गाजियाबाद एनकाउंटर: 4 साल की बच्ची से दरिंदगी करने वाला 'कातिल मामा' ढेर; पुलिस मुठभेड़ में 50 हजार का इनामी जसीम मारा गया

गाजियाबाद | 20 अप्रैल, 2026: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से एक बड़ी खबर सामने आई है। लोनी के टीला मोड़ क्षेत्र में 4 साल की मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म और उसकी नृशंस हत्या करने वाले मुख्य आरोपी मोहम्मद जसीम उर्फ छोटू को पुलिस ने मुठभेड़ (Encounter) में मार गिराया है। 50 हजार रुपये के इस इनामी बदमाश को एडीसीपी क्राइम पीयूष सिंह और एसीपी क्राइम के नेतृत्व में स्वात (SWAT) टीम ने ढेर किया।

4 साल की बच्ची से दरिंदगी करने वाला 'कातिल मामा' ढेर; पुलिस मुठभेड़ में 50 हजार का इनामी जसीम मारा गया

रिश्तों का कत्ल: सगा मामा ही निकला दरिंदा

घटना की पृष्ठभूमि बेहद हृदयविदारक है। बीते 11 तारीख को एक 4 साल की मासूम बच्ची का शव बरामद हुआ था, जिसकी दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी गई थी। पुलिस जांच में जो सच सामने आया, उसने सबको झकझोर कर रख दिया। बच्ची का हत्यारा कोई और नहीं, बल्कि उसका सगा मामा जसीम उर्फ छोटू ही निकला। घटना के बाद से ही पुलिस उसकी सरगर्मी से तलाश कर रही थी।

बनथला नहर के पास हुई मुठभेड़

पुलिस को आज गुप्त सूचना मिली थी कि जसीम अपने कुछ साथियों के साथ टीला मोड़ क्षेत्र में देखा गया है। इसी आधार पर पुलिस ने घेराबंदी शुरू की:

  1. घेराबंदी: स्वात टीम ने अलग-अलग जगहों पर चेकिंग लगाई।
  2. फायरिंग: बनथला नहर कट के पास जसीम को बाइक पर आते देखा गया। जब पुलिस ने उसे रोकने का प्रयास किया, तो उसने सरेंडर करने के बजाय टीम पर फायरिंग शुरू कर दी।
  3. जवाबी कार्रवाई: आत्मरक्षा में पुलिस ने भी गोलियां चलाईं, जिसमें जसीम गंभीर रूप से घायल हो गया।

अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने जसीम को मृत घोषित कर दिया। इस मुठभेड़ में पुलिस के दो कॉन्स्टेबल भी घायल हुए हैं, जिन्हें उपचार के लिए भर्ती कराया गया है।
फरार साथियों की तलाश और बरामदगी

मुठभेड़ स्थल से पुलिस को निम्नलिखित सामान बरामद हुआ है:

  • हथियार: अवैध तमंचे और भारी मात्रा में कारतूस।
  • वाहन: एक बाइक, जिससे आरोपी फरार होने की कोशिश कर रहा था।

पुलिस के अनुसार, जसीम के दो साथी मौके से भागने में सफल रहे। पुलिस उनकी तलाश में जुटी है और यह पता लगा रही है कि बच्ची की हत्या या जसीम को फरारी में मदद करने में उनका क्या रोल था।

इनामी अपराधी का अंत

जसीम का पुराना आपराधिक इतिहास मुजफ्फरनगर जिले में भी मिला है, जिसकी पुलिस गहनता से जांच कर रही है। इस सफल ऑपरेशन को अंजाम देने वाली पूरी पुलिस टीम को ₹50,000 का पुरस्कार देने की घोषणा की गई है। इस एनकाउंटर के बाद स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है, क्योंकि इस जघन्य अपराध ने पूरे क्षेत्र में आक्रोश और भय का माहौल पैदा कर दिया था।

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