देहरादून में दून ऑटो यूनियन ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर मुख्यमंत्री आवास कूच किया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस-प्रशासन ने मुख्यमंत्री आवास से पहले ही बैरिकेडिंग लगाकर ऑटो यूनियन के कार्यकर्ताओं को रोक दिया, जिससे क्षेत्र में कुछ समय के लिए तनाव की स्थिति बनी रही।
ऐप-आधारित ऑटो से रोजगार पर असर
ऑटो यूनियन का कहना है कि रैपीडो सहित अन्य ऐप-आधारित और इलेक्ट्रॉनिक ऑटो बिना किसी ठोस नियम और नीति के संचालित हो रहे हैं। इससे पारंपरिक ऑटो चालकों के रोजगार पर गंभीर प्रभाव पड़ रहा है। यूनियन नेताओं के अनुसार, शहर में न तो पर्यटन पर्याप्त है और न ही यात्रियों की संख्या, इसके बावजूद इलेक्ट्रॉनिक ऑटो की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है।
200 रुपये की कमाई में नहीं चल पा रहा घर
प्रदर्शन कर रहे ऑटो चालकों ने बताया कि दिनभर मेहनत करने के बावजूद महज 200 रुपये तक की कमाई हो पा रही है। ऐसे में परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल हो गया है और ऑटो चालक आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं।
प्रमुख मांगें क्या हैं
ऑटो यूनियन ने सरकार के सामने अपनी प्रमुख मांगें रखते हुए कहा कि
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इलेक्ट्रॉनिक ऑटो का रजिस्ट्रेशन कम से कम 10 साल के लिए बंद किया जाए
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नया ऑटो लेने के लिए मूल निवास प्रमाण पत्र अनिवार्य किया जाए
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सभी जरूरी दस्तावेजों की सख्त जांच के बाद ही परमिट जारी किए जाएं
उग्र आंदोलन की चेतावनी
यूनियन नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो आने वाले समय में और भी बड़ा एवं उग्र आंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।