ऋषिकेश में पुलिस का 'डोर-टू-डोर' स्ट्राइक: तड़के सुबह बंगाली बस्ती और मीरा नगर में दी दबिश, बिना सत्यापन रह रहे 6 किरायेदारों पर कार्रवाई

उत्तराखंड के डीजीपी दीपम सेठ द्वारा बाहरी व्यक्तियों के अनिवार्य सत्यापन के निर्देशों के बाद ऋषिकेश कोतवाली पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड पर नजर आ रही है। सुरक्षा की दृष्टि से संवेदनशील इलाकों पर पैनी नजर रखने के लिए आज तड़के पुलिस की दो विशेष टीमों ने शहर के मायाकुंड स्थित बंगाली बस्ती और आईडीपीएल के मीरा नगर क्षेत्र में औचक छापेमारी की। सुबह-सुबह भारी संख्या में पुलिस बल को अपने दरवाजों पर देख स्थानीय निवासियों में हड़कंप मच गया, लेकिन जब पुलिस ने सुरक्षा जांच और सत्यापन अभियान का उद्देश्य स्पष्ट किया, तब जाकर लोगों ने राहत की सांस ली। पुलिस का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में रह रहे बाहरी व्यक्तियों की पहचान सुनिश्चित करना और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर अंकुश लगाना है।


किरायेदारों का रिकॉर्ड और पुलिस की सघन पूछताछ

अभियान के दौरान पुलिस ने एक-एक घर का दरवाजा खटखटाकर वहां रह रहे किरायेदारों के बारे में विस्तृत जानकारी जुटाई। पुलिस की पूछताछ मुख्य रूप से इस बात पर केंद्रित थी कि किरायेदार मूल रूप से कहां के निवासी हैं, ऋषिकेश में क्या कार्य करते हैं, कितने समय से यहां रह रहे हैं और क्या उनके मकान मालिकों ने उनका विधिवत पुलिस वेरिफिकेशन करवाया है या नहीं। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान पुलिस ने एक डेटाबेस रजिस्टर भी मेंटेन किया ताकि भविष्य में किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में रिकॉर्ड का मिलान किया जा सके। प्रशासन का मानना है कि ऋषिकेश जैसे अंतरराष्ट्रीय पर्यटन स्थल पर सुरक्षा मानकों का पालन करना अनिवार्य है।

लापरवाह मकान मालिकों पर गिरी गाज

इस सघन तलाशी अभियान के दौरान बंगाली बस्ती और मीरा नगर में कुल 6 ऐसे किरायेदार पकड़े गए, जो बिना किसी पुलिस वेरिफिकेशन के लंबे समय से रह रहे थे। नियमों की अनदेखी करने पर पुलिस ने तत्काल सख्त रुख अपनाया और इन किरायेदारों के खिलाफ चालान काटकर भारी जुर्माना लगाने की कार्रवाई की। इसके साथ ही पुलिस ने उन मकान मालिकों को भी कड़ी फटकार लगाई जिन्होंने बिना कागजी कार्रवाई के बाहरी लोगों को अपने घरों में पनाह दे रखी थी। पुलिस अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि बिना वेरिफिकेशन के किरायेदार रखना कानूनी अपराध है और भविष्य में लापरवाही बरतने वाले मकान मालिकों के खिलाफ जेल भेजने जैसी कठोर कार्रवाई भी अमल में लाई जा सकती है।

शहर भर में जारी रहेगा सत्यापन का चक्र

ऋषिकेश कोतवाली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यह सत्यापन अभियान केवल एक दिन की कार्रवाई नहीं है, बल्कि समय-समय पर शहर के अन्य हिस्सों में भी इसी प्रकार के औचक निरीक्षण किए जाते रहेंगे। पुलिस ने स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति को किरायेदार रखने या दुकान पर कर्मचारी नियुक्त करने से पहले उनका पुलिस सत्यापन अनिवार्य रूप से कराएं। यह न केवल कानूनी जिम्मेदारी है, बल्कि शहर की आंतरिक सुरक्षा के लिए भी अत्यंत आवश्यक है। पुलिस ने साफ कर दिया है कि बाहरी राज्यों से आने वाले लोगों पर विशेष नजर रखी जा रही है ताकि देवभूमि की शांति और कानून-व्यवस्था को हर हाल में कायम रखा जा सके।

Previous Post Next Post

Contact Form