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देहरादून में विजिलेंस का बड़ा एक्शन: 80 हजार की रिश्वत लेते बिजली विभाग का JE गिरफ्तार, महकमे में मचा हड़कंप

देहरादून: उत्तराखंड में भ्रष्टाचार के विरुद्ध मुख्यमंत्री की 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत सतर्कता अधिष्ठान (Vigilance) ने एक और बड़ी कामयाबी हासिल की है। देहरादून विजिलेंस टीम ने बिजली विभाग के एक जूनियर इंजीनियर (JE) को उपभोक्ता से 80,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी अधिकारी बिजली कनेक्शन देने और लोड बढ़ाने के नाम पर मोटी रकम की मांग कर रहा था।


मामले का मुख्य विवरण: एक नज़र में

विवरणजानकारी
आरोपी का नामअतुल कुमार (जूनियर इंजीनियर)
तैनाती स्थल33/11 केवी बिजलीघर, पथरी बाग, देहरादून
रिश्वत की राशि₹80,000
कारणनया बिजली कनेक्शन और विद्युत भार (Load) बढ़ाना
कार्रवाई टीमसतर्कता अधिष्ठान (Vigilance), देहरादून

भ्रष्टाचार का जाल: कैसे हुई गिरफ्तारी?

पूरा मामला तब शुरू हुआ जब एक जागरूक शिकायतकर्ता ने सतर्कता अधिष्ठान में जेई अतुल कुमार के खिलाफ मोर्चा खोला।

शिकायत का आधार:

शिकायतकर्ता ने बताया कि उसने अपनी पत्नी के नाम पर एक अपार्टमेंट खरीदा था। इस अपार्टमेंट में नया बिजली कनेक्शन लगवाने और विद्युत भार (Load) बढ़ाने के लिए वह बिजलीघर के चक्कर काट रहा था। पथरी बाग बिजलीघर में तैनात जेई अतुल कुमार ने इस काम के बदले 80 हजार रुपये की अवैध मांग की।

विजिलेंस का ट्रैप:

शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस निदेशक के निर्देश पर टीम ने गोपनीय जांच की, जिसमें आरोपों की पुष्टि हुई। इसके बाद टीम ने एक सुनियोजित 'ट्रैप' बिछाया। जैसे ही शिकायतकर्ता ने जेई अतुल कुमार को रिश्वत की रकम सौंपी, पहले से घात लगाकर बैठी विजिलेंस टीम ने उसे दबोच लिया।

विभागीय मिलीभगत की भी होगी जांच

जेई की गिरफ्तारी के बाद अब विजिलेंस की जांच का दायरा बढ़ गया है। अधिकारियों के मुताबिक:

  • भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
  • आरोपी के आवास और कार्यालय के दस्तावेजों की भी पड़ताल की जा सकती है।
  • टीम इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि क्या इस रिश्वतखोरी में विभाग के अन्य उच्चाधिकारी या कर्मचारी भी शामिल थे।

बिजली विभाग में हड़कंप

इस कार्रवाई के बाद उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPCL) के अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है। भ्रष्टाचार के खिलाफ विजिलेंस की इस त्वरित कार्रवाई ने संदेश दिया है कि सरकारी सेवाओं के नाम पर अवैध वसूली करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

भ्रष्टाचार की शिकायत कहाँ करें?

यदि आपसे भी कोई सरकारी कर्मचारी काम के बदले रिश्वत मांगता है, तो आप सतर्कता अधिष्ठान के टोल फ्री नंबर या स्थानीय कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं:

  • विजिलेंस हेल्पलाइन: 1064
  • जागरूक बनें: बिना डरे भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाएं ताकि प्रशासन पारदर्शी बन सके।

देहरादून विजिलेंस द्वारा की गई यह गिरफ्तारी उन भ्रष्ट अधिकारियों के लिए कड़ी चेतावनी है जो जनता के अधिकारों का सौदा करते हैं। 80 हजार रुपये की यह रिश्वतखोरी एक बड़े रैकेट का हिस्सा हो सकती है, जिसका खुलासा आगामी जांच में होने की उम्मीद है।

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