देहरादून में बढ़ते अपराधों और बाहरी व्यक्तियों की संदिग्ध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए एसएसपी प्रमेन्द्र सिंह डोभाल ने सख्त रुख अपनाते हुए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। पुलिस प्रशासन ने शहर के सभी मकान मालिकों, होटल संचालकों और औद्योगिक इकाइयों को दो-टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि वे अपने यहाँ रह रहे किरायेदारों और काम कर रहे कर्मचारियों का तत्काल पुलिस सत्यापन कराएं। यह अभियान केवल खानापूर्ति तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पुलिस की विशेष टीमें घर-घर और संस्थान-दर-संस्थान जाकर भौतिक रूप से पहचान पत्रों की जांच करेंगी। एसएसपी ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा मानकों के साथ समझौता करने वालों के खिलाफ अब किसी भी प्रकार की नरमी नहीं बरती जाएगी।
बाउंसर्स और पब संचालकों पर पुलिस की पैनी नजर
शहर की नाइटलाइफ और सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए एसएसपी ने विशेष रूप से पब, क्लब और बड़े होटलों में तैनात बाउंसर्स के लिए कड़े आदेश जारी किए हैं। अक्सर विवादों में रहने वाले बाउंसर्स का अब अनिवार्य रूप से पुलिस सत्यापन कराना होगा। इसके साथ ही, होटल, रेस्टोरेंट और ढाबा संचालकों को भी अपने यहाँ कार्यरत कर्मचारियों की सूची और उनके पहचान पत्र सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित करने होंगे। एसएसपी डोभाल ने निर्देश दिए हैं कि सभी कर्मचारियों को ड्यूटी के दौरान अपना पहचान पत्र साथ रखना अनिवार्य होगा, ताकि सत्यापन टीम के पहुँचने पर वे अपनी पहचान साबित कर सकें। यदि किसी कर्मचारी का सत्यापन अधूरा पाया गया, तो संबंधित संचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
अपराधिक इतिहास मिलने पर होगी तत्काल गिरफ्तारी
सत्यापन अभियान का मुख्य उद्देश्य शहर में छिपे उन अवांछित तत्वों की पहचान करना है, जो बाहरी राज्यों से आकर यहाँ शरण ले रहे हैं। एसएसपी ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि सत्यापन के दौरान यदि किसी व्यक्ति के खिलाफ गंभीर आपराधिक मुकदमे दर्ज पाए जाते हैं, तो उसे तत्काल हिरासत में लेकर नियमानुसार कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाए। उन्होंने फैक्ट्रियों और शिक्षण संस्थानों को भी आगाह किया है कि वे बाहरी राज्यों से आने वाले स्टाफ की पूरी प्रोफाइल पुलिस के साथ साझा करें। पुलिस का कहना है कि यह प्रक्रिया केवल सुरक्षा जांच नहीं है, बल्कि अपराधियों के मन में खौफ पैदा करने का एक जरिया है।
मकान मालिकों को एसएसपी की अंतिम चेतावनी
मकान मालिकों और फ्लैट्स के स्वामियों के लिए एसएसपी ने कड़ा संदेश देते हुए कहा है कि केवल किराए के लालच में बिना सत्यापन के अनजान लोगों को पनाह न दें। उन्होंने अपील की है कि सत्यापन प्रक्रिया में पुलिस प्रशासन का सहयोग करें, क्योंकि एक छोटी सी लापरवाही पूरे शहर की सुरक्षा को खतरे में डाल सकती है। पुलिस ने साफ कर दिया है कि भविष्य में किसी भी अप्रिय घटना में यदि बिना सत्यापन वाला किरायेदार संलिप्त पाया गया, तो मकान मालिक को भी बराबर का भागीदार मानते हुए कार्रवाई की जाएगी। पुलिस प्रशासन अब पूरे जिले में सघन चेकिंग अभियान चलाकर हर बाहरी व्यक्ति का डेटाबेस तैयार करने में जुट गया है।
