डोईवाला में खुलेगा उत्तराखंड का पहला 'हिलान्स आउटलेट'; रीप और IOCL के ऐतिहासिक एमओयू से स्वयं सहायता समूहों को मिला हाईवे


Aapki Media AI


देहरादून, 27 जून, 2026: उत्तराखण्ड के पर्वतीय एवं मैदानी अंचलों में ग्रामीण अर्थव्यवस्था के सुदृढ़ीकरण, महिला स्वयं सहायता समूहों (SHGs) के विधिक सशक्तीकरण और स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में देहरादून जिला प्रशासन ने एक अत्यंत क्रांतिकारी और दूरगामी कदम उठाया है। देश के माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'वोकल फॉर लोकल' तथा 'आत्मनिर्भर भारत' के विजन को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में धरातल पर उतारते हुए ग्रामीण उद्यम वेग वृद्धि परियोजना (REAP - रीप) ने एक अनूठा लॉजिस्टिक्स और मार्केटिंग मॉडल तैयार किया है।

 

डोईवाला में खुलेगा उत्तराखंड का पहला 'हिलान्स आउटलेट'; रीप और IOCL के ऐतिहासिक एमओयू से स्वयं सहायता समूहों को मिला हाईवे




इस नई विधिक और व्यावसायिक पहल के तहत, पहाड़ की ग्रामीण महिलाओं द्वारा तैयार किए गए शुद्ध और पारंपरिक पहाड़ी उत्पादों को अब किसी संकरी गली या दूरदराज के हाट-बाजारों में भटकने की आवश्यकता नहीं होगी। देहरादून जिला प्रशासन ने इन महिलाओं की आजीविका को एक ऐसा 'व्यावसायिक हाईवे' प्रदान कर दिया है, जहाँ उनके उत्पादों की बिक्री और ब्रांडिंग की रफ्तार दोगुनी होने जा रही है। इसके तहत अब राष्ट्रीय राजमार्गों और मुख्य मार्गों पर स्थित व्यस्त पेट्रोल पंपों पर विशेष ‘हिलान्स आउटलेट’ (Hilans Outlet) स्थापित किए जा रहे हैं।


ऐतिहासिक एमओयू: जिला प्रशासन और इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन की विधिक साझेदारी



ग्रामीण स्वयं सहायता समूहों के सामने आने वाली सबसे बड़ी विधिक और ढांचागत चुनौती 'मार्केट लिंकेज' (Market Linkage) की थी। उत्कृष्ट उत्पाद जैसे जैविक दालें, मसाले और हस्तशिल्प तैयार होने के बाद भी केवल उचित रिटेल स्पेस न मिलने के कारण महिलाओं को उनकी मेहनत का पूरा विधिक मूल्य नहीं मिल पाता था।

  1. राज्य स्तरीय विधिक समझौता: इस समस्या का स्थायी समाधान निकालते हुए राज्य स्तर पर जिला प्रशासन, रीप परियोजना और भारत सरकार की महारत्न कंपनी इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड (IOCL) के मध्य एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक समझौता ज्ञापन (MoU) हस्ताक्षरित किया गया है।
  2. पहला फ्लैगशिप स्टोर: इस अनूठी विधिक साझेदारी के प्रथम चरण के अंतर्गत, देहरादून जनपद के विकासखंड डोईवाला में ‘फन एंड फूड किंगडम वाटर पार्क’ के समीप स्थित आईओसीएल (IOCL) के व्यस्त पेट्रोल पंप पर उत्तराखंड राज्य का पहला आधिकारिक 'हिलान्स आउटलेट' स्थापित किया जा रहा है।

 

रीप परियोजना एवं IOCL हिलान्स आउटलेट रिटेल ग्रिड: प्रशासनिक डेटा मैट्रिक्स



ग्रामीण आजीविका के इस आधुनिक रिटेल मॉडल, समझौता शर्तों और उत्पादों की श्रेणियों का संपूर्ण प्रामाणिक डेटा इस प्रशासनिक तालिका में संकलित है:


विधिक, व्यावसायिक एवं भौगोलिक पैरामीटर्सहिलान्स आउटलेट ग्राउंड जीरो प्रशासनिक डेटा (27 जून, 2026)संबंधित सुशासन नीति एवं ग्रामीण सामाजिक-आर्थिक प्रभाव
परियोजना का मुख्य विधिक नामग्रामीण उद्यम वेग वृद्धि परियोजना (REAP)।ग्रामीण परिवारों की प्रति व्यक्ति आय में विधिक वृद्धि सुनिश्चित करना।
प्रथम विधिक समझौता पक्षकारदेहरादून जिला प्रशासन एवं रीप टीम।सरकारी योजनाओं को धरातल पर उतारने हेतु नोडल कार्यपालिका।
द्वितीय व्यावसायिक समझौता पक्षकारइंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड (IOCL)।कॉपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) व कूटनीतिक रिटेल साझेदारी।
प्रदेश के पहले आउटलेट का स्थानडोईवाला पेट्रोल पंप (निकट फन एंड फूड किंगडम)।राष्ट्रीय राजमार्ग पर पर्यटकों की भारी आवाजाही का मुख्य लाभ।
परियोजना नोडल प्रशासनिक प्रमुखसोनम गुप्ता, जिला परियोजना प्रबंधक (रीप)।स्वयं सहायता समूहों की विधिक और तकनीकी मॉनिटरिंग के लिए उत्तरदायी।
मुख्य उपलब्ध पारंपरिक उत्पादजैविक पहाड़ी दालें (गहत, भट्ट, तोर), मसाले, जड़ी-बूटियाँ।बिचौलियों का विधिक उन्मूलन और शत-प्रतिशत लाभ सीधे महिलाओं को।
सांस्कृतिक एवं अतिरिक्त उत्पाद श्रेणीहस्तनिर्मित हैंडीक्राफ्ट एवं स्थानीय डेयरी उत्पाद।उत्तराखंड की लुप्त होती पारंपरिक हस्तकला का विधिक संरक्षण।

एक ही छत के नीचे देवभूमि का शुद्ध स्वाद: ईंधन के साथ संस्कृति का अनूठा कूटनीतिक विपणन


डोईवाला में स्थापित होने जा रहे इस पहले आउटलेट की विधिक रूपरेखा स्पष्ट करते हुए रीप की जिला परियोजना प्रबंधक सोनम गुप्ता ने बताया कि यह आउटलेट पूर्णतः आधुनिक और उत्तराखंड की पारंपरिक वास्तुकला की थीम पर आधारित होगा। यहाँ आने वाले पर्यटकों और स्थानीय उपभोक्ताओं को एक ही छत के नीचे उत्तराखंड के सुदूर पर्वतीय जनपदों से लाए गए प्रामाणिक जैविक खाद्य पदार्थ मिलेंगे।


रीप परियोजना और महिला सशक्तीकरण पर जिला प्रशासन का आधिकारिक विधिक वक्तव्य:


ग्रामीण महिला उद्यमियों को वैश्विक बाजार से जोड़ने के 4 मुख्य नीतिगत स्तंभ 


रीप परियोजना और आईओसीएल के इस अनूठे समन्वय को राज्यव्यापी स्तर पर विस्तारित करने के लिए नीति नियंताओं ने निम्नलिखित चार मुख्य विधिक व व्यावसायिक स्तंभों को रेखांकित किया है:


  • लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन का विधिक सुदृढ़ीकरण: सुदूर पर्वतीय क्षेत्रों के स्वयं सहायता समूहों से उत्पादों के कलेक्शन, पैकेजिंग, गुणवत्ता नियंत्रण (FSSAI विधिक मानकों के अनुरूप) और आउटलेट्स तक समय पर डिलीवरी हेतु एक केंद्रीकृत सीमलेस नेटवर्क की स्थापना।
  • डिजिटल पेमेंट और पारदर्शी वित्तीय ढांचा: हिलान्स आउटलेट्स पर होने वाली प्रत्येक विधिक बिक्री का सीधा वित्तीय लाभ (Real-time Revenue Transfer) बिना किसी विलंब के सीधे संबंधित महिला स्वयं सहायता समूह के बैंक खाते में डिजिटल माध्यम से स्थानांतरित करना।
  • अंतर-राज्यीय राजमार्गों पर नेटवर्क विस्तार: प्रथम चरण की सफलता की विधिक समीक्षा के उपरांत, ऋषिकेश, हरिद्वार, मसूरी और कुमाऊं मंडल के सभी प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों पर स्थित पेट्रोल पंपों पर 50 से अधिक नए आउटलेट्स का चरणबद्ध विस्तार।
  • उत्पादों का भौगोलिक संकेतक (GI Tag) प्रमाणीकरण: हिलान्स आउटलेट पर बिकने वाले विशेष पहाड़ी उत्पादों (जैसे गहत की दाल या मुनस्यारी का राजमा) को जीआई टैग और जैविक प्रमाण पत्र के साथ प्रदर्शित करना, जिससे अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों के बीच उनकी विश्वसनीयता और विधिक मूल्य बढ़ सके।

 

ग्रामीण सुशासन और सतत आजीविका का एक अनुकरणीय प्रकाश स्तंभ


27 जून 2026 को देहरादून जिला सूचना कार्यालय द्वारा जारी यह आधिकारिक प्रेस नोट इस व्यावहारिक और आर्थिक सत्य को उद्घाटित करता है कि ग्रामीण विकास के लिए केवल सब्सिडी या ऋण देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें एक स्थायी और आत्मनिर्भर बाजार संरचना (Sustainable Market Infrastructure) प्रदान करना आवश्यक है।


रीप (REAP) परियोजना और इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन का यह कूटनीतिक और विधिक गठजोड़ पूरे देश के लिए एक रोल मॉडल (Role Model) है। डोईवाला का यह पहला हिलान्स आउटलेट यह सिद्ध करेगा कि कैसे एक व्यस्त व्यावसायिक स्थल को सामाजिक कल्याण और महिला सशक्तिकरण के केंद्र में बदला जा सकता है। यह कदम देवभूमि की मातृशक्ति को आर्थिक स्वतंत्रता प्रदान करने के साथ-साथ उत्तराखंड के पारंपरिक कृषि उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर एक नई पहचान दिलाने में मील का पत्थर साबित होगा।




📢 खबरों को सबसे पहले पाने के लिए आपकी मीडिया को फॉलो करें
👉 WhatsApp Channel Join करें 👉 WhatsApp Group Join करें
Krishna Kumar
लेखक के बारे में

कृष्ण कुमार

कृष्ण कुमार को छोटी उम्र से ही खबरों की दुनिया ने इतना रोमांचित किया कि पत्रकारिता को ही करियर बना लिया। 6+ साल पहले 'आपकी मीडिया' जैसे बहुआयामी संस्थान... और पढ़ें
Previous Post Next Post