देहरादून: संदिग्ध आतंकी विक्रांत कश्यप पर 'राजद्रोह' का मुकदमा दर्ज; सुरक्षा प्रतिष्ठानों की खुफिया जानकारी विदेशों में भेजने का आरोप

देहरादून, 17 अप्रैल 2026: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में सुरक्षा एजेंसियों ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए झाझरा क्षेत्र से गिरफ्तार संदिग्ध आतंकी विक्रांत कश्यप के खिलाफ शिकंजा कस दिया है। आरोपी के खिलाफ अब राजद्रोह (Sedition) और शासकीय गुप्त बात अधिनियम (Official Secrets Act, 1923) के तहत गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

संदिग्ध आतंकी विक्रांत कश्यप पर 'राजद्रोह' का मुकदमा दर्ज

मामले के मुख्य बिंदु: देश की सुरक्षा से खिलवाड़

  1. संगठन से जुड़ाव: जांच में सामने आया है कि विक्रांत कश्यप कथित तौर पर प्रतिबंधित संगठन 'तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान' से जुड़ा हुआ था।
  2. खुफिया जानकारी साझा करना: आरोपी देहरादून के महत्वपूर्ण सुरक्षा प्रतिष्ठानों, सार्वजनिक स्थलों और सामरिक दृष्टि से संवेदनशील संस्थानों की लोकेशन डिटेल और वीडियो फुटेज विदेशी आकाओं तक पहुंचा रहा था।
  3. कानूनी कार्रवाई: प्रेमनगर थाने में आरोपी के विरुद्ध राजद्रोह और शासकीय गुप्त बात अधिनियम (OSA) के तहत FIR दर्ज की गई है।
  4. केंद्रीय एजेंसियों की दस्तक: मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय जांच एजेंसियों के अधिकारी दून पहुंचे और आरोपी से गहन पूछताछ की है।

एसटीएफ की जांच: नेटवर्क और फंडिंग का पता लगाने में जुटी पुलिस

एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने बताया कि मामले की जांच का दायरा बढ़ा दिया गया है। पुलिस न केवल आरोपी की गतिविधियों की जांच कर रही है, बल्कि उसके नेटवर्क और उसे मिलने वाली फंडिंग के स्रोतों का भी पता लगाया जा रहा है।

"यह मामला राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा है, इसलिए कई सुरक्षा एजेंसियां आपसी समन्वय के साथ काम कर रही हैं। आरोपी के संपर्कों और इस नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की पहचान की जा रही है।" — अजय सिंह, एसएसपी एसटीएफ

सुरक्षा एजेंसियों की बढ़ी सतर्कता

विक्रांत कश्यप की गिरफ्तारी के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे देहरादून और आसपास के संवेदनशील क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ा दी है। प्रारंभिक पूछताछ में कई ऐसे 'कनेक्शन' सामने आए हैं, जिन्होंने एजेंसियों को चौंका दिया है। आगामी दिनों में इस मामले में बड़े खुलासे होने की प्रबल संभावना है।

देहरादून जैसे शांत और सामरिक रूप से महत्वपूर्ण शहर में संदिग्ध आतंकी की मौजूदगी और उसका नेटवर्क सुरक्षा के लिए एक गंभीर चेतावनी है। एसटीएफ और केंद्रीय एजेंसियों की यह कार्रवाई बताती है कि देश की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी तत्व को बख्शा नहीं जाएगा।

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