कोटद्वार (पौड़ी), 17 अप्रैल 2026: पौड़ी पुलिस ने एक अत्यंत संवेदनशील मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है। मामला दिल्ली के राजेंद्र नगर थाने से स्थानांतरित होकर आई एक 'जीरो FIR' से जुड़ा है, जिसे कोटद्वार पुलिस ने अपनी कार्यकुशलता से सुलझाया।
मामले का संक्षिप्त विवरण
- पृष्ठभूमि: 12 मार्च 2026 को कोतवाली कोटद्वार को थाना राजेंद्र नगर, दिल्ली से एक जीरो FIR प्राप्त हुई।
- पीड़िता की शिकायत: पीड़िता ने आरोप लगाया था कि ध्रुवपुर, कोटद्वार क्षेत्र में अभियुक्त द्वारा उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए गए, जिसके परिणामस्वरूप वह गर्भवती हो गई।
- पंजीकृत धाराएं: मामले की गंभीरता को देखते हुए कोतवाली कोटद्वार में मुकदमा अपराध संख्या 56/2026, धारा 64(1) BNS एवं धारा 5(j)(2)/6 पोक्सो अधिनियम के तहत अभियोग दर्ज किया गया।
पुलिस की त्वरित और प्रभावी कार्रवाई
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री सर्वेश पंवार ने नाबालिग से जुड़े इस अति-संवेदनशील प्रकरण पर 'जीरो टॉलरेंस' नीति अपनाते हुए त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए थे।
प्रभारी निरीक्षक कोतवाली कोटद्वार के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने साक्ष्यों का वैज्ञानिक संकलन किया और गहन जांच के बाद अभियुक्त दिवाकर (निवासी बिजौली, सतपुली, पौड़ी गढ़वाल) की संलिप्तता की पुष्टि की। पुष्टि होते ही पुलिस टीम ने जाल बिछाकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। न्यायालय में पेशी के बाद उसे जेल भेज दिया गया है।
सराहनीय भूमिका निभाने वाली पुलिस टीम:
- महिला उपनिरीक्षक: दीपिका
- महिला आरक्षी: करिश्मा
- जनता में सुरक्षा का संदेश
पौड़ी पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से न केवल न्याय सुनिश्चित हुआ है, बल्कि अपराधी तत्वों में पुलिस के प्रति सख्त संदेश भी गया है। एसएसपी सर्वेश पंवार ने स्पष्ट किया है कि महिलाओं और नाबालिगों के विरुद्ध होने वाले अपराधों में पुलिस की कार्यवाही हमेशा 'तत्काल' और 'सख्त' रहेगी। यह मामला इस बात का भी प्रमाण है कि राज्य की सीमाएं अपराध की जांच में बाधा नहीं बनतीं और पुलिस समन्वय के माध्यम से न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है।
