देहरादून, 20 मार्च 2026: उत्तराखंड के मौसम विभाग और आपदा प्रबंधन विभाग ने प्रदेश के सात जिलों के लिए 'अत्यंत गंभीर अलर्ट' जारी किया है। अगले 24 घंटों में पहाड़ी इलाकों में भारी बर्फबारी और मैदानी क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई गई है। विशेष बात यह है कि इस चेतावनी को सरकार ने 'सेल ब्रॉडकास्ट सिस्टम' के माध्यम से सीधे लोगों के मोबाइल स्क्रीन पर भेजकर अलर्ट की प्रभावशीलता का परीक्षण भी किया है।
इन जिलों में मौसम का 'रेड अलर्ट'
अलर्ट के अनुसार, अगले 24 घंटों में निम्नलिखित जिलों के छिटपुट स्थानों पर मौसम अपना रौद्र रूप दिखा सकता है:
- देहरादून
- उत्तरकाशी
- चमोली
- पिथौरागढ़
- रुद्रप्रयाग
- बागेश्वर
- चंपावत
मौसम की मुख्य चेतावनी और प्रभाव
| स्थिति | विवरण |
| बर्फबारी | 3000 मीटर और उससे अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भारी हिमपात की संभावना। |
| बारिश और तूफान | बिजली चमकने के साथ तेज आंधी-तूफान और ओलावृष्टि की आशंका। |
| समय सीमा | आगामी 24 घंटे (अत्यधिक संवेदनशील)। |
| ब्रॉडकास्ट टेस्ट | सरकार द्वारा सिस्टम की प्रभावशीलता जांचने हेतु 'इमरजेंसी मैसेज' भेजा गया। |
मोबाइल पर 'सेल ब्रॉडकास्ट' टेस्ट: घबराएं नहीं
आज दोपहर कई लोगों के मोबाइल फोन पर एक 'Extremely Severe Alert' का पॉप-अप मैसेज फ्लैश हुआ। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह इमरजेंसी अलर्ट सिस्टम का एक परीक्षण (Test) है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी बड़ी आपदा (जैसे भूकम्प या बाढ़) के समय सभी नागरिकों को एक साथ तुरंत सूचित किया जा सके।
पर्यटकों और स्थानीय निवासियों के लिए सलाह
- ऊंचाई वाले क्षेत्रों से बचें: 3000 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले स्थानों पर जाने वाले पर्यटक सावधानी बरतें।
- बिजली से सुरक्षा: आंधी-तूफान के समय पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।
- अपडेट रहें: रेडियो, टीवी और आधिकारिक मौसम बुलेटिन पर नज़र रखें।
आपदा प्रबंधन की नई तैयारी
इस 'टेस्ट मैसेज' और अलर्ट ने साफ कर दिया है कि उत्तराखंड प्रशासन आने वाले मानसून और कठिन मौसम की परिस्थितियों के लिए तकनीकी रूप से खुद को तैयार कर रहा है। नागरिकों से अपील की गई है कि वे इस चेतावनी को गंभीरता से लें और सुरक्षित स्थानों पर रहें।
नोट: यह रिपोर्ट मौसम विभाग द्वारा जारी आधिकारिक चेतावनी और मोबाइल सेल ब्रॉडकास्ट मैसेज पर आधारित है।
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