उत्तराखण्ड एसटीएफ व पंजाब पुलिस का महा-ज्वाइंट क्रैकडाउन; पाकिस्तान बॉर्डर से ड्रोन द्वारा हथियार व हेरोइन मंगाने वाला वांटेड गैंगस्टर बाजपुर से गिरफ्तार


Aapki Media AI


देहरादून/बाजपुर, 15 जून, 2026: उत्तराखण्ड राज्य को बाहरी राज्यों के जघन्य अपराधियों, अंतरराष्ट्रीय तस्करों और गैंगस्टरों से पूरी तरह मुक्त रखने के संकल्प के तहत स्पेशल टास्क फोर्स (STF) उत्तराखण्ड ने एक और अंतरराष्ट्रीय और अंतरराज्यीय सुरक्षा नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया है। माननीय मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड के "अपराध मुक्त उत्तराखण्ड" के कड़े विजन और "ऑपरेशन प्रहार" (Operation Prahar) के तहत पुलिस महानिदेशक (DGP) उत्तराखण्ड श्री दीपम सेठ के रणनीतिक मार्गदर्शन में एक अभूतपूर्व कार्रवाई संपन्न हुई है।

पाकिस्तान बॉर्डर से ड्रोन द्वारा हथियार व हेरोइन मंगाने वाला वांटेड गैंगस्टर बाजपुर से गिरफ्तार


आज तड़के उत्तराखण्ड एसटीएफ, पंजाब पुलिस की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) और जनपद ऊधमसिंहनगर की स्थानीय बाजपुर पुलिस ने एक अत्यंत गोपनीय व हाई-प्रोफाइल ज्वाइंट ऑपरेशन (Joint Operation) को अंजाम दिया। इस ऑपरेशन के तहत जनपद ऊधमसिंहनगर के बाजपुर (मोहल्ला केशवनगर) से पंजाब के सबसे मोस्ट वांटेड भगोड़े और देशद्रोही गतिविधियों में लिप्त हथियार व ड्रग्स तस्कर ईशानप्रीत सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है। यह वही खूंखार अपराधी है जिसके अमृतसर स्थित ठिकाने से पंजाब पुलिस और सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने विदेशी हथियारों का एक बहुत बड़ा जखीरा और करोड़ों रुपये की अंतरराष्ट्रीय कीमत वाली हेरोइन बरामद की थी।


बैकग्राउंड: अमृतसर में बीएसएफ और एएनटीएफ की रेड से छत फांदकर भागा था आरोपी


वरिष्ठ विधिक और खुफिया पुलिस सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस पूरे हाई-प्रोफाइल इंटरनेशनल स्मगलिंग नेटवर्क की कहानी पिछले महीने शुरू हुई थी:

  • 23 मई 2026 की संयुक्त छापेमारी: अमृतसर (पंजाब) में नशा और सीमा पार से होने वाली हथियार तस्करी के खिलाफ एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) अमृतसर और सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने एक संयुक्त सर्च ऑपरेशन चलाया था।
  • छत से लगाई थी छलांग: सुरक्षा बलों की भारी कॉम्बैट टीम ने जब अमृतसर सिटी के थाना छेहर्टा के अंतर्गत नारायणगढ़ (सुरता सिंह कॉलोनी) में रहने वाले मुख्य सरगना ईशानप्रीत सिंह के आवास पर आधी रात को रेड की, तो वह पुलिस टीम को देखते ही विधिक रूप से आत्मसमर्पण करने के बजाय मकान की छत से छलांग लगाकर अंधेरे का फायदा उठाते हुए पीछे के रास्ते से फरार हो गया था।
  • घर से मिला था हथियारों का जखीरा: हालांकि आरोपी भागने में सफल रहा, लेकिन जब सुरक्षा बलों ने उसके घर की तलाशी ली, तो वहां की जब्ती देखकर देश की सुरक्षा एजेंसियां दंग रह गईं। उसके ठिकाने से 12 अत्याधुनिक विदेशी पिस्टल, 20 मैगजीन और लगभग 900 ग्राम शुद्ध हेरोइन बरामद की गई थी।

 

ऑपरेशन प्रहार (जून 2026): केस प्रोफाइल, विधिक धाराएं एवं बरामदगी मैट्रिक्स

 


इस अंतरराष्ट्रीय हथियार व ड्रग सिंडिकेट की भयावहता, भारत-पाकिस्तान सीमा पर ड्रोन कनेक्टिविटी, दर्ज मुकदमे और एसटीएफ की संयुक्त विधिक कार्रवाई का विवरण इस तालिका में संकलित है:


विधिक एवं सामरिक मानक (Investigation Parameters)पंजाब पुलिस एवं उत्तराखण्ड एसटीएफ आधिकारिक डेटा (Case Matrix)सुरक्षात्मक एवं राष्ट्रीय महत्व (Strategic Impact)
गिरफ्तार मुख्य आरोपी (Wanted Gangster)ईशानप्रीत सिंह पुत्र जगजीत सिंह (उम्र करीब 28 वर्ष)।पाकिस्तान प्रायोजित नारको-टेररिज्म (Narco-Terrorism) का मुख्य मोहरा।
दर्ज मूल मुकदमा (Punjab FIR)FIR संख्या- 111, दिनांक: 23.05.2026 (ANTF SAS नगर)।पंजाब पुलिस द्वारा देशव्यापी वारंट और लुकआउट नोटिस जारी था।
प्रभावी कड़े विधिक कानूनधारा 21-C, 25 एनडीपीएस एक्ट (NDPS Act) और 25 आर्म्स एक्ट।व्यावसायिक मात्रा (Commercial Quantity) में ड्रग्स व अवैध आर्म्स हैंडलिंग।
अमृतसर से बरामद हथियारों का जखीरा12 अवैध पिस्टल (03 बरेटा, 03 जिगाना, 06 मेड इन चाइना) व 20 मैगजीन।गैंगस्टरों, खालिस्तानी नेटवर्क या टारगेट किलिंग हेतु लाए गए हथियार।
बरामद ड्रग्स एवं तस्करी रूट900 ग्राम हेरोइन (सीमा पार पाकिस्तान से ड्रोन द्वारा सप्लाई)।अंतरराष्ट्रीय ब्लैक मार्केट में कीमत करोड़ों रुपये; पंजाब को बर्बाद करने की साजिश।
गिरफ्तारी का सटीक स्थान (Spot)मोहल्ला केशवनगर, बाजपुर, जनपद ऊधमसिंहनगर, उत्तराखण्ड।सीमावर्ती तराई क्षेत्र को सुरक्षित छिपने का ठिकाना (Hideout) बनाया था।

पाकिस्तानी ड्रोन कनेक्शन: बॉर्डर पार से भारतीय सीमाओं में हथियारों की एयरड्रॉपिंग


एसएसपी एसटीएफ उत्तराखण्ड ने इस अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क के विधिक और सामरिक पहलुओं का खुलासा करते हुए एक बेहद चौंकाने वाला बयान दिया। पंजाब पुलिस के उच्च अधिकारियों और केंद्रीय खुफिया एजेंसियों से संपर्क करने पर यह आधिकारिक पुष्टि हुई है कि ईशानप्रीत सिंह के पास सीमा पार पाकिस्तान के बैठे तस्करों और हैंडलर्स द्वारा अत्याधुनिक ड्रोन तकनीक (Drone Technology) के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय बॉर्डर पर इन हथियारों और हेरोइन के पैकेटों की डिलीवरी (Air-dropping) पहुंचाई जा रही थी।


पाकिस्तान से आने वाली इस खेप में शामिल 'जिगाना पिस्टल' (Zigana Pistol) वही तुर्किये निर्मित घातक हथियार है जिसका उपयोग भारत के कई बड़े गैंगस्टरों द्वारा हाई-प्रोफाइल हत्याओं में किया जाता रहा है। इसके अतिरिक्त, मेड इन चाइना पिस्टल और इतालवी बरेटा पिस्टल की मौजूदगी यह साबित करती है कि यह रैकेट सीधे तौर पर भारत विरोधी ताकतों और देश के भीतर सक्रिय संगठित गैंगस्टर सिंडिकेट्स को अत्याधुनिक हथियारों की री-सप्लाई करने का एक बहुत बड़ा चैनल था।


मिडनाईट ज्वाइंट ऑपरेशन: बाजपुर में घेराबंदी कर सुबह तड़के दबोचा गया तस्कर


अमृतसर से भागने के बाद ईशानप्रीत सिंह ने सुरक्षा एजेंसियों को चकमा देने के लिए उत्तराखण्ड के तराई क्षेत्र को अपना नया सुरक्षित ठिकाना (Safe Haven) चुना। वह ऊधमसिंहनगर के बाजपुर में आकर छिप गया था।


  1. इंटेलिजेंस शेयरिंग (Intelligence Sharing): पंजाब पुलिस की एएनटीएफ ने तकनीकी सर्विलांस के आधार पर ईशानप्रीत के बाजपुर में होने के पुख्ता विधिक इनपुट उत्तराखण्ड एसटीएफ के साथ साझा किए।
  2. एसटीएफ की तुरंत घेराबंदी: इनपुट मिलते ही एसएसपी एसटीएफ ने बिना एक मिनट गंवाए एक स्पेशल ऑपरेशंस टीम को इस टास्क पर लगाया।
  3. सुबह तड़के रेड (Early Morning Raid): आज 15 जून, 2026 की सुबह तड़के जब पूरा बाजपुर सो रहा था, तब उत्तराखण्ड एसटीएफ, पंजाब पुलिस की एएनटीएफ और स्थानीय बाजपुर पुलिस की कॉम्बैट टीमों ने मोहल्ला केशवनगर, दाना मंडी के पीछे स्थित संदिग्ध मकान को चारों तरफ से घेर लिया। आरोपी को संभलने या दोबारा छत से कूदने का कोई मौका नहीं दिया गया और उसे विधिक रूप से दबोच लिया गया।

 

'उत्तराखण्ड अपराधियों के लिए सेफ हेवन नहीं बन सकता'— एसएसपी एसटीएफ की दोटूक चेतावनी


इस अंतरराष्ट्रीय आतंकी-तस्कर गठजोड़ के गुर्गे की गिरफ्तारी के बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) एसटीएफ उत्तराखण्ड ने अपराधियों को एक कड़ा विधिक संदेश दिया है:


  • अपराधियों को सीधी चेतावनी: एसएसपी एसटीएफ ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बाहरी राज्यों के भगोड़े अपराधी, शूटर और गैंगस्टर यह भूल जाएं कि वे उत्तराखण्ड की शांत वादियों या सीमावर्ती क्षेत्रों में आकर छिप सकते हैं। उत्तराखण्ड पुलिस का खुफिया तंत्र और एसटीएफ पूरी तरह से अलर्ट मोड पर है।
  • सघन तलाशी अभियान (ऑपरेशन प्रहार): माननीय मुख्यमंत्री के विजन के अनुसार 'ऑपरेशन प्रहार' के तहत राज्य के सभी होटलों, लॉज, रेस्टोरेंटों और सीमावर्ती बस्तियों में बाहरी राज्यों से आकर अवैध रूप से रह रहे संदिग्धों का सत्यापन (Verification) और कड़ा विधिक ऑडिट किया जा रहा है।
  • ट्रांजिट रिमांड और पंजाब रवानगी: बाजपुर से गिरफ्तार किए गए आरोपी ईशानप्रीत सिंह से एसटीएफ की प्रारंभिक विधिक पूछताछ पूरी हो चुकी है। चूंकि मुख्य मुकदमा पंजाब के एसएएस नगर (मोहाली) पीएस एएनटीएफ में दर्ज है, इसलिए कागजी औपचारिकताएं पूर्ण कर आरोपी को पंजाब पुलिस की एएनटीएफ टीम के सुपुर्द कर दिया गया है। अब इस अंतरराष्ट्रीय ड्रोन रूट और भारतीय नेटवर्क की विस्तृत और गहन विधिक पूछताछ पंजाब पुलिस द्वारा की जाएगी।

 

गिरफ्तार अपराधी का पूर्ण विवरण


एसटीएफ और पंजाब पुलिस के ज्वाइंट ऑपरेशन में पकड़े गए अंतरराष्ट्रीय तस्कर का प्रामाणिक विवरण:


  1. पूरा नाम: ईशानप्रीत सिंह पुत्र श्री जगजीत सिंह
  2. मूल स्थायी निवासी: गली नंबर 1, सुरता सिंह कॉलोनी, भारत वाज ग्रोसरी स्टोर के निकट, दाना मंडी के पीछे, नारायणगढ़, थाना छेहर्टा, अमृतसर सिटी, पंजाब।
  3. अस्थायी ठिकाना (जहां से पकड़ा गया): मोहल्ला केशवनगर, बाजपुर, जनपद ऊधमसिंहनगर, उत्तराखण्ड।

 

राष्ट्रीय सुरक्षा को सेंध लगाने वाले रैकेट पर यह एक ऐतिहासिक चोट है 


उत्तराखण्ड एसटीएफ, पंजाब पुलिस और बाजपुर पुलिस का यह संयुक्त मिडनाईट ऑपरेशन केवल एक साधारण वांछित अपराधी की गिरफ्तारी नहीं है, बल्कि यह देश की राष्ट्रीय सुरक्षा (National Security) और संप्रभुता को चुनौती देने वाले 'नारको-टेररिज्म' (Narco-Terrorism) और पाकिस्तान समर्थित ड्रोन सिंडिकेट पर एक करारा विधिक प्रहार है। जब कोई देशद्रोही और तस्कर सीमा पार से ड्रोन के जरिए 12-12 विदेशी पिस्टल और करीब एक किलो हेरोइन मंगाने की क्षमता रखता हो, तो उसका समाज में खुला घूमना किसी बड़े विस्फोट या कत्लेआम को आमंत्रण देने जैसा था।


उधमसिंहनगर का बाजपुर और तराई क्षेत्र अपनी भौगोलिक बनावट और खुली अंतरराज्यीय सीमाओं के कारण लंबे समय से अपराधियों के लिए एक पंसदीदा छिपने की जगह रहा है, लेकिन 'ऑपरेशन प्रहार' के तहत उत्तराखण्ड एसटीएफ ने जिस त्वरित गति, गोपनीयता और पेशेवर कुशलता (Professional Excellence) के साथ इस इंटरनेशनल अपराधी को दबोचा है, वह देश की फेडरल पुलिसिंग और अंतरराज्यीय समन्वय (Interstate Police Coordination) का एक सर्वोत्कृष्ट उदाहरण है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का "अपराध मुक्त उत्तराखण्ड" का विजन ऐसे ही कदमों से धरातल पर मजबूत हो रहा है। इस अत्यंत साहसिक और सफल ऑपरेशन के लिए उत्तराखण्ड एसटीएफ, पंजाब एएनटीएफ और बाजपुर पुलिस के सभी जांबाज बधाई के पात्र हैं।




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Krishna Kumar
लेखक के बारे में

कृष्ण कुमार

कृष्ण कुमार को छोटी उम्र से ही खबरों की दुनिया ने इतना रोमांचित किया कि पत्रकारिता को ही करियर बना लिया। 6+ साल पहले 'आपकी मीडिया' जैसे बहुआयामी संस्थान... और पढ़ें
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