देहरादून में बिजली की लाइनें भूमिगत करने पर डीएम सविन बंसल सख्त: 'पहले पुरानी खुदाई भरो, फिर नए काम की सोचो', लापरवाही पर होगी FIR


Aapki Media AI


देहरादून, 06 मई, 2026: राजधानी देहरादून को स्मार्ट और सुरक्षित बनाने के लिए चल रही 'भूमिगत विद्युत परियोजना' (Underground Cabling Project) अब प्रशासन की कड़ी निगरानी में है। जिलाधिकारी सविन बंसल ने शहर की सड़कों पर चल रही खुदाई और उसके बाद सड़कों को बदहाल छोड़ने की स्थिति पर बेहद सख्त रुख अख्तियार किया है। सोमवार को कलेक्ट्रेट में आयोजित जनपद स्तरीय परियोजना समन्वय समिति की बैठक में डीएम ने यूपीसीएल (UPCL) और पिटकुल (PITCUL) के अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया— "पहले पुराने घाव भरें, फिर नई खुदाई करें।"

डीएम सविन बंसल सख्त: 'पहले पुरानी खुदाई भरो, फिर नए काम की सोचो', लापरवाही पर होगी FIR

बैठक में जिलाधिकारी ने 13 प्रमुख प्रस्तावों की समीक्षा की और साफ किया कि विकास के नाम पर जनता को धूल, गड्ढों और जाम के हवाले नहीं छोड़ा जा सकता। उन्होंने 'डबल शिफ्ट' में काम करने और सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए हैं।

'पहले कार्य पूरा, फिर नई मंजूरी': डीएम का नया नियम

जिलाधिकारी सविन बंसल ने विद्युत लाइनों को भूमिगत करने से संबंधित 13 प्रस्तावों की गहन समीक्षा के दौरान एक नया मानक तय किया है। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन स्थानों पर पूर्व अनुमति के आधार पर कार्य चल रहा है, उन्हें प्राथमिकता (Priority) पर पूरा किया जाए।

  • संसाधन बढ़ाएं: ठेकेदारों और कार्यदायी संस्थाओं को पर्याप्त मशीनरी और मैनपावर लगाने को कहा गया है।
  • दिन-रात कार्य: कार्यों को गति देने के लिए दिन-रात (डबल शिफ्ट) काम करने के निर्देश दिए गए हैं।
  • सशर्त स्वीकृति: नए कार्यों को अनुमति तभी मिलेगी जब पुराने कार्यों का 'थर्ड पार्टी निरीक्षण' पूरा हो जाएगा और लोनिवि (PWD) के साथ संयुक्त सर्वे कर सड़क को ब्लैकटॉप करने की योजना तैयार होगी।

UPCL की परियोजनाओं का स्टेटस: कहाँ चल रहा है काम और क्या है नया प्रस्ताव?

यूपीसीएल द्वारा शहर को तीन अलग-अलग 'लॉट्स' (Lots) में विभाजित कर कार्य किया जा रहा है। बैठक में इनकी वर्तमान स्थिति और नए प्रस्तावों पर चर्चा हुई:

लॉट-1: शहर के मुख्य मार्गों पर फोकस

लॉट-1 के तहत वर्तमान में तीन प्रमुख स्थानों पर केबल बिछाने का कार्य प्रगति पर है:

  1. रायपुर कर्जन रोड: सुशील टॉवर से एमडीडीए कॉलोनी तक।
  2. कैनाल रोड: लोटस तिराहा से साकेत कॉलोनी तक।
  3. धर्मपुर-आराघर: मॉडर्न कॉलोनी से धर्मपुर चौक और आराघर सबस्टेशन होते हुए लक्ष्मी चौक तक।

नए प्रस्ताव: मॉडर्न कॉलोनी से परेड ग्राउंड और परेड ग्राउंड सब स्टेशन से रायपुर रोड कैनाल ब्रिज तक के दो नए कार्यों को फिलहाल पुराने कार्यों की प्रगति के आधार पर लंबित रखा गया है।

लॉट-2: पश्चिमी देहरादून और मंडी क्षेत्र

लॉट-2 में दो मुख्य कार्यों की समीक्षा की गई:

  1. कांवली रोड: ऊर्जा भवन से सहारनपुर चौक तक कार्य जारी है।
  2. सहारनपुर रोड: रेलवे स्टेशन से भंडारी बाग तक खुदाई का काम चल रहा है।
  3. नए प्रस्ताव: इंजीनियर एन्क्लेव से निरंजनपुर मंडी, बल्लूपुर चौक से सनर्जी हॉस्पिटल और यमुना कॉलोनी से ओएनजीसी चौक तक नए प्रस्ताव रखे गए हैं।

लॉट-3: बद्रीपुर क्षेत्र को आंशिक राहत

लॉट-3 के अंतर्गत जोगीवाला चौक से ट्यूलिप फार्म (बद्रीपुर रोड) तक केबल भूमिगत करने के प्रस्ताव को जिलाधिकारी ने सशर्त स्वीकृति प्रदान की है।

परियोजना समन्वय समिति: कार्यों का विवरण

परियोजना क्षेत्रवर्तमान स्थितिडीएम का निर्देश
रायपुर कर्जन रोडप्रगति परडबल शिफ्ट में कार्य पूर्ण करें
कैनाल रोडप्रगति परतत्काल ब्लैकटॉप की तैयारी करें
कांवली-सहारनपुर रोडप्रगति परसुबह तक गड्ढे भरना अनिवार्य
बद्रीपुर रोडआंशिक स्वीकृतिसुरक्षा मानकों के साथ कार्य शुरू करें
पिटकुल प्रस्तावलंबिततकनीकी आख्या के बिना चर्चा नहीं
परेड ग्राउंड क्षेत्रनया प्रस्तावपुराने कार्य पूरे होने के बाद विचार

सुरक्षा और मानकों पर 'जीरो टॉलरेंस'

बैठक में सबसे गंभीर चर्चा सुरक्षा मानकों को लेकर हुई। जिलाधिकारी ने चेतावनी दी कि निर्माण कार्यों में देरी या अव्यवस्था के कारण यदि किसी नागरिक को चोट पहुँचती है या परेशानी होती है, तो संबंधित विभाग के खिलाफ विधिक कार्रवाई (Legal Action) की जाएगी।

सुरक्षा के लिए 'मस्ट-डू' लिस्ट

  • बैरिकेडिंग और साइनबोर्ड: खुदाई स्थल के चारों ओर रिफ्लेक्टिव बैरिकेडिंग और स्पष्ट सूचना बोर्ड लगाना अनिवार्य है।
  • रात की खुदाई, सुबह की भराई: रात में की गई खुदाई का गड्ढा अगली सुबह तक भरा जाना चाहिए ताकि यातायात बाधित न हो।
  • अवैध रोड कटिंग: अनुमति से अधिक सड़क काटने पर भारी जुर्माना और जब्ती की कार्यवाही की जाएगी।
  • धूल नियंत्रण: खुदाई के दौरान धूल न उड़े, इसके लिए पानी का छिड़काव सुनिश्चित करना होगा।

ब्लैकटॉप में देरी पर नाराजगी: PWD के साथ संयुक्त सर्वे के निर्देश

अक्सर देखा गया है कि केबल बिछाने के बाद एजेंसियां सड़क को कच्चा ही छोड़ देती हैं, जिससे दुर्घटनाएं होती हैं। जिलाधिकारी ने कड़े निर्देश दिए कि कार्य पूर्ण होते ही लोक निर्माण विभाग (PWD) के साथ संयुक्त सर्वे किया जाए और सड़क का सुधारीकरण (Blacktop) तुरंत शुरू हो। इसमें किसी भी प्रकार की वित्तीय या प्रशासनिक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

बैठक में उपस्थित अधिकारी

परियोजना समन्वय समिति की इस महत्वपूर्ण बैठक में शासन और विभागों के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे:

  1. श्रीमती कुमकुम जोशी: एसडीएम
  2. ओमपाल सिंह: अधीक्षण अभियंता, लोनिवि (PWD)
  3. विक्रम गौतम: अधीक्षण अभियंता, पिटकुल (PITCUL)
  4. राहुल जैन व शिक्षा अग्रवाल: अधीक्षण अभियंता, यूपीसीएल (UPCL)
  5. वीके सिंह: अधीक्षण अभियंता, ईडीसी
  6. अधिशासी अभियंता कैलाश और अरूण कांत सहित अन्य तकनीकी सदस्य।

विकास और जनसुविधा के बीच संतुलन

देहरादून के जिलाधिकारी सविन बंसल का यह सख्त रवैया शहरवासियों के लिए राहत की खबर है। भूमिगत विद्युत लाइनें भविष्य के लिए जरूरी हैं, लेकिन वर्तमान में सड़कों की दुर्दशा जनता के लिए अभिशाप बन गई है। डीएम ने स्पष्ट कर दिया है कि 'जवाबदेही' (Accountability) तय की जाएगी। यदि एजेंसियां मानकों पर खरी नहीं उतरीं, तो न केवल उनके भुगतान रुकेंगे, बल्कि उन पर मुकदमे भी दर्ज होंगे। अब देखना यह है कि यूपीसीएल और पिटकुल इस 'अल्टीमेटम' के बाद शहर की सड़कों की सूरत कितनी जल्दी बदलते हैं।




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Krishna Kumar
लेखक के बारे में

कृष्ण कुमार

कृष्ण कुमार को छोटी उम्र से ही खबरों की दुनिया ने इतना रोमांचित किया कि पत्रकारिता को ही करियर बना लिया। 6+ साल पहले 'आपकी मीडिया' जैसे बहुआयामी संस्थान... और पढ़ें
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