उत्तराखंड: फर्जी शस्त्र लाइसेंस नेटवर्क पर एसटीएफ का बड़ा प्रहार, ऊधमसिंहनगर से एक और आरोपी गिरफ्तार; पिस्टल, रायफल और कारतूस बरामद


Aapki Media AI


 देहरादून। उत्तराखंड में बाहरी राज्यों से स्थानांतरित होकर आए शस्त्र लाइसेंसों की वैधता और कूटरचित दस्तावेजों के सहारे चल रहे अवैध हथियारों के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है. माननीय मुख्यमंत्री के "अपराध मुक्त उत्तराखंड" के विजन और पुलिस महानिदेशक श्री दीपम सेठ के नीतिगत दिशा-निर्देशों के अनुपालन में एसटीएफ की टीमों द्वारा राज्यव्यापी विशेष अभियान चलाया जा रहा है. इसी क्रम में एसटीएफ ने एक और बड़ी सफलता हासिल करते हुए जनपद ऊधमसिंहनगर से एक अभियुक्त को गिरफ्तार किया है, जिसके कब्जे से अवैध हथियार, जिंदा कारतूस और जाली दस्तावेज बरामद किए गए हैं.


उत्तराखंड: फर्जी शस्त्र लाइसेंस नेटवर्क पर एसटीएफ का बड़ा प्रहार, ऊधमसिंहनगर से एक और आरोपी गिरफ्तार; पिस्टल, रायफल और कारतूस बरामद


वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) एसटीएफ के नेतृत्व में की गई इस ताबड़तोड़ दबिश के बाद फर्जी शस्त्र लाइसेंस रैकेट से जुड़े अपराधियों में हड़कंप मचा हुआ है. इस संगठित नेटवर्क के खिलाफ एसटीएफ अब तक कुल 10 आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज चुकी है, जबकि भारी मात्रा में अवैध असलहे और संदिग्ध दस्तावेज जब्त किए जा चुके हैं.

सरवरखेड़ा में दबिश देकर दबोचा गया आरोपी, शाहजहाँपुर से जुड़े हैं जाली लाइसेंस के तार

एसटीएफ की ओर से साझा की गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, पिछले लगभग एक माह से तकनीकी और जमीनी साक्ष्यों के आधार पर इस पूरे नेटवर्क की परत-दर-परत जांच की जा रही थी. टीम द्वारा संकलित किए गए पुख्ता सबूतों के आधार पर दिनांक 04 जून 2026 को जनपद ऊधमसिंहनगर के थाना कोतवाली काशीपुर में एफआईआर (FIR) संख्या-213/2026 दर्ज कराई गई थी. यह मुकदमा भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न गंभीर धाराओं जैसे 318(4), 338, 336(3), 340, 61(2), 3(5) और 111 के तहत पंजीकृत है.

इस दर्ज मुकदमे की विवेचना के दौरान, बुधवार दिनांक 17 जून 2026 को एसएसपी एसटीएफ के सटीक निर्देशन में एक विशेष टीम का गठन किया गया. एसटीएफ की इस टीम ने जनपद ऊधमसिंहनगर के कुण्डा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम सरवरखेड़ा में अचानक दबिश दी. इस घेराबंदी के दौरान टीम ने वांछित मुख्य आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की.

गिरफ्तार अभियुक्त का विवरण:

  1. नाम: दानिश उर्फ दानू
  2. पिता का नाम: मोहम्मद अलीम उर्फ छुट्टन
  3. निवासी: सरवरखेड़ा, थाना कुण्डा, जनपद ऊधमसिंहनगर (उत्तराखंड)

आरोपी के कब्जे से भारी मात्रा में अवैध हथियार और कूटरचित दस्तावेज बरामद

एसटीएफ और स्थानीय काशीपुर कोतवाली पुलिस की संयुक्त मुस्तैदी के चलते गिरफ्तार अभियुक्त दानिश उर्फ दानू के पास से सुरक्षा बलों ने घातक अवैध हथियार और जाली सरकारी पहचान पत्र बरामद किए हैं. बरामद किए गए हथियारों की प्रकृति से स्पष्ट होता है कि यह नेटवर्क बेहद पेशेवर तरीके से संचालित हो रहा था.

अभियुक्त के पास से बरामद की गई सामग्रियों की सूची इस प्रकार है:

  1. अवैध पिस्टल: 01 अदद सेमी ऑटोमैटिक पिस्टल (.30 बोर).
  2. अवैध रायफल: 01 अदद सेमी ऑटोमैटिक रायफल (.315 बोर).
  3. जिंदा कारतूस: कुल 17 कारतूस बरामद किए गए, जिनमें 10 जिंदा कारतूस (.315 बोर) और 07 जिंदा कारतूस (.30 बोर) शामिल हैं.
  4. फर्जी शस्त्र लाइसेंस: 02 कूट रचित (जाली) शस्त्र लाइसेंस बरामद हुए हैं, जिनके तार उत्तर प्रदेश के जनपद शाहजहाँपुर से जुड़े हुए हैं.
  5. जाली पहचान पत्र: अभियुक्त दानिश के नाम का 01 कूटरचित पहचान पत्र (पहचान दस्तावेज) भी जब्त किया गया है.

एसटीएफ का कड़ा रुख: संलिप्त पाए जाने वाले दलाल और अधिकारी जाएंगे जेल

इस बड़ी कामयाबी और गिरोह के तौर-तरीकों पर प्रकाश डालते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) एसटीएफ उत्तराखंड ने एक कड़ा प्रशासनिक बयान जारी किया है. उन्होंने कहा कि वर्ष 2026 के प्रारंभ से ही राज्य में कूट रचित दस्तावेजों के माध्यम से फर्जी तरीके से शस्त्र लाइसेंस तैयार करने वाले और अवैध हथियारों की तस्करी करने वाले गिरोहों के खिलाफ एक सघन विशेष अभियान चलाया जा रहा है.


"फर्जी शस्त्र लाइसेंस और अवैध हथियारों का यह खेल केवल कानून का सामान्य उल्लंघन नहीं है, बल्कि यह हमारे समाज और संपूर्ण राज्य की आंतरिक सुरक्षा के लिए एक अत्यंत गंभीर खतरा है। एसटीएफ इस पूरे संगठित नेटवर्क की आखिरी तह तक जाएगी। इस गहन जांच में जिस किसी भी व्यक्ति, बिचौलिये (दलाल), अवैध लाइसेंस धारक अथवा उन्हें संरक्षण देने वाले सहयोगी की संलिप्तता सामने आएगी, उसके विरुद्ध कठोरतम वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। किसी भी दोषी को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और उनकी सही जगह केवल जेल की सलाखों के पीछे होगी।" — एसएसपी, एसटीएफ उत्तराखंड


एसटीएफ की ओर से आम जनता से भी एक महत्वपूर्ण अपील की गई है. विभाग ने कहा है कि यदि किसी भी नागरिक को अपने आसपास किसी संदिग्ध, फर्जी या अवैध शस्त्र लाइसेंस अथवा उससे जुड़े अपराधियों के संबंध में कोई भी पुख्ता जानकारी मिलती है, तो वे तुरंत एसटीएफ को सूचित करें. सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान और गोपनीयता को पूरी तरह से सुरक्षित रखा जाएगा.

एसटीएफ अभियान के अब तक के संचयी आंकड़े




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Krishna Kumar
लेखक के बारे में

कृष्ण कुमार

कृष्ण कुमार को छोटी उम्र से ही खबरों की दुनिया ने इतना रोमांचित किया कि पत्रकारिता को ही करियर बना लिया। 6+ साल पहले 'आपकी मीडिया' जैसे बहुआयामी संस्थान... और पढ़ें
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