उत्तराखंड के आईटीआई युवाओं के लिए 'ऋचा' की बड़ी पहल: IHCL और DSDE के सहयोग से 204 छात्र हुए हुनरमंद; मिला 'इंडस्ट्री-रेडी' प्रशिक्षण


Aapki Media AI


देहरादून, 18 मार्च 2026: देवभूमि उत्तराखंड के युवाओं को वैश्विक स्तर की औद्योगिक आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करने की दिशा में एक बड़ी सफलता प्राप्त हुई है। ऋचा के कुशल नेतृत्व में, कौशल विकास एवं रोजगार विभाग (DSDE) और इंडियन होटल्स कंपनी लिमिटेड (IHCL) के सहयोग से संचालित विशेष अपस्किलिंग कार्यक्रम का सफलतापूर्वक समापन हुआ।

चार आईटीआई केंद्रों में 14 सप्ताह का गहन प्रशिक्षण

ऋचा ने इस कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन की जिम्मेदारी संभाली, जिसे देहरादून और हरिद्वार के चार प्रमुख आईटीआई केंद्रों में संचालित किया गया:

  1. आईटीआई कालसी
  2. आईटीआई विकासनगर
  3. आईटीआई रोशनाबाद
  4. आईटीआई जगजीतपुर

इस पहल के अंतर्गत कुल 204 प्रशिक्षुओं को 14 सप्ताह तक उद्योग-विशिष्ट पाठ्यक्रम के माध्यम से प्रशिक्षित किया गया। मुख्य रूप से इलेक्ट्रिशियन और एसी तकनीशियन जैसे ट्रेड्स पर ध्यान केंद्रित किया गया, जो वर्तमान बाजार में अत्यधिक मांग में हैं।


कार्यक्रम की प्रमुख विशेषताएं और उपलब्धियां

विवरणमहत्वपूर्ण जानकारी
प्रशिक्षण अवधि14 सप्ताह (गहन व्यावहारिक प्रशिक्षण)
कुल लाभार्थी204 आईटीआई छात्र
मुख्य ट्रेड्सइलेक्ट्रिशियन, एसी तकनीशियन एवं संबंधित ट्रेड
सहयोगIHCL (पाठ्या कार्यक्रम) एवं DSDE उत्तराखंड
प्रमाणन तिथि18 मार्च 2026

व्यावहारिक ज्ञान और 'एक्सपोजर विजिट'

ऋचा के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं रखा गया। IHCL की तकनीकी टीम के सहयोग से छात्रों को:

  • होटल इंजीनियरिंग एक्सपोज़र: विभिन्न प्रतिष्ठित होटलों के इंजीनियरिंग विभागों का भ्रमण कराया गया।
  • रियल-टाइम प्रोजेक्ट्स: छात्रों ने समापन समारोह में स्वयं द्वारा विकसित उद्योग-अनुरूप प्रोजेक्ट्स का प्रदर्शन किया।
  • इंडस्ट्री स्टैंडर्ड्स: छात्रों को वास्तविक कार्यस्थल की अपेक्षाओं और सुरक्षा मानकों (Safety Standards) से रूबरू कराया गया।

सशक्तीकरण: टूल किट का वितरण

समापन समारोह के अवसर पर सभी 204 प्रशिक्षुओं को विशेष टूल किट प्रदान किए गए। ऋचा का मानना है कि ये किट छात्रों को न केवल नौकरी पाने में मदद करेंगे, बल्कि उन्हें अपना स्वयं का व्यवसाय (उद्यमिता) शुरू करने के लिए भी आवश्यक संसाधन प्रदान करेंगे।

गरिमामयी उपस्थिति और टीम वर्क

कार्यक्रम की सफलता में कई विशेषज्ञों और अधिकारियों का मार्गदर्शन रहा। सेतु आयोग के उपाध्यक्ष राजशेखर जोशी (वर्चुअल) और सलाहकार हनुमंत रावत सहित अनिल त्रिपाठी (अपर निदेशक, DSDE) और लव भारद्वाज (सेतु आयोग) ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

ऋचा के साथ उनकी टीम के सदस्यों—सौरव सिंह, श्रेया, मानसी शर्मा, परितोष बिष्ट, आशीष और केशव ने भी इस प्रोजेक्ट को धरातल पर उतारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। साथ ही, चेयरमैन एवं सीईओ निखिल पंत और सीडीओ मुदित पंत का सक्रिय सहयोग प्राप्त हुआ।

भविष्य की राह

IHCL के ‘पाठ्या’ कार्यक्रम के तहत सतत आतिथ्य (Sustainable Hospitality) को बढ़ावा देने वाली यह पहल उत्तराखंड के तकनीकी शिक्षा ढांचे में एक मील का पत्थर है। ऋचा के नेतृत्व में हुआ यह सफल क्रियान्वयन दर्शाता है कि जब सरकारी विभाग और निजी उद्योग (Public-Private Partnership) मिलकर काम करते हैं, तो युवाओं के लिए असीमित अवसर पैदा होते हैं।

 नोट: यह रिपोर्ट 18 मार्च 2026 को आयोजित समापन समारोह और कार्यक्रम के आधिकारिक विवरण पर आधारित है।




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Krishna Kumar
लेखक के बारे में

कृष्ण कुमार

कृष्ण कुमार को छोटी उम्र से ही खबरों की दुनिया ने इतना रोमांचित किया कि पत्रकारिता को ही करियर बना लिया। 6+ साल पहले 'आपकी मीडिया' जैसे बहुआयामी संस्थान... और पढ़ें
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