कीर्तिनगर पुलिस बनी 'देवदूत': पुराने पुल पर नस काटकर बेसुध पड़े युवक की बचाई जान, समय रहते अस्पताल पहुँचाकर टली अनहोनी


Aapki Media AI


कीर्तिनगर (टिहरी गढ़वाल): कीर्तिनगर पुलिस की तत्परता और मानवीय संवेदनाओं ने बुधवार को एक युवक को मौत के मुंह से बाहर निकाल लिया। पुराने पुल पर प्रेम प्रसंग में मायूसी के चलते एक युवक ने अपने हाथ की नस काटकर जान देने की कोशिश की। खून से लथपथ और बेसुध पड़े इस युवक को पुलिस ने बिना एम्बुलेंस का इंतजार किए अपने वाहन से अस्पताल पहुँचाया, जिससे उसकी जान बच सकी।

घटना का विवरण: एक नज़र में

मुख्य बिंदुजानकारी
घटना का समयबुधवार, 18 मार्च 2026
स्थानपुराना पुल, कीर्तिनगर क्षेत्र
युवक की पहचानविपिन (पुत्र गेंदा लाल), निवासी रानीहाट
कारणप्रेम प्रसंग में विफलता (पुलिस के अनुसार)
अस्पतालश्रीकोट बेस हॉस्पिटल, श्रीनगर

डॉ. मयंक की सूचना और पुलिस का त्वरित एक्शन

बुधवार दोपहर डॉ. मयंक ने कीर्तिनगर थाने को फोन पर सूचना दी कि पुराने पुल के पास एक युवक अत्यंत गंभीर स्थिति में पड़ा है। युवक ने अपने हाथ की नस काट ली थी और मौके पर काफी अधिक खून बह चुका था।

बिना देरी के रेस्क्यू:

सूचना मिलते ही कीर्तिनगर पुलिस टीम मौके पर पहुँची। युवक की हालत नाजुक थी और अत्यधिक रक्तस्राव के कारण वह बेहोश हो चुका था। पुलिस ने स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए एम्बुलेंस का इंतजार करना उचित नहीं समझा और तुरंत सरकारी वाहन (थाने की गाड़ी) से उसे श्रीकोट बेस हॉस्पिटल, श्रीनगर पहुँचाया।

अस्पताल में सफल उपचार और होश वापसी

अस्पताल पहुँचते ही चिकित्सकों ने आपातकालीन उपचार शुरू किया। जांच के दौरान पता चला कि युवक की नाड़ी (Pulse) चल रही थी, जो एक सकारात्मक संकेत था। कुछ ही समय के उपचार के बाद युवक को होश आ गया।

  • स्वास्थ्य स्थिति: डॉक्टरों के अनुसार, समय रहते अस्पताल पहुँचने के कारण युवक अब खतरे से बाहर है।
  • पहचान: युवक की पहचान विपिन के रूप में हुई है, जो रानीहाट का निवासी है।

आत्मघाती कदम के पीछे की वजह

पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि विपिन प्रेम प्रसंग में चल रही समस्याओं के कारण मानसिक तनाव में था। इसी मायूसी और हताशा के चलते उसने पुराने पुल पर जाकर यह आत्मघाती कदम उठाया। पुलिस ने युवक की काउंसलिंग (परामर्श) की है और उसे सुरक्षित उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया है।

पुलिस की कार्यप्रणाली की सराहना

क्षेत्रीय जनता और परिजनों ने कीर्तिनगर पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की सराहना की है। यदि पुलिस एम्बुलेंस का इंतजार करती या कागजी कार्रवाई में समय गंवाती, तो अधिक खून बहने के कारण स्थिति जानलेवा हो सकती थी।

जीवन अनमोल है, मदद मांगें

यह घटना हमें याद दिलाती है कि कठिन समय में धैर्य खोना समाधान नहीं है। यदि आप या आपके आसपास कोई मानसिक तनाव से गुजर रहा है, तो कृपया पेशेवर मदद लें।

मदद के लिए संपर्क करें:

  • मानसिक स्वास्थ्य हेल्पलाइन (KIRAN): 1800-599-0019
  • पुलिस आपातकालीन सेवा: 112



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Krishna Kumar
लेखक के बारे में

कृष्ण कुमार

कृष्ण कुमार को छोटी उम्र से ही खबरों की दुनिया ने इतना रोमांचित किया कि पत्रकारिता को ही करियर बना लिया। 6+ साल पहले 'आपकी मीडिया' जैसे बहुआयामी संस्थान... और पढ़ें
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