देहरादून: राजधानी देहरादून की कानून-व्यवस्था को लेकर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) ने बेहद सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। सोमवार, 16 मार्च 2026 को पुलिस लाइन में आयोजित मासिक अपराध गोष्ठी के दौरान एसएसपी ने न केवल पुलिस अधिकारियों की क्लास ली, बल्कि कर्तव्य पालन में लापरवाही बरतने पर पूर्व थानाध्यक्ष को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
एसएसपी ने स्पष्ट किया कि पुलिस की कार्यप्रणाली में ढिलाई और जनता की शिकायतों की अनदेखी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
अपराध गोष्ठी के मुख्य निर्णय: एक नज़र में
| विषय | एसएसपी के कड़े निर्देश / कार्रवाई |
| अनुशासनात्मक कार्रवाई | लापरवाही पर पूर्व थानाध्यक्ष निलंबित; 1 साल से लंबित विवेचनाओं की जांच शुरू। |
| नशा और माइनिंग | नशे की बिक्री और अवैध खनन पर थाना प्रभारियों की जवाबदेही तय। |
| अवैध कब्जा | प्रॉपर्टी पर कब्जे में पुलिस की मिलीभगत पाए जाने पर सीधे एफआईआर। |
| महिला व बाल सुरक्षा | शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई हेतु 'अल्टीमेटम' जारी। |
| ट्रैफिक व्यवस्था | पीक आवर्स और स्कूल टाइमिंग के दौरान पुलिस की 'विजिबिलिटी' बढ़ाने के निर्देश। |
एसएसपी देहरादून की बड़ी कार्रवाई: क्यों गिजी गाज?
मासिक समीक्षा के दौरान एसएसपी ने पाया कि कुछ थाना क्षेत्रों में मुकदमों के पंजीकरण और विवेचना में भारी लापरवाही बरती जा रही है।
- निलंबन: मुकदमा लिखने में कोताही बरतने के मामले में एक पूर्व थानाध्यक्ष को सस्पेंड कर दिया गया।
- लंबित विवेचनाएं: जिन विवेचकों के पास 1 वर्ष से अधिक समय से अनावश्यक रूप से जांच लंबित है, उनके विरुद्ध विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं।
नशे और अवैध खनन पर 'जीरो टॉलरेंस'
देहरादून में बढ़ते नशे के कारोबार और अवैध खनन (Illegal Mining) पर एसएसपी ने नाराजगी जाहिर की। उन्होंने सभी थाना प्रभारियों को चेतावनी दी:
- नशे के खिलाफ प्रहार: यदि किसी क्षेत्र से नशे की बिक्री की शिकायत आती है, तो संबंधित थाना प्रभारी के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई होगी।
- माइनिंग और ओवरलोडिंग: डोईवाला थाने को छोड़कर अन्य क्षेत्रों में शस्त्र और जुआ अधिनियम के तहत ढीली कार्रवाई पर एसएसपी ने घोर आपत्ति जताई और सख्त निरोधात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए।
जमीन माफिया और पुलिस की मिलीभगत पर वार
राजधानी में जमीन पर अवैध कब्जे और धोखाधड़ी के बढ़ते मामलों को देखते हुए एसएसपी ने सख्त चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी अवैध कब्जे के प्रकरण में पुलिस की मिलीभगत पाई गई, तो सीधे थाना या चौकी प्रभारी के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी। भू-माफियाओं के खिलाफ सख्त 'क्रैकडाउन' शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।
पर्यटक सीजन और आगामी त्योहारों की तैयारी
आगामी रमजान, ईद और पर्यटक सीजन को देखते हुए पुलिस को हाई अलर्ट पर रखा गया है:
- पीस कमेटी: सभी थानों को अपने क्षेत्रों में शांति समिति की बैठकें करने को कहा गया है।
- वेरिफिकेशन: 'ऑपरेशन क्रैकडाउन' और 'ऑपरेशन स्माइल' के तहत हाई-राइज बिल्डिंगों और सोसायटियों में बाहरी व्यक्तियों का शत-प्रतिशत सत्यापन अनिवार्य कर दिया गया है।
- फायर सीजन: गर्मी के मौसम (फायर सीजन) को देखते हुए अग्निशमन इकाइयों को अलर्ट मोड पर रहने और उपकरणों को दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए हैं।
यातायात और सुरक्षा पर विशेष जोर
स्कूलों की छुट्टी और ऑफिस के समय (Peak Hours) होने वाले जाम से जनता को निजात दिलाने के लिए पुलिस की विजिबिलिटी बढ़ाने को कहा गया है। एसएसपी ने निर्देश दिए कि क्षेत्राधिकारी (CO) और थाना प्रभारी खुद सड़कों पर रहकर यातायात व्यवस्था की निगरानी करेंगे।
देहरादून एसएसपी का यह कड़ा रुख साफ करता है कि शहर में कानून का राज स्थापित करने के लिए पुलिस विभाग के भीतर ही 'सफाई अभियान' शुरू हो चुका है। लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों के लिए अब विभाग में कोई जगह नहीं है।
