देहरादून | 27 दिसंबर 2025 | उत्तराखंड के बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में एक बार फिर न्याय की आवाज बुलंद होने लगी है। मामले में सामने आए नए तथ्यों और सोशल मीडिया पर वायरल हुए ऑडियो-वीडियो ने जांच की दिशा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इसी कड़ी में आज राष्ट्रवादी रीजनल पार्टी ने देहरादून जिलाधिकारी कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया और मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंपने की मांग की।
DM कार्यालय पर भारी नारेबाजी और प्रदर्शन
पार्टी की प्रदेश अध्यक्ष सुलोचना ईष्टवाल के नेतृत्व में दर्जनों कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट परिसर में नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को संबोधित एक ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा। ज्ञापन में स्पष्ट किया गया है कि वर्तमान SIT जांच अपूर्ण और पक्षपातपूर्ण रही है, जिसे नए सिरे से शुरू किया जाना चाहिए।
न्याय के लिए CBI जांच अनिवार्य
प्रदर्शन के दौरान नेताओं ने सरकार और जांच एजेंसियों पर तीखे प्रहार किए:
- सुलोचना ईष्टवाल (प्रदेश अध्यक्ष): "यह केवल अंकिता के परिवार की लड़ाई नहीं, बल्कि उत्तराखंड की हर बेटी की सुरक्षा का सवाल है। नए तथ्यों और सबूतों के साथ छेड़छाड़ की आशंका को देखते हुए CBI जांच ही एकमात्र विकल्प है।
- शिवप्रसाद सेमवाल (राष्ट्रीय अध्यक्ष): "इस पूरे मामले में राजनीतिक दबाव की गंध आ रही है। अगर सरकार ने जल्द ही सीबीआई जांच की सिफारिश नहीं की, तो राज्यव्यापी बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा।
- नवीन पंत (महानगर अध्यक्ष): "एसआईटी की कमियों को दूर करने और सत्ता के दुरुपयोग को रोकने के लिए मामला दोबारा खुलना चाहिए।
क्या है नया विवाद?
गौरतलब है कि मई 2025 में कोर्ट ने इस मामले के तीन मुख्य आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। हालांकि, दिसंबर 2025 में कुछ नए ऑडियो-वीडियो वायरल हुए हैं, जिनमें नए गवाहों और कुछ रसूखदार लोगों की संलिप्तता के दावे किए जा रहे हैं। इन खुलासों ने शांत हो चुके इस मामले को फिर से सुर्खियों में ला दिया है।
विपक्ष और सत्ता पक्ष की प्रतिक्रिया
जहाँ कांग्रेस पार्टी ने कोर्ट की निगरानी में CBI जांच की मांग का समर्थन किया है, वहीं भाजपा ने इन नए घटनाक्रमों को विपक्ष की 'राजनीतिक साजिश' करार दिया है।
प्रदर्शन में ये नेता रहे शामिल
प्रदर्शन के दौरान मुख्य रूप से शिव प्रसाद सेमवाल, सुलोचना ईष्टवाल, भगवती प्रसाद नौटियाल, नवीन पंत, विनोद कोठियाल, योगेश ईष्टवाल, भगवती प्रसाद गोस्वामी, सुभाष नौटियाल, दयाराम मनौड़ी, प्रीतम नेगी, सोभित भद्री, श्रवण कुमार, शशी रावत, मंजू रावत और बसंती गोस्वामी सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।
