जनगणना 2027: कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने स्वयं की 'स्वगणना'; प्रदेशवासियों से 24 अप्रैल तक राष्ट्रीय अभियान में जुड़ने की अपील

देहरादून | 20 अप्रैल, 2026 : उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री श्री सुबोध उनियाल ने आगामी 'जनगणना 2027' को लेकर एक महत्वपूर्ण पहल की है। उन्होंने स्वगणना (Self-Enumeration) प्रक्रिया के तहत स्वयं अपनी जानकारी ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज कर प्रदेश के नागरिकों के सामने एक मिसाल पेश की। इस अवसर पर उन्होंने राज्य की जनता से आह्वान किया कि वे 24 अप्रैल तक इस डिजिटल प्रक्रिया का हिस्सा बनकर राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान दें।

कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने स्वयं की 'स्वगणना';

विकास की आधारशिला है सटीक जनगणना

मंत्री सुबोध उनियाल ने जनगणना के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह केवल संख्या बल का आंकड़ा मात्र नहीं है, बल्कि देश के भविष्य का ब्लूप्रिंट है। उन्होंने कहा:

"प्रत्येक नागरिक द्वारा दी गई सटीक जानकारी ही आने वाले समय में सरकारी योजनाओं, स्वास्थ्य सुविधाओं, शिक्षा नीतियों और ढांचागत विकास की दिशा तय करती है। एक जिम्मेदार नागरिक के तौर पर यह हम सबका प्राथमिक कर्तव्य है।"

डिजिटल स्वगणना: सरल, सटीक और पारदर्शी

सरकार ने इस बार तकनीकी का लाभ उठाते हुए स्वगणना (Self-Enumeration) की विशेष सुविधा दी है।

  • सुविधा: अब नागरिक अपने मोबाइल, टैबलेट या कंप्यूटर के माध्यम से घर बैठे ही अपनी और अपने परिवार की जानकारी दर्ज कर सकते हैं।
  • लाभ: इससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि आंकड़ों में पारदर्शिता और सटीकता भी बनी रहेगी।

24 अप्रैल है अंतिम तिथि; आधिकारिक वेबसाइट का ही करें प्रयोग

मंत्री उनियाल ने नागरिकों को साइबर सुरक्षा के प्रति सचेत करते हुए विशेष निर्देश दिए:

  1. आधिकारिक पोर्टल: स्वगणना के लिए केवल भारत सरकार की आधिकारिक वेबसाइट का ही उपयोग करें।
  2. प्रेरणा: स्वयं की गणना करने के साथ-साथ अपने पड़ोसियों, मित्रों और रिश्तेदारों को भी इसके लिए जागरूक करें।
  3. समय सीमा: पोर्टल पर स्वगणना की सुविधा 24 अप्रैल 2026 तक ही उपलब्ध है।

राष्ट्रीय जिम्मेदारी में सबकी भागीदारी

उन्होंने अंत में दोहराया कि जनगणना 2027 एक राष्ट्रीय उत्सव और जिम्मेदारी है। इसमें प्रत्येक नागरिक की भागीदारी आवश्यक है ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे। इस प्रक्रिया के माध्यम से सरकार के पास जो डेटा संकलित होगा, वह उत्तराखंड और पूरे देश के समग्र विकास में मील का पत्थर साबित होगा।

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