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देहरादून, 05 मई, 2026: राजधानी देहरादून में अपराध और अपराधियों के विरुद्ध छिड़ी जंग 'ऑपरेशन प्रहार' को एक और बड़ी सफलता मिली है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) देहरादून की सटीक रणनीति और कोतवाली कैंट पुलिस की सक्रियता से एक अंतरराज्यीय चोर गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। उत्तर प्रदेश के संभल जिले से संचालित होने वाले इस गिरोह ने देहरादून के पॉश कैंट इलाके में सेंधमारी कर पुलिस को चुनौती दी थी, लेकिन तकनीकी सर्विलांस और मुखबिर तंत्र के जाल ने गिरोह के एक सदस्य को सलाखों के पीछे पहुँचा दिया है।
घटना का बैकग्राउंड: बंद मकान में की थी करोड़ों की सेंधमारी
मामले की शुरुआत 23 अप्रैल 2026 को हुई, जब आनंद सिंह डूंगरियाल (निवासी: कैंट) ने थाना कैंट में तहरीर दी। उन्होंने बताया कि जब घर बंद था, तब अज्ञात चोरों ने ताले तोड़कर घर के भीतर रखे सोने-चांदी के जेवरात और नगदी पर हाथ साफ कर दिया। इस घटना के बाद क्षेत्र में असुरक्षा का माहौल था। तहरीर के आधार पर पुलिस ने धारा 305(ए) बीएनएस (BNS) के तहत मुकदमा पंजीकृत कर जांच शुरू की।
एसएसपी की रणनीति: सीसीटीवी और सर्विलांस का 'कॉम्बिनेशन'
एसएसपी देहरादून ने इस चोरी को 'ऑपरेशन प्रहार' के तहत प्राथमिकता पर लेते हुए एक विशेष टीम का गठन किया। टीम ने आधुनिक और पारंपरिक—दोनों पुलिसिंग पद्धतियों का उपयोग किया:
- सीसीटीवी फुटेज: घटनास्थल और आसपास के करीब 50 से अधिक कैमरों की फुटेज खंगाली गई।
- भौतिक सत्यापन: पूर्व में इस तरह की वारदातों में शामिल रहे अपराधियों की वर्तमान लोकेशन चेक की गई।
- सर्विलांस: मोबाइल टावर डंप डेटा और संदिग्ध नंबरों का विश्लेषण किया गया।
जांच के दौरान पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग मिले कि इस घटना के पीछे उत्तर प्रदेश के संभल जिले के एक गिरोह का हाथ है।
चोरी के खुलासे का विवरण
| विवरण | विस्तृत जानकारी |
| अभियान का नाम | ऑपरेशन प्रहार |
| गिरफ्तार अभियुक्त | मोहम्मद शान (23 वर्ष), संभल, UP |
| गिरोह का मूल स्थान | ग्राम गुमथल, थाना बनिया खेर, जिला संभल |
| घटना की तिथि | 23 अप्रैल, 2026 |
| गिरफ्तारी की तिथि | 04 मई, 2026 |
| बरामदगी | चोरी की ज्वैलरी एवं ₹5000 नगद |
| प्रमुख धारा | धारा 305(ए) बीएनएस (BNS) |
संभल में दबिश और गिरफ्तारी: 04 मई को मिली सफलता
सुराग मिलते ही देहरादून पुलिस की एक टीम तत्काल संभल (उत्तर प्रदेश) के लिए रवाना हुई। टीम ने वहां स्थानीय पुलिस की मदद से संदिग्धों पर गोपनीय नजर रखी। 04 मई 2026 को पुलिस ने गिरोह के सक्रिय सदस्य मोहम्मद शान (पुत्र मोहम्मद कल्लू) को उसके गांव गुमथल से गिरफ्तार कर लिया। तलाशी लेने पर उसके पास से चोरी की गई ज्वेलरी और 5 हजार रुपये नगद बरामद हुए।
पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा: 'दो बाइकों पर आए थे चार शिकारी'
अभियुक्त मोहम्मद शान ने पुलिस की पूछताछ में गिरोह की कार्यप्रणाली (Modus Operandi) का विस्तार से वर्णन किया:
- रैकी: गिरोह के चार सदस्य दो बाइकों पर सवार होकर देहरादून आए थे।
- दिन में पहचान, रात में काम: उन्होंने दिन के उजाले में कैंट क्षेत्र के बंद मकानों की रैकी की। जिस घर में ताला लटका मिला और हलचल कम दिखी, उसे निशाना बनाया गया।
- फरारी: चोरी के बाद चारों सदस्य अलग-अलग रास्तों से वापस संभल भाग गए।
- माल का बंटवारा: संभल पहुँचकर चोरी का माल आपस में बांट लिया गया और गिरफ्तारी से बचने के लिए सभी अलग-अलग ठिकानों पर छिप गए।
झारखंड और यूपी में भी फैला है नेटवर्क
पुलिस जांच में एक और बड़ा खुलासा हुआ है कि इस गिरोह का सरगना बेहद शातिर अपराधी है। उसके विरुद्ध झारखंड, उत्तर प्रदेश और कई अन्य राज्यों में डकैती और चोरी के दर्जनों मामले दर्ज हैं। दून पुलिस अब गिरोह के सरगना और अन्य दो साथियों की तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।
पुलिस टीम की भूमिका
इस चुनौतीपूर्ण मामले को सुलझाने में निम्नलिखित पुलिसकर्मियों की अहम भूमिका रही:
- नेतृत्व: उ0नि0 मोहन सिंह नेगी।
- मुख्य टीम: अ0उ0नि0 गिरीश चंद्र, हे0का0 नवीन, हे0कां0 विनय बुटोला।
- ग्राउंड सपोर्ट: का0 मनोज उप्रेती, कां0 सूरज राणा।
- टेक्निकल सपोर्ट: कां0 आशीष (एसओजी/SOG)।
सुरक्षा अलर्ट: एसएसपी की जनता से अपील
इस घटना के बाद पुलिस ने जनता के लिए कुछ महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं:
- घर छोड़ते समय सावधानी: यदि आप कुछ दिनों के लिए घर से बाहर जा रहे हैं, तो पड़ोसियों या स्थानीय चौकी को सूचित जरूर करें।
- सीसीटीवी और लॉक: घरों में उच्च गुणवत्ता वाले सीसीटीवी कैमरे और मजबूत डिजिटल लॉक का उपयोग करें।
- सत्यापन: अपने नौकरों और किरायेदारों का पुलिस सत्यापन (Verification) अनिवार्य रूप से कराएं।
दून पुलिस की तत्परता
मोहम्मद शान की गिरफ्तारी अंतरराज्यीय गिरोहों के लिए एक कड़ा संदेश है कि देहरादून अब उनके लिए सुरक्षित पनाहगाह नहीं है। एसएसपी दून की 'सटीक रणनीति' ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि अपराधी चाहे सात समंदर पार भी छिप जाए, कानून के हाथ वहां तक पहुँच ही जाते हैं। पुलिस अब इस गिरोह के बाकी सदस्यों को पकड़ने के लिए 'ऑपरेशन प्रहार' को और तेज करने जा रही है।
