उत्तराखंड के टिहरी जनपद में 'ऑपरेशन प्रहार' के तहत पुलिस को साइबर अपराधियों के खिलाफ एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। थाना लम्बगांव पुलिस ने एक ऐसे शातिर ठग को गिरफ्तार किया है, जो खुद को बिजली विभाग का अधिकारी बताकर आम लोगों को अपना निशाना बनाता था। आरोपी को झारखंड के जमशेदपुर से गिरफ्तार कर पुलिस उसे ट्रांजिट रिमांड पर टिहरी ला रही है।
क्या था पूरा मामला?
घटना का विवरण देते हुए एसएसपी श्वेता चौबे ने बताया कि 19 फरवरी 2026 को ग्राम हैरवाल निवासी महेश सिंह रावत ने थाना लम्बगांव में एक शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़ित का आरोप था कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने बिजली विभाग का अधिकारी बनकर उन्हें फोन किया और बिजली बिल जमा करने के नाम पर एक फर्जी लिंक भेजा। जैसे ही पीड़ित ने उस लिंक पर क्लिक किया, उनके बैंक खाते से 2,59,500 रुपये की बड़ी रकम गायब हो गई।
तकनीकी साक्ष्यों से खुली जालसाजी की पोल
शिकायत मिलते ही पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया और मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। साइबर सेल की मदद से पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और डिजिटल फुटप्रिंट्स का गहन विश्लेषण किया। जांच के दौरान पुलिस को आरोपी के झारखंड में होने के पुख्ता सुराग मिले। इसके बाद पुलिस टीम ने जाल बिछाकर शिवम कुमार साहू (निवासी: जमशेदपुर, झारखंड) को धर दबोचा।
खुलासा: संगठित गिरोह का हिस्सा है आरोपी
पूछताछ में आरोपी शिवम कुमार साहू ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। उसने खुलासा किया कि वह एक संगठित साइबर ठग गिरोह का सदस्य है। काम करने का तरीका बताते हुए उसने कहा कि गिरोह के सदस्य कमीशन के लालच में दूसरों के बैंक खातों का उपयोग ठगी की रकम को इधर-उधर करने (मनी लॉन्ड्रिंग) में करते थे। यह गिरोह देश भर के अलग-अलग राज्यों में इसी तरह की वारदातों को अंजाम दे रहा था।
पुलिस की सतर्कता और भविष्य की कार्रवाई
एसएसपी श्वेता चौबे ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और बिजली बिल या अन्य सरकारी सेवाओं के नाम पर आने वाले संदिग्ध फोन कॉल्स से सावधान रहें। पुलिस की टीम अब इस संगठित गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है ताकि उनकी जड़ों तक पहुँचा जा सके।
पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की क्षेत्र में सराहना हो रही है। आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर टिहरी लाया जा रहा है, जहां उससे गिरोह के अन्य नेटवर्क और अब तक की गई ठगी के बारे में विस्तृत पूछताछ की जाएगी। 'ऑपरेशन प्रहार' के तहत टिहरी पुलिस का यह अभियान साइबर अपराधियों के लिए एक सख्त संदेश है।
