विकासनगर (देहरादून), 20 मार्च 2026: हिंदू नववर्ष के पावन अवसर पर आज विकासनगर की सड़कों पर अनुशासन, संस्कृति और सांप्रदायिक सद्भाव का एक अनूठा संगम देखने को मिला। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) द्वारा आयोजित विशाल पथ संचलन ने न केवल अपनी अनुशासित चाल से लोगों का ध्यान खींचा, बल्कि आपसी भाईचारे की एक नई इबारत भी लिखी।
चार इकाइयों का विशाल शक्ति प्रदर्शन
विकासनगर, कालसी, धर्मावाला और हरबर्टपुर की प्रमुख इकाइयों के संयुक्त तत्वावधान में इस संचलन का आयोजन किया गया। पूर्ण गणवेश (यूनिफॉर्म) में सजे सैकड़ों स्वयंसेवकों ने कदम से कदम मिलाते हुए नगर की मुख्य सड़कों से मार्च किया।
ऐतिहासिक पल: जामा मस्जिद के बाहर फूलों की वर्षा
इस आयोजन की सबसे भावुक और गौरवशाली तस्वीर तब सामने आई जब स्वयंसेवकों का काफिला विकासनगर मुख्य बाजार स्थित जामा मस्जिद के पास पहुंचा।
- भव्य स्वागत: रोजेदार मुस्लिम समुदाय के लोगों ने मस्जिद के बाहर खड़े होकर स्वयंसेवकों पर फूलों की भारी वर्षा की।
- भाईचारे के नारे: इस दौरान मस्जिद के पास से "हिंदुस्तान जिंदाबाद" और "न दूरी है न खाई है, हिंदू हमारे भाई हैं" जैसे नारों का उद्घोष हुआ।
- नेतृत्व: जामा मस्जिद विकासनगर के अध्यक्ष खालिद मंसूरी और उनके साथियों ने स्वयंसेवकों का गर्मजोशी से स्वागत कर समाज को एकजुट रहने का कड़ा संदेश दिया।
संस्कृति और एकता का संदेश
कार्यक्रम के दौरान संघ के वक्ताओं ने भारतीय संस्कृति की महानता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि हिंदू नववर्ष केवल एक तिथि नहीं, बल्कि हमारी गौरवशाली परंपरा का प्रतीक है। जामा मस्जिद के अध्यक्ष खालिद मंसूरी ने इस पहल के माध्यम से यह स्पष्ट किया कि मानवता और राष्ट्रवाद किसी भी धर्म से ऊपर है।
प्रशासनिक मुस्तैदी
विशाल भीड़ और आयोजन की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस-प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात रहा ताकि यातायात और शांति व्यवस्था बनी रहे।
विकासनगर की गलियों से गुजरी यह रैली केवल एक 'पथ संचलन' नहीं थी, बल्कि यह उन ताकतों को करारा जवाब था जो समाज को बांटने की कोशिश करती हैं। फूलों की हर पंखुड़ी ने आज 'एक भारत, श्रेष्ठ भारत' की महक बिखेरी।
