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देहरादून: उत्तराखंड में साइबर ठगों के खिलाफ स्पेशल टास्क फोर्स (STF) का कड़ा प्रहार लगातार जारी है। पीड़ितों को न्याय दिलाने और उनके डूबे पैसे वापस कराने की मुहिम में एसटीएफ को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। इन्वेस्टमेंट ट्रेडिंग के नाम पर साइबर धोखाधड़ी के शिकार हुए एक पीड़ित की तत्परता और एसटीएफ की त्वरित कार्रवाई के चलते ₹25,40,000 (25.40 लाख रुपये) की पूरी रकम सुरक्षित वापस करा दी गई है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP), एसटीएफ उत्तराखंड के निर्देशन में साइबर थाना पुलिस टीम लगातार मिल रही शिकायतों पर 24/7 एक्शन मोड में काम कर रही है। इसी कड़ी में जैसे ही टीम को इस बड़े फ्रॉड की शिकायत मिली, पुलिस ने तुरंत टेक्निकल एनालिसिस और त्वरित प्रभावी कार्रवाई करते हुए ठगों के खातों को फ्रीज करवाया और पीड़ित की गाढ़ी कमाई वापस दिलाई।
इस सराहनीय कार्य को अंजाम देने वाली साइबर थाना पुलिस टीम:
- निरीक्षक: श्री शरद चौधरी
- हेड कांस्टेबल: हेम चन्द्र मठपाल
- कांस्टेबल: मौ0 उस्मान
SSP एसटीएफ उत्तराखंड की जनसामान्य से अपील
साइबर अपराधों की बढ़ती संख्या को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, एसटीएफ ने आम जनता को सतर्क रहने के लिए कुछ बेहद जरूरी गाइडलाइंस जारी की हैं:
- अज्ञात लिंक्स से बचें: किसी भी अनजान या संदेहास्पद लिंक पर क्लिक न करें।
- गोपनीयता बनाए रखें: अपना ओटीपी (OTP), बैंक विवरण, सीवीवी (CVV) नंबर और पासवर्ड कभी भी किसी के साथ साझा न करें।
- प्रलोभनों में न आएं: पैसे दोगुना करने, घर बैठे मोटी कमाई वाले 'इन्वेस्टमेंट ट्रेडिंग', फर्जी लॉटरी या सस्ते टिकट बुक करने वाली अनजानी साइटों के झांसे में बिल्कुल न आएं।
याद रखें: यदि आप या आपका कोई परिचित किसी भी प्रकार की साइबर ठगी का शिकार होता है, तो बिना देर किए तत्काल 1930 साइबर हेल्पलाइन पर कॉल करें या www.cybercrime.gov.in पर अपनी शिकायत तुरंत दर्ज कराएं। साइबर अपराधों में जितनी जल्दी शिकायत होगी, पैसे वापस मिलने की संभावना उतनी ही ज्यादा होती है।
