देहरादून रोजगार मेले में चमकी युवाओं की किस्मत: 12 प्रतिष्ठित कंपनियों ने लिया भाग; 39 अभ्यर्थियों को ऑन-स्पॉट नौकरी, 23 अगले राउंड के लिए शॉर्टलिस्ट


Aapki Media AI


देहरादून, 30 जून, 2026: उत्तराखण्ड के शिक्षित और कुशल बेरोजगार युवाओं को निजी क्षेत्र में सम्मानजनक आजीविका के अवसर उपलब्ध कराने तथा 'रिवर्स माइग्रेशन' (पलायन रोकथाम) को बढ़ावा देने की दिशा में राज्य सरकार की नीतियां धरातल पर रंग लाने लगी हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विज़न के अनुरूप, उत्तराखण्ड सेवायोजन विभाग (Employment Department) की ओर से सोमवार (29 जून) को क्षेत्रीय सेवायोजन कार्यालय, देहरादून के कलेक्ट्रेट मार्ग स्थित परिसर में एक दिवसीय 'लघु रोजगार मेले' (Mini Job Fair) का सफल विधिक व व्यावसायिक आयोजन किया गया।

 

12 प्रतिष्ठित कंपनियों ने लिया भाग; 39 अभ्यर्थियों को ऑन-स्पॉट नौकरी, 23 अगले राउंड के लिए शॉर्टलिस्ट

 


सुबह 10:00 बजे से सायं 04:00 बजे तक चले इस हाई-प्रोफाइल रोजगार मेले में देहरादून सहित राज्य के सुदूरवर्ती पर्वतीय जनपदों से आए कुल 282 युवक-युवतियों ने पूरे उत्साह और विधिक विज़िटर्स प्रोटोकॉल के साथ सहभागिता की। मेले में पहुंचे युवाओं ने निजी क्षेत्र की प्रतिष्ठित बहुराष्ट्रीय और स्थानीय कंपनियों के समक्ष अपनी शैक्षणिक योग्यता, तकनीकी कौशल (Skills) और व्यावहारिक अनुभव के आधार पर सीधे साक्षात्कार (Direct Interviews) दिए।


ऑन-स्पॉट चयन और शॉर्टलिस्टिंग: विंडलास बायो मेडिसिन से लेकर भारती एयरटेल तक का विधिक समागम


क्षेत्रीय सेवायोजन कार्यालय द्वारा संकलित आधिकारिक सांख्यिकीय डेटा के अनुसार, इस रोजगार मेले का कन्वर्जन रेट (चयन दर) उत्कृष्ट रहा। साक्षात्कार के कई दौर पूरे होने के उपरांत:


  1. तत्काल विधिक चयन (Direct Selections): विभिन्न विनिर्माण, फार्मास्यूटिकल और सेवा प्रदाता कंपनियों के मानव संसाधन प्रबंधकों (HR Managers) द्वारा 39 योग्य अभ्यर्थियों का ऑन-स्पॉट चयन कर उन्हें प्रारंभिक विधिक नियुक्ति प्रस्ताव पत्र सौंपे गए।
  2. द्वितीय चरण हेतु शॉर्टलिस्टिंग: इसके अतिरिक्त, 23 उच्च क्षमतावान अभ्यर्थियों को दूसरे चरण के गहन तकनीकी साक्षात्कार (Second-Round Interviews) के लिए चयनित किया गया है, जिनकी अंतिम सूची कंपनियों के कॉर्पोरेट कार्यालयों द्वारा जल्द जारी की जाएगी।

 

देहरादून लघु रोजगार मेला 2026: कॉर्पोरेट सहभागिता एवं चयन सांख्यिकीय आख्या


रोजगार मेले में भाग लेने वाली प्रमुख विधिक निजी कंपनियों, आवेदकों की संख्या और ऑन-स्पॉट प्लेसमेंट के प्रामाणिक विधिक आंकड़ों का संपूर्ण विवरण इस प्रशासनिक तालिका में संकलित है:

रोजगार मेले के मुख्य सांख्यिकीय घटकग्राउंड जीरो आधिकारिक प्रशासनिक डेटा (30 जून, 2026)संबंधित रोजगार नीति एवं सुशासन नियमावली प्रभाव
आयोजन का आधिकारिक विधिक स्थलक्षेत्रीय सेवायोजन कार्यालय परिसर, देहरादून।राज्य रोजगार विंग के तहत युवाओं के काउंसिलिंग और करियर का नोडल केंद्र।
मेले में सम्मिलित कुल आवेदक282 बेरोजगार अभ्यर्थी (पंजीकृत)।युवाओं के कौशल मैपिंग (Skill Mapping) और डेटाबेस सुदृढ़ीकरण में सहायक।
प्रतिभाग करने वाली निजी कंपनियां12 प्रतिष्ठित कंपनियां (आमंत्रित 14 में से)।कॉर्पोरेट जगत और कौशल विकास विभाग के बीच मजबूत विधिक नेटवर्क।
प्रमुख नियोजक कॉर्पोरेट ब्रांड्सविंडलास बायो मेडिसिन, आईपीसीए लेबोरेटरीज, भारती एयरटेल।फार्मा, टेलिकॉम, इंश्योरेंस और निर्माण सेक्टरों का संतुलित विधिक प्रतिनिधित्व।
ऑन-स्पॉट विधिक रूप से चयनित संख्या39 अभ्यर्थी (सफल प्लेसमेंट)।युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने और बेरोजगारी दर घटाने में तत्काल व्यावहारिक योगदान।
द्वितीय चरण (साक्षात्कार) हेतु चयनित23 अभ्यर्थी (शॉर्टलिस्टेड)।उच्च तकनीकी और प्रबंधकीय पदों हेतु पारदर्शी विधिक चयन प्रक्रिया।
मुख्य प्रशासनिक नोडल अधिकारीममता चौहान नेगी, क्षेत्रीय सेवायोजन अधिकारी।सेवायोजन नियमावली-2026 के तहत निष्पक्ष और पारदर्शी मेले के संचालन हेतु उत्तरदायी।

धरातलीय फीडबैक: सोशल मीडिया की ताकत और पहाड़ों से देहरादून तक का विधिक सफर


इस रोजगार मेले की सबसे बड़ी सफलता यह रही कि इसका लाभ केवल देहरादून के शहरी युवाओं तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसका विधिक प्रसार सोशल मीडिया और डिजिटल गवर्नेंस के माध्यम से सुदूर पर्वतीय जिलों तक हुआ।


उत्तरकाशी से आए सफल अभ्यर्थी प्रमोद का ऑन-फील्ड विधिक बयान:


"हम जैसे सुदूर सीमांत जनपदों के युवाओं के लिए पूर्व में निजी कंपनियों में सीधे साक्षात्कार देना एक सपना होता था। मुझे देहरादून के इस रोजगार मेले की आधिकारिक जानकारी सेवायोजन विभाग के सोशल मीडिया हैंडल के माध्यम से मिली। मैंने यहाँ आकर अपनी शैक्षणिक योग्यता के अनुसार आवेदन किया और मुझे कंपनियों से सीधे संवाद करने का अवसर मिला। इस पारदर्शी और बिचौलिया-मुक्त मंच को उपलब्ध कराने के लिए मैं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, जिला प्रशासन और क्षेत्रीय सेवायोजन कार्यालय का हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ। ऐसे मेलों से हम पहाड़ी युवाओं को अपने ही राज्य में रोजगार मिलता है और पलायन रुकता है।"
 

उत्तराखण्ड युवा रोजगार संवर्धन नीति के 4 मुख्य रणनीतिक व कौशल स्तंभ


रोजगार मेलों को अधिक प्रभावी बनाने और निजी क्षेत्र में उत्तराखण्ड के युवाओं की हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए क्षेत्रीय सेवायोजन अधिकारी ममता चौहान नेगी के विमर्श के आधार पर निम्नलिखित चार सुशासन स्तंभों को क्रियान्वित किया जा रहा है:


  • डिजिटल करियर पोर्टल (Digital Career Linkage): नेशनल करियर सर्विस (NCS) पोर्टल के माध्यम से पंजीकृत 282 अभ्यर्थियों के प्रोफाइल को डिजिटल रूप से सहेजा गया है, ताकि भविष्य में अन्य कंपनियों की रिक्तियों के आने पर इन्हें स्वतः विधिक अलर्ट भेजा जा सके।
  • फार्मा और इंडस्ट्रियल हब का एकीकरण: सेलाकुई, हरिद्वार और पंतनगर के औद्योगिक क्षेत्रों में संचालित बड़ी फार्मा कंपनियों (जैसे विंडलास व आईपीसीए) की मानव संसाधन आवश्यकताओं का अग्रिम डेटा एकत्र कर उसके अनुसार युवाओं को विधिक प्रशिक्षण देना।
  • प्रोग्राम्ड प्री-इन्टरव्यू काउंसिलिंग (Pre-Interview Counseling): सेवायोजन कार्यालय के भीतर ही साक्षात्कार से पूर्व युवाओं के सॉफ्ट स्किल्स, रिज्यूमे मेकिंग और कम्युनिकेशन क्षमताओं को निखारने के लिए साप्ताहिक विधिक कार्यशालाओं का संचालन।
  • पर्वतीय जनपदों में मोबाइल रोजगार मेलों (Mobile Job Fairs) का विस्तार: देहरादून की इस सफल विधिक आख्या के उपरांत आगामी महीनों में उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग और पिथौरागढ़ जैसे सुदूर जनपदों में ब्लॉक स्तर पर 'मोबाइल रोजगार शिविरों' का चरणबद्ध आयोजन।

 

आर्थिक न्याय और युवा सशक्तिकरण का वास्तविक धरातल


30 जून 2026 को देहरादून जिला सूचना कार्यालय द्वारा प्रेषित यह प्रेस विज्ञप्ति इस बात की संपुष्टि करती है कि युवाओं को केवल डिग्रियां बांटना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें रोजगार के वास्तविक और जीवंत अवसरों (Live Employment Opportunities) से जोड़ना सुशासन की असली कसौटी है।


क्षेत्रीय सेवायोजन अधिकारी ममता चौहान नेगी के नेतृत्व में 12 कंपनियों की प्रत्यक्ष विधिक भागीदारी और 39 युवाओं को ऑन-स्पॉट आजीविका प्रदान करना उत्तराखण्ड सरकार की 'रोजगारपरक नीतियों' की सफलता का जीवंत प्रमाण है। उत्तरकाशी के प्रमोद जैसे सैकड़ों युवाओं का प्रशासन के प्रति यह भरोसा यह सिद्ध करता है कि यदि पारदर्शी और सुलभ मंच प्रदान किया जाए, तो देवभूमि की युवा शक्ति देश की आर्थिक उन्नति में अग्रणी भूमिका निभा सकती है। यह पहल 'सशक्त युवा, समृद्ध उत्तराखंड' के विधिक संकल्प को पूरा करने की दिशा में एक अत्यंत महत्वपूर्ण और मील का पत्थर साबित होगी।




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Krishna Kumar
लेखक के बारे में

कृष्ण कुमार

कृष्ण कुमार को छोटी उम्र से ही खबरों की दुनिया ने इतना रोमांचित किया कि पत्रकारिता को ही करियर बना लिया। 6+ साल पहले 'आपकी मीडिया' जैसे बहुआयामी संस्थान... और पढ़ें
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