम में भाग लिया। उन्होंने कहा कि पुरानी पेंशन कर्मचारियों की आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा का मुख्य आधार है, जिसे लेकर संगठन आर-पार की लड़ाई के लिए प्रतिबद्ध है।

 

 

प्रमुख वक्ताओं और पदाधिकारियों की सहभागिता

 

उत्तराखंड पुरानी पेंशन आंदोलन 2026: संक्षिप्त विवरण 

 

2 नवंबर 2026 को देहरादून में हुए इस आंदोलन का संकलित ब्योरा:

आंदोलन के प्रमुख घटकविवरण एवं तथ्यात्मक आंकड़ेसंगठनात्मक व प्रशासनिक प्रभाव
आयोजक संगठनराष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा (NOPRUF), उत्तराखंडकर्मचारियों के वित्तीय भविष्य व सुरक्षा की मांग।
प्रमुख कार्यक्रममुख्यमंत्री आवास घेराव एवं प्रदर्शनबैरिकेडिंग पर पुलिस और आंदोलनकारियों आमना-सामना।
मुख्य मांगपुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहालीअंशदायी पेंशन (NPS) को पूरी तरह समाप्त करना।
मुख्य नारे“NPS हटाओ, OPS लागू करो!” / “कर्मचारी एकता जिंदाबाद!”कर्मचारियों में एकजुटता और मुखर विरोध का संदेश।
प्रमुख चेहरेबी.पी. सिंह रावत, मनोज अवस्थी, रनीता विश्वकर्मा, सीताराम पोखरियाल आदिप्रदेशभर के शिक्षक, कर्मचारी एवं विभिन्न विभागों के कर्मी शामिल।

कर्मचारियों की हुंकार: “बुढ़ापे की लाठी है पुरानी पेंशन”


आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने एक स्वर में कहा कि नई पेंशन योजना (NPS) कर्मचारियों के हितों के प्रतिकूल है। सेवानिवृत्ति के बाद जीवनयापन को सुरक्षित बनाने के लिए पुरानी पेंशन ही एकमात्र विकल्प है।  संगठन के प्रदेश अध्यक्ष मनोज अवस्थी और महिला अध्यक्ष रनीता विश्वकर्मा के नेतृत्व में कर्मचारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि जब तक सरकार पुरानी पेंशन बहाली का ठोस शासनादेश जारी नहीं करती, तब तक उनका यह संघर्ष और अधिक तीव्र किया जाएगा।
 

कर्मचारी कल्याण एवं सुशासन नीति के 4 मुख्य बिंदु 


आंदोलन से जुड़े प्रमुख नीतिगत पहलू:

  • सामाजिक सुरक्षा का अधिकार: सरकारी सेवकों के लिए सेवानिवृत्ति के उपरांत वित्तीय स्थिरता और गरिमापूर्ण जीवन सुनिश्चित करना।
  • एनपीएस का विरोध: बाजार आधारित न्यू पेंशन स्कीम को खारिज कर पुरानी गारंटीड पेंशन प्रणाली की पुनरुत्थापना।
  • कर्मचारी एकजुटता: प्रदेश के सभी विभागों, निगमों और शिक्षकों का एक मंच पर आकर सरकार पर दबाव बनाना।
  • लोकतांत्रिक आंदोलन: शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को शासन-प्रशासन के उच्च स्तर तक पहुंचाना।

 

सरकार के समक्ष बढ़ती राजनीतिक व प्रशासनिक चुनौती


2 नवंबर 2026 को देहरादून में हुआ यह प्रदर्शन यह साबित करता है कि उत्तराखंड के कर्मचारियों में पुरानी पेंशन बहाली को लेकर असंतोष और दृढ़ संकल्प लगातार बना हुआ है। आगामी चुनावों के मद्देनजर कर्मचारियों का यह मुखर तेवर सरकार के लिए एक बड़ी प्रशासनिक और राजनीतिक चुनौती बनता जा रहा है।




📢 खबरों को सबसे पहले पाने के लिए आपकी मीडिया को फॉलो करें
👉 WhatsApp Channel Join करें 👉 WhatsApp Group Join करें
Krishna Kumar
लेखक के बारे में

कृष्ण कुमार

कृष्ण कुमार को छोटी उम्र से ही खबरों की दुनिया ने इतना रोमांचित किया कि पत्रकारिता को ही करियर बना लिया। 6+ साल पहले 'आपकी मीडिया' जैसे बहुआयामी संस्थान... और पढ़ें
Previous Post Next Post

Advertisement