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देहरादून: 'नौकरी' के नाम पर जिस्मफरोशी का दलदल, बिंदाल में घर के अंदर चल रहे रैकेट का पुलिस ने किया भंडाफोड़

देहरादून: राजधानी के पॉश इलाकों और रिहायशी कॉलोनियों में अनैतिक गतिविधियों के खिलाफ पुलिस ने 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपना ली है। 16 मार्च की देर रात, क्षेत्राधिकारी मसूरी जगदीश पंत के नेतृत्व में देहरादून पुलिस की एक संयुक्त टीम ने बिंदाल (गांधीनगर) क्षेत्र में एक घर पर औचक छापेमारी कर चल रहे वेश्यावृत्ति रैकेट का भंडाफोड़ किया। पुलिस ने मौके से तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है और दूसरे राज्यों से बुलाई गई तीन पीड़ित महिलाओं को सुरक्षित रेस्क्यू किया है।

ऑपरेशन का पूरा विवरण: एक नज़र में

मुख्य बिंदुजानकारी
छापेमारी का स्थानरघुनाथ मंदिर के पास, गांधीनगर (बिंदाल), देहरादून
गिरफ्तार अभियुक्तरानी देवी (संचालिका), आशीष कुमार पांडे, फूलो खान
रेस्क्यू की गई महिलाएं03 (अन्य राज्यों से बुलाई गई)
प्रमुख जांच इकाईएंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) एवं थाना कैंट पुलिस
बरामद सामग्री04 मोबाइल फोन और आपत्तिजनक सामग्री

व्हाट्सएप और कमीशन का 'डिजिटल' जाल

पुलिस की प्रारंभिक जांच और पूछताछ में इस रैकेट के संचालन का बेहद शातिर तरीका सामने आया है। अभियुक्तों ने तकनीक का उपयोग कर एक नेटवर्क तैयार किया था:

  1. तस्वीरों की शेयरिंग: मुख्य आरोपी रानी देवी व्हाट्सएप के जरिए संभावित ग्राहकों को महिलाओं की तस्वीरें भेजती थी।
  2. रेट और लोकेशन: फोन कॉल के माध्यम से ही 'फीस' और मिलने का स्थान तय किया जाता था।
  3. ट्रांसपोर्टेशन और कमीशन: अभियुक्त आशीष कुमार पांडे लड़कियों को ग्राहकों तक पहुँचाने का जिम्मा संभालता था, जिसके बदले वह मोटा कमीशन वसूलता था।

मजबूरी का फायदा: काम के बहाने बुलाया, दलदल में धकेला

रेस्क्यू की गई महिलाओं ने पुलिस को बताया कि उन्हें 'अच्छी नौकरी' और 'काम दिलाने' का झांसा देकर बाहरी राज्यों से देहरादून बुलाया गया था। यहाँ पहुँचने के बाद संचालिका रानी देवी ने उनकी आर्थिक मजबूरियों और असुरक्षा का फायदा उठाकर उन्हें जबरन अनैतिक कार्यों के लिए मजबूर किया।

पुलिस का कड़ा संदेश: > "रिहायशी इलाकों में किसी भी तरह की अनैतिक गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मकान मालिकों को भी चेतावनी दी गई है कि वे किरायेदारों का सत्यापन (Verification) अनिवार्य रूप से कराएं।"

पुलिस टीम और विधिक कार्रवाई

इस सफल ऑपरेशन को अंजाम देने वाली टीम में निम्नलिखित अधिकारी और कर्मचारी शामिल रहे:

  • नेतृत्व: श्री जगदीश पंत (CO मसूरी)
  • निरीक्षक: प्रदीप पंत (प्रभारी AHTU)
  • उप-निरीक्षक: विनयता चौहान (चौकी प्रभारी बिंदाल)
  • सहयोगी: कानि0 प्रदीप रावत, सुमन कार्की, आरती जोशी, योगेश सैनी और मनोज उप्रेती।

गिरफ्तार अभियुक्तों के विरुद्ध थाना कैंट में अनैतिक व्यापार निवारण अधिनियम (PITA) की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा पंजीकृत कर जेल भेज दिया गया है।

जनता के लिए अपील

देहरादून पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि यदि उनके आस-पड़ोस में कोई भी संदिग्ध गतिविधि या बिना सत्यापन के रहने वाले लोग दिखें, तो इसकी सूचना तुरंत स्थानीय थाने या 112 पर दें। आपकी एक सतर्कता किसी मजबूर महिला की जिंदगी बचा सकती है।

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