देहरादून: देवभूमि उत्तराखंड में शुद्ध खान-पान सुनिश्चित करने और मिलावटखोरी की जड़ों पर प्रहार करने के लिए राज्य सरकार ने कमर कस ली है। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FDA) विभाग को पूरे प्रदेश में दो सप्ताह का गहन अभियान चलाने का सख्त निर्देश दिया है। मंगलवार को आयोजित एक उच्च स्तरीय वर्चुअल बैठक में मंत्री ने स्पष्ट किया कि चारधाम यात्रा शुरू होने से पहले व्यवस्थाओं को चाक-चौबंद करना सरकार की प्राथमिकता है।
अभियान का मास्टर प्लान: मुख्य बिंदु
| मुख्य निर्देश | विवरण |
| अभियान की अवधि | 14 दिन (दो सप्ताह) का सघन अभियान |
| फोकस एरिया | चारधाम यात्रा मार्ग, होटल, और स्थानीय बाजार |
| कार्रवाई का स्वरूप | खाद्य नमूनों का संग्रह + सख्त कानूनी कार्रवाई |
| जागरूकता पहल | व्यापारियों और होटल मालिकों के साथ सेमिनार का आयोजन |
| नोडल एजेंसी | खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FDA) |
चारधाम यात्रा मार्ग पर 'जीरो टॉलरेंस'
19 अप्रैल से शुरू हो रही चारधाम यात्रा 2026 को देखते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने विभाग को विशेष कार्य योजना (Action Plan) तैयार करने को कहा है।
- कड़े कदम: यात्रा मार्ग पर बिकने वाले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होगा।
- सहयोगात्मक दृष्टिकोण: मिलावट रोकने के लिए विभाग केवल छापेमारी तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि व्यापारियों और होटल संचालकों के साथ मिलकर जागरूकता सेमिनार भी आयोजित करेगा।
- शुद्धता का संदेश: मंत्री का लक्ष्य है कि देश-दुनिया से आने वाले श्रद्धालु उत्तराखंड से शुद्ध भोजन और बेहतर स्वास्थ्य का अनुभव लेकर लौटें।
सैंपल कलेक्शन के साथ 'अवेयरनेस' पर जोर
डॉ. धन सिंह रावत ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि अभियान का उद्देश्य केवल दंड देना नहीं, बल्कि सुधार लाना भी है।
- नमूना संग्रहण (Sampling): संदिग्ध दुकानों और कारखानों से रैंडम सैंपल लिए जाएंगे और मिलावट पाए जाने पर तत्काल लाइसेंस रद्द करने जैसी कार्रवाई होगी।
- जन-जागरूकता: उपभोक्ताओं को मिलावटी सामान पहचानने के प्रति जागरूक करने के लिए विभिन्न गतिविधियां संचालित की जाएंगी।
बैठक में उपस्थित प्रमुख अधिकारी
इस महत्वपूर्ण वर्चुअल बैठक में शासन और स्वास्थ्य विभाग के दिग्गज शामिल रहे:
- सचिव: सचिन कुर्वे
- महानिदेशक (स्वास्थ्य): डॉ. सुनीता टम्टा
- अपर आयुक्त (FDA): ताजबर सिंह जग्गी
- उपायुक्त (FDA): गणेश कंडवाल
- निदेशक (चिकित्सा शिक्षा): डॉ. एके आर्य
- चारधाम नोडल अधिकारी: डॉ. सुजाता
जनता के लिए अपील
स्वास्थ्य विभाग ने आम जनता से भी अपील की है कि यदि उन्हें कहीं भी मिलावटी खाद्य पदार्थ या एक्सपायरी सामान बिकता हुआ दिखे, तो वे तुरंत विभाग के टोल-फ्री नंबर या स्थानीय खाद्य सुरक्षा अधिकारी को सूचित करें।
स्वस्थ उत्तराखंड, सुरक्षित यात्रा
दो सप्ताह का यह सघन अभियान मिलावटखोरों के मन में डर पैदा करने और बाजार में गुणवत्तापूर्ण उत्पादों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। चारधाम यात्रा से पहले इस तरह की सक्रियता राज्य की पर्यटन छवि को भी वैश्विक स्तर पर मजबूती प्रदान करेगी।
