युवा साहित्य कला मंच, रुद्रप्रयाग एक साहित्यिक एवं सांस्कृतिक संगठन है, जिसका उद्देश्य युवाओं में सृजनात्मक सोच, सामाजिक जिम्मेदारी और सांस्कृतिक चेतना का विकास करना है। यह मंच लोकभाषा, पारंपरिक कलाओं और साहित्य के संरक्षण व संवर्धन के लिए निरंतर सक्रिय है।
इस मंच की स्थापना 18 जनवरी 2026 को रुद्रप्रयाग (उत्तराखंड) में की गई थी। स्थापना के साथ ही इस संगठन ने जिले के साहित्यिक और सांस्कृतिक वातावरण को नई दिशा देने का कार्य शुरू किया।
स्थापना की पृष्ठभूमि और दृष्टि
युवा साहित्य कला मंच की स्थापना इस विचार के साथ की गई कि आधुनिक दौर में युवाओं को अपनी भाषा, संस्कृति और परंपराओं से जोड़ा जाए। मंच का मानना है कि लोकभाषा और पारंपरिक कलाएँ समाज की आत्मा होती हैं, जिनका संरक्षण भविष्य की पीढ़ियों के लिए अत्यंत आवश्यक है।
मंच के प्रमुख उद्देश्य
- विरासत संरक्षण: लोकभाषाओं और पारंपरिक कलाओं का संवर्धन
- सामाजिक चेतना: युवाओं में सृजनात्मक सोच और जिम्मेदारी का विकास
- प्रतिभा को मंच: युवा कवियों, लेखकों और कलाकारों को सशक्त प्लेटफ़ॉर्म देना
- नियमित आयोजन: कवि गोष्ठियों, साहित्यिक चर्चाओं और नाट्य कार्यक्रमों का निरंतर आयोजन
- जमीनी जुड़ाव: विद्यालयों और ग्रामीण क्षेत्रों तक साहित्य और संस्कृति की पहुँच
अतिरिक्त उद्देश्य
- सम्मान परंपरा: साहित्य, कला और समाज में उत्कृष्ट कार्य करने वालों का उत्साहवर्धन
- नेतृत्व की कमान: अनुभवी मार्गदर्शकों और ऊर्जावान युवाओं का अनूठा संगम
युवा साहित्य कला मंच, रुद्रप्रयाग – पदाधिकारी सूची
| पद | नाम | मोबाइल नंबर |
|---|---|---|
| संस्थापक एवं अध्यक्ष | युवा कवि सतपाल | 9027845017 |
| उपाध्यक्ष | राकेश जिर्वाण ‘हंस’ | +91 76680 15272 |
| महासचिव | पंकज बिंदास | +91 75350 73089 |
| कोषाध्यक्ष | प्रियंका | 7453814481 |
| मीडिया प्रभारी | कृष्ण कुमार | +91 74578 17216 |
कार्यकारिणी सदस्य
| पद | नाम | |
|---|---|---|
| कार्यकारिणी सदस्य | अंजली बुटोला | |
| कार्यकारिणी सदस्य | सोनम काला | |
| कार्यकारिणी सदस्य | शिवानी नेगी |
| कार्यकारिणी सदस्य | डॉ. रेशमा पंवार |
| कार्यकारिणी सदस्य | श्रीकांत |
| कार्यकारिणी सदस्य | अखिलेश भैतवाल |
साहित्यिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियाँ
युवा साहित्य कला मंच, रुद्रप्रयाग द्वारा समय-समय पर:
- कवि गोष्ठियाँ एवं कविता पाठ
- विद्यालय एवं ग्रामीण स्तर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम
- लोकभाषा आधारित साहित्यिक आयोजन
- नाट्य एवं रंगमंच प्रस्तुतियाँ
- रचनात्मक लेखन कार्यशालाएँ
आयोजित किए जाते हैं, जिससे साहित्य और कला समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँच सके।
रुद्रप्रयाग में मंच की भूमिका
आज युवा साहित्य कला मंच, रुद्रप्रयाग जिले में साहित्यिक चेतना और सांस्कृतिक जागरूकता का एक महत्वपूर्ण केंद्र बन चुका है। यह मंच युवाओं को न केवल अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर देता है, बल्कि उन्हें जिम्मेदार और संवेदनशील नागरिक बनने की प्रेरणा भी देता है। 18 जनवरी 2026 को स्थापित युवा साहित्य कला मंच, रुद्रप्रयाग लोकभाषा, परंपरागत कला और युवा सृजनशीलता का सशक्त प्रतीक है। अनुभवी नेतृत्व, सक्रिय कार्यकारिणी और स्पष्ट उद्देश्यों के साथ यह मंच भविष्य में उत्तराखंड के प्रमुख साहित्यिक-सांस्कृतिक संगठनों में अपनी मजबूत पहचान बनाने की ओर अग्रसर है।
