बेस अस्पताल श्रीनगर में गलत इंजेक्शन से छात्र की जिंदगी संकट में: इलाज, जांच और मुआवजे की मांग


Aapki Media AI


श्रीनगर (गढ़वाल), 22 नवंबर : हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय के छात्र आकाश बोहरा (बीएससी बायोटेक्नोलॉजी) को 28 अगस्त 2025 को खेलते समय उनके पैर में लोहे की चोट लग गई थी। चोट के तुरंत बाद वह बेस अस्पताल श्रीनगर पहुँचे, जहां एक इंटर्न डॉक्टर ने टिटनेस इंजेक्शन गलत तकनीक से लगा दिया। जिस इंजेक्शन से बचाव होना था, वही उनकी जान के लिए खतरा बन गया। इंजेक्शन के एक सप्ताह बाद शरीर पर भयंकर सूजन, जलन के साथ असहनीय दर्द शुरू हो गया। अस्पताल प्रशासन ने तीन सप्ताह तक केवल दवाइयाँ देकर मामले को टालने का प्रयास किया। मामले की गंभीरता को समझकर छात्र के परिवार ने दिल्ली AIIMS में जांच करवाई, जहाँ पता चला – गलत इंजेक्शन के कारण आकाश के कंधे में "Posterior Labral Cyst with massive fluid collection" बन गया है, हड्डियाँ कमजोर हो रही हैं और तुरंत दो लाख रुपये की सर्जरी जरूरी है।

बेस अस्पताल श्रीनगर में गलत इंजेक्शन से छात्र की जिंदगी संकट में

पारिवारिक एवं शैक्षणिक संकट

आकाश का परिवार आर्थिक रूप से अत्यंत कमजोर है। उनके पिता उच्च रक्तचाप के मरीज हैं, मां 13 वर्ष पुराने हादसे के बाद आज भी अस्वस्थ हैं। इतना अधिक खर्च उठाना उनके लिए असंभव है। इन सबके परिणामस्वरूप, आकाश स्थायी दर्द, सिरदर्द, चक्कर और गंभीर मानसिक तनाव से गुजर रहे हैं। उनकी पढ़ाई और भविष्य अधर में लटक गया है।

छात्र समुदाय की कार्रवाई

समस्त छात्र समुदाय ने 22 नवंबर 2025 को इस मामले में वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली राजकीय आयुर्विज्ञान एवं शोध संस्थान के प्रधानाचार्य को लिखित शिकायत दी है। मुख्यमंत्री, चिकित्सा शिक्षा निदेशक, स्वास्थ्य महानिदेशक, सीएमओ पौड़ी गढ़वाल, कुलपति एवं उत्तराखंड मेडिकल काउंसिल को भी इस पत्र की प्रतिलिपि भेजी गई है।

मुख्य मांगें

  1. मामले की तुरन्त उच्च स्तरीय जांच हो
  2. जिम्मेदार लोगों पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए
  3. इलाज, दवा, यात्रा एवं शिक्षा संबंधी संपूर्ण खर्च की भरपाई राज्य सरकार या अस्पताल द्वारा की जाए
  4. पीड़ित छात्र को उचित मुआवजा दिया जाए

छात्रों की मांग है कि प्रशासन इस गम्भीर चिकित्सकीय लापरवाही को तुरंत गंभीरता से लेते हुए पीड़ित छात्र के जीवन और पढ़ाई को बचाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए। आकाश की दर्दनाक कहानी राज्य में मेडिकल कार्यप्रणाली बदलने की आवश्यकता को उजागर करती है।

प्रेस विज्ञप्ति जारीकर्ता: आकाश बोहरा, नितिन मलेठा, गोविंद, श्रीकांत, अमन, अंकित एवं हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय के समस्त छात्र 




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Krishna Kumar
लेखक के बारे में

कृष्ण कुमार

कृष्ण कुमार को छोटी उम्र से ही खबरों की दुनिया ने इतना रोमांचित किया कि पत्रकारिता को ही करियर बना लिया। 6+ साल पहले 'आपकी मीडिया' जैसे बहुआयामी संस्थान... और पढ़ें
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