देहरादून में विश्व आपदा प्रबंधन सम्मेलन–2025: भूपेंद्र यादव ने ‘सिल्क्यारा विजय अभियान’ को बताया भारत की आपदा प्रबंधन क्षमता का उदाहरण

देहरादून में यूकॉस्ट (UCOST) द्वारा आयोजित विश्व आपदा प्रबंधन सम्मेलन–2025 में देश-विदेश के विशेषज्ञों ने भाग लिया। इस दौरान केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने वर्चुअल माध्यम से सम्मेलन को संबोधित किया। अपने संबोधन में उन्होंने भारत की आपदा प्रबंधन क्षमताओं और वैश्विक भूमिका पर विशेष रूप से जोर देते हुए “सिल्क्यारा विजय अभियान” का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यह अभियान भारत की वैज्ञानिक क्षमता, मजबूत नेतृत्व और टीम भावना का बेहतरीन उदाहरण है, जिसने पूरे विश्व का ध्यान आकर्षित किया।

यूकॉस्ट द्वारा आयोजित विश्व आपदा प्रबंधन सम्मेलन

सिल्क्यारा विजय अभियान: भारत की वैज्ञानिक और तकनीकी शक्ति का प्रतीक

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सिल्क्यारा सुरंग में फंसे श्रमिकों को सुरक्षित निकालने का अभियान भारत के इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में दर्ज हो चुका है।
उन्होंने बताया कि:

  • इस अभियान ने आपदा प्रबंधन में तेजी, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और तकनीकी दक्षता का नया मानदंड स्थापित किया।
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत वैश्विक स्तर पर आपदा प्रबंधन में तेजी से उभरती शक्ति बना है।

CDRI: वैश्विक आपदा प्रबंधन में भारत की अग्रणी भूमिका

भूपेंद्र यादव ने Coalition for Disaster Resilient Infrastructure (CDRI) की स्थापना को भारत के लिए “ऐतिहासिक उपलब्धि” बताया।
उन्होंने कहा कि CDRI के माध्यम से भारत विश्व के अनेक देशों के साथ मिलकर ऐसी अवसंरचनाओं का निर्माण कर रहा है जो प्राकृतिक आपदाओं का सामना करने में सक्षम हों।

हिमालय को बताया पर्यावरण और संस्कृति का केंद्र

केंद्रीय मंत्री ने हिमालय को:

  • आध्यात्मिक धरोहर
  • पर्यावरणीय संवेदनशीलता
  • सांस्कृतिक पहचान

का केंद्र बताते हुए कहा कि विश्व स्तर की आपदा प्रबंधन नीतियों में हिमालय को केंद्र में रखना अनिवार्य है। क्योंकि यहां की भौगोलिक परिस्थितियाँ विश्व की जलवायु और पर्यावरणीय संतुलन को प्रभावित करती हैं।

उत्तराखंड की प्रगति पर प्रशंसा

रजत जयंती वर्ष के अवसर पर उत्तराखंडवासियों को बधाई देते हुए मंत्री ने कहा कि:

  • मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य नए मार्गों पर आगे बढ़ रहा है।
  • राज्य आपदा प्रबंधन, वैज्ञानिक अनुसंधान और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्रों में निरंतर प्रगति कर रहा है।

उन्होंने आशा व्यक्त की कि सम्मेलन से निकले विचार, शोध और नीतिगत सुझाव भविष्य में बहु-आपदा प्रबंधन रणनीतियों को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण साबित होंगे।

सम्मेलन की महत्वता

  • विश्व आपदा प्रबंधन सम्मेलन–2025 का उद्देश्य:
  • आपदा प्रबंधन में नवीन तकनीकों का आदान-प्रदान
  • वैज्ञानिक शोध को नीति-निर्माण से जोड़ना
  • वैश्विक विशेषज्ञों के साथ रणनीतिक सहयोग
  • भविष्य की आपदा चुनौतियों के समाधान

जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर व्यापक चर्चा करना रहा।

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