अल्मोड़ा: उत्तराखंड की राजनीति में क्षेत्रीय अस्मिता की अलख जगाने वाला उत्तराखंड क्रांति दल (UKD) अब 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए पूरी तरह 'एक्शन मोड' में आ गया है। अल्मोड़ा में आयोजित एक भव्य सदस्यता कार्यक्रम के दौरान यूकेडी के युवा मोर्चा के केंद्रीय अध्यक्ष आशीष नेगी की उपस्थिति में दर्जनों लोगों ने पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। इसमें भाजपा और कांग्रेस जैसे बड़े दलों को छोड़ आए कार्यकर्ताओं का शामिल होना राज्य के बदलते राजनीतिक समीकरणों की ओर इशारा कर रहा है।
अल्मोड़ा सदस्यता अभियान: मुख्य बिंदु
| विवरण | जानकारी |
| मुख्य अतिथि | आशीष नेगी (केंद्रीय अध्यक्ष, युवा मोर्चा यूकेडी) |
| प्रमुख जॉइनिंग | त्रिलोक लटवाल (पूर्व भाजपा युवा मोर्चा जिला अध्यक्ष) व अन्य |
| रणनीति | 2027 चुनाव 'एकला चलो' की नीति पर |
| मुख्य मुद्दा | गैरसैंण स्थायी राजधानी और क्षेत्रीय पहचान |
| संगठन विस्तार | 23 जिलाध्यक्षों के माध्यम से सक्रिय अभियान |
2027 का रण: "गठबंधन नहीं, अपने दम पर लड़ेंगे चुनाव"
अल्मोड़ा पहुँचे आशीष नेगी ने आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर पार्टी का रुख साफ कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि 2027 का चुनाव यूकेडी बिना किसी गठबंधन के, अपने दम पर लड़ेगी।
नेगी ने क्षेत्रीय ताकतों को संदेश देते हुए कहा, "जो भी ताकतें पहाड़ के हित में चुनाव मैदान में आना चाहती हैं, उनके लिए यूकेडी के दरवाजे खुले हैं, लेकिन हम किसी भी राष्ट्रीय दल के साथ गठबंधन के पक्ष में नहीं हैं।" दल का दावा है कि वर्तमान में उनके 23 जिलाध्यक्ष जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत कर रहे हैं।
गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने का संकल्प
यूकेडी ने एक बार फिर अपने मूल एजेंडे 'गैरसैंण स्थायी राजधानी' को धार दी है। आशीष नेगी ने कहा कि पहाड़ की पहचान और संसाधनों को बचाने के लिए गैरसैंण का राजधानी बनना अनिवार्य है। उन्होंने आरोप लगाया कि राष्ट्रीय दलों ने गैरसैंण के मुद्दे पर जनता को केवल गुमराह किया है, लेकिन यूकेडी का आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक लक्ष्य प्राप्त नहीं हो जाता।
भाजपा और कांग्रेस पर तीखा प्रहार
सदस्यता कार्यक्रम के दौरान नेगी ने कांग्रेस और भाजपा को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि दोनों ही राष्ट्रीय दलों ने बारी-बारी से उत्तराखंड को लूटा है और पहाड़ की समस्याओं की अनदेखी की है।
"पहाड़ की जनता अब भाजपा और कांग्रेस के छलावे को समझ चुकी है। लोग अब एक सशक्त क्षेत्रीय विकल्प की तलाश में हैं और यूकेडी उसी भरोसे को टूटने नहीं देगी।" - आशीष नेगी, केंद्रीय अध्यक्ष युवा मोर्चा
त्रिलोक लटवाल की जॉइनिंग से बढ़ा उत्साह
भाजपा युवा मोर्चा के पूर्व जिला अध्यक्ष त्रिलोक लटवाल सहित दर्जनों युवाओं का यूकेडी में शामिल होना पार्टी के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। त्रिलोक लटवाल ने अपनी बाइट में स्पष्ट किया कि वह राज्य के वास्तविक मुद्दों और क्षेत्रीय विकास के लिए यूकेडी के साथ जुड़े हैं।
क्या उत्तराखंड में चलेगा 'क्षेत्रीय कार्ड'?
अल्मोड़ा में यूकेडी की इस सक्रियता ने राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है। भाजपा और कांग्रेस से टूटकर आ रहे कार्यकर्ता यूकेडी के कुनबे को बढ़ा रहे हैं। अब देखना यह होगा कि 2027 तक यह लहर कितनी प्रभावी होती है।
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