उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में अपराधियों के खिलाफ पुलिस का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। एसएसपी देहरादून के नेतृत्व में चलाए जा रहे 'ऑपरेशन प्रहार' ने अपराध जगत में खलबली मचा दी है। इसी क्रम में बीती देर रात दून पुलिस और एक शातिर अपराधी के बीच हुई आमने-सामने की मुठभेड़ ने यह साबित कर दिया है कि पुलिस अब किसी भी स्तर पर अपराधियों को ढील देने के मूड में नहीं है।
देर रात नाकेबंदी और पुलिस का सघन चेकिंग अभियान
घटना उस समय की है जब दून पुलिस अपने नियमित सघन चेकिंग अभियान को अंजाम दे रही थी। एसएसपी देहरादून के सख्त निर्देशों के बाद शहर के विभिन्न स्थानों पर पुलिस ने नाकेबंदी की हुई थी। इसी दौरान एक संदिग्ध कार को रुकने का इशारा किया गया, लेकिन अपराधी ने वाहन रोकने के बजाय उसे तेज रफ्तार में भगाना शुरू कर दिया। पुलिस टीम को भांपते ही अपराधी ने अपनी मंशा स्पष्ट कर दी थी, जिसके बाद पुलिस ने तत्काल प्रभाव से उसका पीछा शुरू किया।
आमने-सामने की मुठभेड़ और पुलिस का साहस
पीछा किए जाने के दौरान अपराधी ने खुद को घिरता देख अपनी कार एक सुनसान जगह पर रोकी और पुलिस टीम पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। अचानक हुई इस गोलीबारी से स्थिति तनावपूर्ण हो गई। पुलिस के जवानों ने अपनी जान की परवाह न करते हुए मोर्चा संभाला। आत्मरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से पुलिस टीम ने भी जवाबी फायरिंग की। दोनों तरफ से हुई इस गोलीबारी में अंततः अपराधी को पैर में गोली लगी और वह नीचे गिर गया। पुलिस की सतर्कता और साहस ने उसे भागने का कोई मौका नहीं दिया।
मौके से बरामदगी और कार की जब्ती
पुलिस ने घायल अपराधी को तत्काल दबोच लिया। तलाशी के दौरान उसके पास से एक अवैध देशी तमंचा और भारी मात्रा में जिंदा कारतूस बरामद हुए हैं, जो उसकी खतरनाक इरादों को दर्शाते हैं। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त कार को भी कब्जे में ले लिया है और उसे सीज कर दिया गया है। साक्ष्यों के संकलन के लिए फॉरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया गया ताकि अपराध से जुड़ी अन्य कड़ियां जोड़ी जा सकें।
एसएसपी का सख्त रुख और अस्पताल का दौरा
घटना की सूचना मिलते ही एसएसपी देहरादून ने संवेदनशीलता दिखाते हुए तुरंत अस्पताल का रुख किया। वहां उन्होंने मौके पर उपस्थित वरिष्ठ अधिकारियों से मुठभेड़ की पूरी जानकारी ली और पुलिस टीम की तत्परता की सराहना की। एसएसपी ने स्पष्ट किया कि देहरादून में किसी भी प्रकार का आपराधिक कृत्य बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और पुलिस का 'ऑपरेशन प्रहार' तब तक जारी रहेगा जब तक कि जिले से अपराधियों का सफाया न हो जाए।
अपराधी का काला चिट्ठा और लंबा आपराधिक इतिहास
पकड़ा गया अपराधी कोई साधारण चोर नहीं, बल्कि एक शातिर किस्म का बदमाश है। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि वह कोतवाली डोईवाला और रानीपोखरी में दर्ज चोरी के कई मामलों में लंबे समय से वांछित चल रहा था। उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट और चोरी जैसी गंभीर धाराओं में पहले से ही कई मुकदमे दर्ज हैं। वह लंबे समय से पुलिस को चकमा दे रहा था, लेकिन इस बार पुलिस की मजबूत घेराबंदी के आगे उसकी एक न चली।
क्षेत्र में सुरक्षा का संदेश और भविष्य की रणनीति
इस मुठभेड़ के बाद देहरादून के अपराधियों में खौफ का माहौल है। पुलिस का यह अभियान केवल एक अपराधी को पकड़ने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जिले में एक सुरक्षित और भयमुक्त वातावरण बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि उसके साथ इस नेटवर्क में और कौन-कौन से अपराधी जुड़े हैं। आने वाले दिनों में और भी बड़े खुलासे होने की संभावना है। दून पुलिस के इस कड़े रुख ने आम जनता के बीच सुरक्षा के प्रति विश्वास को और अधिक मजबूत किया है।
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