भुवनेश्वर (उड़ीसा), 23 मार्च 2026: प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) देहरादून के माध्यम से उत्तराखंड के 15 वरिष्ठ पत्रकारों का एक प्रतिनिधिमंडल आज उड़ीसा की राजधानी भुवनेश्वर पहुंचा। इस अध्ययन दौरे का उद्देश्य केंद्र सरकार की फ्लैगशिप योजनाओं और उड़ीसा के सफल विकास मॉडल (Odisha Development Model) की जमीनी हकीकत को समझना है।
पारंपरिक स्वागत: 'पट्टा' और जगन्नाथ संस्कृति का मिलन
दौरे के पहले दिन की शुरुआत पीआईबी उड़ीसा के एडिशनल डीजी श्री अखिल कुमार मिश्रा (IIS 1999 बैच) के साथ एक परिचय सत्र से हुई। श्री मिश्रा ने उत्तराखंड से आए पत्रकारों का स्वागत उड़ीसा की प्रसिद्ध 'पट्टा' (पत्ताचित्र कला का आधार) पहनाकर किया। उन्होंने अपने प्रशिक्षण के दिनों को याद करते हुए मसूरी (LBSNAA) से अपने गहरे जुड़ाव को भी साझा किया।
उड़ीसा के विकास के 3 मजबूत स्तंभ
पत्रकारों के साथ संवाद के दौरान श्री मिश्रा ने उड़ीसा की उन योजनाओं पर प्रकाश डाला जो राज्य की आर्थिकी को नई दिशा दे रही हैं:
| योजना का नाम | निवेश/बजट | मुख्य प्रभाव |
| रेल कॉरिडोर परियोजना | ₹28,000 करोड़ | खनिज क्षेत्रों को पारादीप व धामरा पोर्ट से जोड़ना, लॉजिस्टिक्स में सुधार। |
| सेमीकंडक्टर मिशन | ₹4,000 - ₹4,600 करोड़ | भुवनेश्वर में चिप निर्माण यूनिट, EV और डिफेंस सेक्टर को मजबूती। |
| सुभद्रा योजना | महिला कल्याण | स्वयं सहायता समूहों (SHG) के जरिए महिलाओं को आर्थिक आत्मनिर्भरता। |
रेल कॉरिडोर: उड़ीसा की आर्थिकी का 'गेम-चेंजर'
श्री मिश्रा ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा प्रायोजित ₹28,000 करोड़ का रेल कॉरिडोर उड़ीसा के औद्योगिक परिदृश्य को बदल देगा। यह कॉरिडोर न केवल कोयला और लौह अयस्क के परिवहन को सस्ता करेगा, बल्कि सामान्य रेल ट्रैफिक के दबाव को कम कर यात्रियों को भी राहत देगा। इसे उड़ीसा के आर्थिक विकास की 'लाइफलाइन' माना जा रहा है।
तकनीकी हब बनता भुवनेश्वर: सेमीकंडक्टर योजना
उड़ीसा अब केवल खनिजों तक सीमित नहीं है, बल्कि हाई-टेक चिप मैन्युफैक्चरिंग का केंद्र बन रहा है। भुवनेश्वर में स्थापित हो रही चिप निर्माण और पैकेजिंग यूनिट्स से हजारों तकनीकी रोजगार सृजित होंगे, जो भारत की विदेशी चिप निर्भरता को कम करने में सहायक होंगे।
प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व और समन्वय
इस अध्ययन दौरे का नेतृत्व पीआईबी देहरादून के असिस्टेंट डायरेक्टर श्री संजीव सुंद्रियाल कर रहे हैं। उनके मार्गदर्शन में पत्रकार दल उड़ीसा के विभिन्न विकास कार्यों, ऐतिहासिक स्थलों और तकनीकी संस्थानों का भ्रमण करेगा। इस अवसर पर पीआईबी उड़ीसा के अधिकारी श्री महेंद्र जीना ने भी पत्रकारों के साथ डेटा और जमीनी फीडबैक साझा किया।
दो राज्यों के बीच ज्ञान का आदान-प्रदान
उत्तराखंड के पत्रकारों के लिए यह दौरा उड़ीसा की 'पत्ताचित्र' जैसी प्राचीन कला और 'सेमीकंडक्टर' जैसी आधुनिक तकनीक के संगम को समझने का एक अनूठा अवसर है। आने वाले दिनों में यह दल उड़ीसा के अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों का भी अवलोकन करेगा।
