देहरादून, 19 मार्च 2026: हिन्दू नववर्ष और चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास पर एक ऐतिहासिक पहल की शुरुआत की। सूचना एवं लोक संपर्क विभाग द्वारा पहली बार तैयार किए गए सनातन परंपरा आधारित पंचांग कैलेंडर का मुख्यमंत्री ने विधिवत विमोचन किया। यह कैलेंडर राज्य की समृद्ध आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत को आधुनिक पीढ़ी तक पहुँचाने का एक सशक्त माध्यम बनेगा।
सूचना विभाग की 'अभिनव पहल'
यह पहली बार है जब उत्तराखंड सरकार के सूचना एवं लोक संपर्क विभाग ने केवल सरकारी छुट्टियों तक सीमित न रहकर, पूर्णतः सनातन पंचांग पर आधारित कैलेंडर प्रकाशित किया है। मुख्यमंत्री ने इस प्रयास को 'अभिनव' बताते हुए विभाग की सराहना की।
पंचांग कैलेंडर की मुख्य विशेषताएं
| विशेषता | विवरण |
| पंचांग विवरण | तिथि, वार, पक्ष, मास और नक्षत्रों की सटीक ज्योतिषीय जानकारी। |
| धार्मिक पर्व | उत्तराखंड के पारंपरिक त्योहारों, व्रतों और स्थानीय मेलों का समावेश। |
| आध्यात्मिक स्थल | देवभूमि के प्रमुख सिद्धपीठों और आस्था केंद्रों की आकर्षक झलक। |
| सांस्कृतिक चेतना | नई पीढ़ी को उत्तराखंड की जीवनशैली और सामाजिक संरचना से जोड़ना। |
"आस्था और सूचना का संगम": मुख्यमंत्री धामी
विमोचन के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि की परंपराएं केवल आस्था का विषय नहीं हैं, बल्कि यह हमारी सांस्कृतिक चेतना का अभिन्न अंग हैं। उन्होंने पंचांग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा:
"यह पंचांग कैलेंडर राज्यवासियों को न केवल विशेष दिवसों की जानकारी प्रदान करेगा, बल्कि हमारे पौराणिक ग्रंथों और धार्मिक आयोजनों की महत्ता से भी अवगत कराएगा। यह उत्तराखंड की गौरवशाली विरासत को संरक्षित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।"
प्रमुख स्थलों को मिला विशेष स्थान
कैलेंडर में उत्तराखंड के चारों धामों के साथ-साथ अन्य महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों को कलात्मक रूप से प्रदर्शित किया गया है। यह न केवल एक जानकारीपरक दस्तावेज है, बल्कि राज्य की ऐतिहासिक और आध्यात्मिक विरासत का एक प्रेरणादायक संकलन भी है।
इन अधिकारियों की रही उपस्थिति
कार्यक्रम के दौरान शासन के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे, जिन्होंने इस प्रोजेक्ट को धरातल पर उतारा:
- श्री विनय शंकर पांडेय (सचिव, सूचना)
- श्री बंशीधर तिवारी (महानिदेशक, सूचना)
- सूचना विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण।
सांस्कृतिक संरक्षण का नया अध्याय
मुख्यमंत्री ने आशा व्यक्त की कि यह पंचांग कैलेंडर राज्य के प्रत्येक नागरिक के लिए उपयोगी सिद्ध होगा। सरकार का उद्देश्य है कि आने वाले समय में इसे और अधिक व्यापक स्वरूप में प्रस्तुत किया जाए ताकि दुनिया भर में उत्तराखंड की विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान और मजबूत हो सके।
