रुद्रपुर (ऊधमसिंह नगर), 20 मार्च 2026: ऊधमसिंह नगर जनपद में आबकारी विभाग ने राजस्व वृद्धि और उपभोक्ताओं की मांग को देखते हुए शराब की दुकानों के नेटवर्क का विस्तार किया है। जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया के निर्देशन और उप जिलाधिकारी गौरव पाण्डेय की अध्यक्षता में आयोजित लाटरी प्रक्रिया के माध्यम से जिले में 43 मदिरा दुकानों का आवंटन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
दुकानों का नया गणित: 152 से बढ़कर 175 हुई संख्या
जनपद में पहले से संचालित 152 दुकानों में से 132 दुकानों का नवीनीकरण पहले ही किया जा चुका था। शेष बची 20 पुरानी दुकानों और नव सृजित 23 नई दुकानों के लिए आज लाटरी निकाली गई।
| दुकानों का प्रकार | आवंटन की स्थिति |
| कुल वर्तमान दुकानें | 175 (152 पुरानी + 23 नई) |
| लाटरी द्वारा आवंटन | 43 (24 देशी + 19 विदेशी) |
| प्राप्त कुल आवेदन | 257 |
| नवीनीकृत दुकानें | 132 |
विदेशी मदिरा: कई जगह 'एकल आवेदन' पर मुहर
विदेशी मदिरा की 19 दुकानों में से 07 दुकानों पर मात्र एक-एक आवेदन प्राप्त हुए, जिन्हें सीधे आवंटित कर दिया गया। इनमें टनकपुर रोड खटीमा (कमला जोशी), सितारगंज (गोविन्द सिंह मेहता) और नादेही (अंशिका कण्डवाल) जैसे क्षेत्र शामिल हैं।
- बड़ी प्रतिस्पर्धा: रामराज रोड मंडी गेट (बाजपुर) की दुकान के लिए सबसे अधिक 62 आवेदन आए, जिसमें प्रकाश चन्द्र पाण्डे को लाटरी के माध्यम से दुकान आवंटित हुई। इसी तरह चैती चौराहा के लिए 26 आवेदनों में से अर्जुन सिंह खोलिया भाग्यशाली रहे।
देशी मदिरा: 11 दुकानों का एकल आवंटन
देशी मदिरा की 11 दुकानों पर एकल आवेदन के चलते कैलाश चन्द्र (सितारगंज चीनीमिल रोड), रूपेश कुमार (पुरनापुर) और मानसी बत्रा (भगवंतपुर) आदि को आवंटन मिला। वहीं मलसा गिरधरपुर की दुकान के लिए 30 आवेदकों के बीच मुकाबला था, जहाँ लोकेश कुमार सक्सेना के नाम लाटरी खुली।
प्रमुख आवंटन सूची (विदेशी व देशी मदिरा)
- किच्छा रोड सितारगंज: नवजोत सिंह
- रम्पुरा: मानसी बत्रा
- इन्दिरा कॉलोनी: हरीश चन्द्र जोशी
- सुल्तानपुर पट्टी: मनोज
- अनाज मंडी काशीपुर (देशी): रूपेश कुमार
- छिनकी किच्छा (देशी): राम अयोध्या
- खुर्पिया फार्म (देशी): अश्वनी कुमार
पारदर्शी प्रक्रिया और प्रशासनिक उपस्थिति
लाटरी प्रक्रिया जिला सभागार में पूरी पारदर्शिता के साथ संपन्न कराई गई। इस अवसर पर प्रभारी जिला आबकारी अधिकारी महेन्द्र बिष्ट सहित विभाग के कर्मचारी और भारी संख्या में आवेदनकर्ता मौजूद रहे। आवंटन प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई गई ताकि किसी भी प्रकार के विवाद की गुंजाइश न रहे।
