हर्षिल (उत्तरकाशी): जनपद के सीमांत क्षेत्र हर्षिल के अंतर्गत मुखवा मोटर मार्ग पर एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। नशे की हालत में पैदल चल रहे एक नेपाली मूल के व्यक्ति का संतुलन बिगड़ गया और वह सड़क से लगभग 200 मीटर गहरी खाई में जा गिरा। भागीरथी नदी के किनारे गिरने के कारण व्यक्ति की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। सूचना मिलते ही SDRF और स्थानीय पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को रेस्क्यू किया।
घटना का विवरण: एक नज़र में
| मुख्य बिंदु | विवरण |
| मृतक का नाम | बिक्रम बहादुर (पुत्र बल बहादुर) |
| मूल निवास | नेपाल (हाल निवासी: ग्राम मुखवा, हर्षिल) |
| समय | मंगलवार, अपराह्न लगभग 03:30 बजे |
| स्थान | कछोरा के पास, हर्षिल-मुखवा मोटर मार्ग |
| खाई की गहराई | लगभग 200 मीटर (भागीरथी नदी के किनारे) |
कैसे हुआ हादसा?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतक बिक्रम बहादुर ग्राम मुखवा में मजदूरी का काम करता था। मंगलवार दोपहर वह हर्षिल से मुखवा की ओर पैदल जा रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार:
- व्यक्ति अत्यधिक नशे की हालत में था, जिस कारण वह सड़क पर अपना संतुलन नहीं बना सका।
- कछोरा नामक स्थान के पास उसका पैर फिसल गया और वह सीधे 200 मीटर गहरी खाई में गिर गया।
- खाई के नीचे भागीरथी नदी का पथरीला किनारा होने के कारण सिर और शरीर पर गंभीर चोटें आईं, जिससे उसकी मौके पर ही मृत्यु हो गई।
SDRF और पुलिस का रेस्क्यू ऑपरेशन
हादसे की सूचना मिलते ही थाना हर्षिल पुलिस और SDRF की टीम सक्रिय हुई। दुर्गम पहाड़ी और गहरी खाई होने के कारण शव को ऊपर सड़क तक लाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।
- शव बरामदगी: रेस्क्यू टीम ने खाई में उतरकर शव को कब्जे में लिया और स्ट्रेचर की मदद से मुख्य मार्ग तक पहुँचाया।
- विधिक कार्रवाई: पुलिस ने मौके पर ही शव का पंचनामा भरा और उसे पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल उत्तरकाशी भेज दिया है।
- शिनाख्त: मृतक की पहचान उसके साथियों और स्थानीय ग्रामीणों द्वारा की गई है।
प्रशासन की चेतावनी: नशा और पहाड़ी रास्ते
पहाड़ी क्षेत्रों में पैदल चलते समय या वाहन चलाते समय नशा करना जानलेवा साबित हो रहा है। पुलिस प्रशासन ने एक बार फिर स्थानीय लोगों और मजदूरों से अपील की है कि:
- संकरे पहाड़ी मार्गों पर चलते समय पूरी सावधानी बरतें।
- नशे की हालत में ऊँचाई वाले क्षेत्रों या गहरी खाई वाले रास्तों पर आवाजाही न करें।
- असुरक्षित स्थानों पर रेलिंग न होने की स्थिति में सड़क के अंदरूनी हिस्से से चलें।
मजदूरी कर परिवार चला रहा था बिक्रम
बिक्रम बहादुर पिछले कुछ समय से मुखवा गांव में रहकर अपनी आजीविका चला रहा था। इस अचानक हुई मौत से उसके साथी मजदूरों में शोक की लहर है। पुलिस अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है ताकि मौत के कारणों की आधिकारिक पुष्टि हो सके।
