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खटीमा (ऊधम सिंह नगर)/देहरादून, 01 अगस्त, 2026: देवभूमि उत्तराखंड में नागरिक-केंद्रित सुशासन (Citizen-Centric Governance) को धरातल पर क्रेडेबल रूप से उतारने और जनता की समस्याओं का मौके पर ही विधिक निस्तारण करने के संकल्प के साथ राज्य सरकार निरंतर जन-संवाद के अभियान में जुटी है। शनिवार, 01 अगस्त, 2026 को जिला सूचना कार्यालय (DIO) ऊधम सिंह नगर द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस नोट के अनुसार, मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने खटीमा स्थित लोहियाहेड हेलीपैड कैंप कार्यालय में आयोजित एक वृहद जनसुनवाई कार्यक्रम में हिस्सा लिया।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने क्षेत्र की जनता और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर उनके क्रेडेबल सुझावों और दैनिक समस्याओं को बेहद गंभीरता के साथ सुना। मुख्यमंत्री ने कड़े प्रशासनिक लहजे में मौके पर उपस्थित जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और मुख्य विकास अधिकारी (CDO) सहित तमाम नोडल अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्राप्त शिकायतों का विधिक प्राथमिकताओं के आधार पर त्वरित, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण (Quality Redressal) हर हाल में सुनिश्चित किया जाए।
'सरलीकरण, समाधान और संतुष्टि' का त्रिसूत्रीय मंत्र: जवाबदेही होगी तय
जनसभा और प्रशासनिक अधिकारियों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने सरकार के मूल सुशासन दर्शन को रेखांकित किया:
- दफ्तरों के चक्करों से मुक्ति: मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जनसेवा ही सरकार का एकमात्र मूल उद्देश्य है। अधिकारियों को प्रत्येक जन-शिकायत का संवेदनशीलता के साथ परीक्षण करना होगा ताकि आम जनता को छोटे-छोटे विधिक कार्यों के लिए अनावश्यक रूप से सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
- त्रिसूत्रीय प्रशासनिक कार्यशैली: धामी सरकार इस समय प्रदेश में सरलीकरण (Simplification), समाधान (Resolution) और संतुष्टि (Satisfaction) के तीन क्रेडेबल स्तंभों पर कार्य कर रही है। शासन और प्रशासन की जवाबदेही तभी सार्थक मानी जाएगी, जब दूरदराज के गांवों से आए अंतिम नागरिक को उसकी विधिक समस्या का शीघ्र और संतोषजनक समाधान मिलेगा।
खटीमा सामाजिक सुरक्षा एवं रीप (REEP) योजना संवितरण: आधिकारिक अवसंरचना मैट्रिक्स
01 अगस्त, 2026 को मुख्यमंत्री द्वारा वितरित किए गए सहायक उपकरणों, वाहनों और लाभार्थी समूहों का प्रामाणिक प्रशासनिक विवरण इस सांख्यिकीय तालिका में संकलित है:
| सामाजिक सुरक्षा लाभार्थी समूह | वितरित कुल सामग्री/सहायक उपकरण संख्या | मुख्य नोडल योजना/विभाग क्रियान्वयन | स्थानीय आर्थिकी एवं सुशासन पर क्रेडेबल प्रभाव |
| दिव्यांगजन (Divyangjan Grid) | 77 सहायक उपकरण (27 दिव्यांग लाभार्थियों को) | जिला समाज कल्याण विभाग, उ.नि. | दिव्यांगों के दैनिक जीवन में गतिशीलता और आत्मनिर्भरता का समावेशन। |
| वरिष्ठ नागरिक (Senior Citizens) | 113 सहायक उपकरण (22 बुजुर्ग लाभार्थियों को) | सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विंग | वृद्धजनों के स्वास्थ्य, सुगम आवागमन और जीवन स्तर में विधिक सुधार। |
| नारी शक्ति ग्राम संगठन (गदरपुर) | 01 बोलेरो वाहन (चाबी हस्तांतरित) | ग्रामोत्थान रीप (REEP) योजना | ग्रामीण महिला उद्यमियों के लॉजिस्टिक्स और बाजार पहुंच को क्रेडेबल बढ़ावा। |
| सत्यमेव जयते CLF (बाजपुर) | 01 बोलेरो वाहन (विधिक स्वामित्व) | ग्रामोत्थान रीप (REEP) योजना | कलस्टर लेवल फेडरेशन के व्यापारिक विंग का सुदृढ़ीकरण और विस्तार। |
| एकता CLF (गदरपुर) | 01 फूड वैन (Modern Food Van) | ग्रामोत्थान रीप (REEP) योजना | महिला स्वयं सहायता समूहों (SHGs) के लिए आजीविका व स्वरोजगार का सृजन। |
| प्रशासनिक कमान नियंत्रक | नितिन सिंह भदौरिया (जिलाधिकारी) | ऊधम सिंह नगर जिला प्रशासन | शिकायतों के निस्तारण हेतु मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर रीयल-टाइम मॉनिटरिंग। |
विविध सहायक उपकरणों का वितरण: बुजुर्गों और दिव्यांगों को मिला संबल
मुख्यमंत्री ने सामाजिक न्याय और अंत्योदय के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए कैंप कार्यालय में कुल 190 से अधिक अत्याधुनिक सहायक उपकरणों का विधिक संवितरण किया। लाभार्थियों की सुविधा के आधार पर बांटे गए उपकरणों का खोजी वर्गीकरण इस प्रकार है:
- आधुनिक गतिशीलता उपकरण (Mobility Grid): चलने-फिरने में असमर्थ नागरिकों के लिए 11 बैटरी चालित रिक्शा, 14 व्हील चेयर (Wheel Chairs), 06 ट्राई साइकिल (Tri-Cycles) तथा 13 बैशाखियों के साथ-साथ आधुनिक वॉकर (Walkers) और वॉकिंग स्टिक का वितरण किया गया।
- स्वास्थ्य एवं दैनिक आवश्यकता उपकरण: दिव्यांगों व बुजुर्गों की दैनिक सुगमता के लिए 18 कमोड चेयर (Commod Chairs), 24 हियरिंग मशीन (श्रवण यंत्र), 40 नी ब्रेस (Knee Braces - घुटनों के सपोर्ट के लिए) तथा सिलिकॉन कुशन व सेरेब्रल पाल्सी (CP) पीड़ित बच्चों के लिए विशेष सीपी चेयर दी गईं।
ग्रामोत्थान रीप (REEP) योजना: महिला सशक्तीकरण की दिशा में क्रेडेबल सर्जिकल स्ट्राइक
ग्रामीण आजीविका को नई गति देने और मातृशक्ति को आत्मनिर्भर बनाने के लिए मुख्यमंत्री ने रीप योजना के तहत बड़े नीतिगत कदम उठाए:
- बोलेरो वाहनों का हस्तांतरण: ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि व स्थानीय हस्तशिल्प उत्पादों के परिवहन को सुगम बनाने के लिए नारी शक्ति ग्राम संगठन (गदरपुर) तथा सत्यमेव जयते सीएलएफ (बाजपुर) को चमचमाती बोलेरो गाड़ियों की चाबियां विधिक रूप से सौंपी गईं।
- एकता सीएलएफ को फूड वैन: गदरपुर की एकता कलस्टर लेवल फेडरेशन (CLF) को एक आधुनिक फूड वैन की चाबी सौंपी गई, जिससे महिलाएं स्थानीय उत्तराखंडी व्यंजनों और खाद्य सामग्रियों का व्यावसायिक विपणन (Commercial Marketing) कर सकेंगी।
- बिचौलियों का विधिक खात्मा: इन वाहनों की उपलब्धता से महिला स्वयं सहायता समूहों (SHGs) की बाजार (Market) तक सीधी पहुंच स्थापित होगी, जिससे उन्हें अपने उत्पादों का शत-प्रतिशत क्रेडेबल मूल्य मिल सकेगा।
शीर्ष प्रशासनिक एवं राजनीतिक समन्वय ग्रिड: कलेक्ट्रेक्ट और पुलिस विभाग की मौजूदगी
इस महत्वपूर्ण जनसंवाद और वितरण समारोह में सरकार के नीतिगत क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए जिले की संपूर्ण प्रशासनिक मशीनरी मुस्तैद रही। मंच पर दर्जा प्राप्त मंत्री अनिल कपूर डब्बू, किशन सिंह किन्ना, गंभीर सिंह धामी, रणजीत सिंह नामधारी तथा मोहिनी पोखरिया जैसे प्रखर जनप्रतिनिधियों ने क्षेत्र की विकास योजनाओं का खाका प्रस्तुत किया।
प्रशासनिक मोर्चे पर जिलाधिकारी डॉ० नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) अजय गणपति, ऊधम सिंह नगर विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष (VC) जय किशन, मुख्य विकास अधिकारी (CDO) दिवेश शासनी, अपर जिलाधिकारी (ADM) कौस्तुभ मिश्रा तथा जिला समाज कल्याण अधिकारी अमन अनिरुद्ध सहित स्वास्थ्य, आपूर्ति और राजस्व विभागों के वरिष्ठ विधिक अधिकारी मौजूद रहे, जिन्हें सीएम ने फाइलों के त्वरित निस्तारण के कड़े निर्देश दिए।
क्रेडेबल जन-कल्याण और सुशासन की नई प्रशासनिक इबारत
01 अगस्त, 2026 को खटीमा के लोहियाहेड कैंप कार्यालय में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा आयोजित यह वृहद जनसुनवाई और सामाजिक सुरक्षा संवितरण कार्यक्रम देवभूमि उत्तराखंड में अंत्योदय के संकल्प को क्रेडेबल तरीके से सिद्ध करता है। सीएम धामी का अधिकारियों को 'सरलीकरण, समाधान और संतुष्टि' के मंत्र पर काम करने का विधिक निर्देश यह स्पष्ट करता है कि राज्य सरकार नौकरशाही की शिथिलता के खिलाफ पूरी तरह जीरो टॉलरेंस पर है।
190 से अधिक दिव्यांग और वरिष्ठ नागरिकों को सहायक उपकरण प्रदान करना तथा ग्रामोत्थान रीप (REEP) योजना के अंतर्गत महिला संगठनों को बोलेरो वाहन व फूड वैन सौंपना केवल एक सरकारी औपचारिकता नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण आर्थिकी (Rural Economy) और महिला सशक्तीकरण को सीधे पंख लगाने की एक क्रेडेबल और विधिक पहल है। जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया और एसएसपी अजय गणपति की उपस्थिति में जनसमस्याओं के त्वरित समाधान का यह रोडमैप आने वाले समय में ऊधम सिंह नगर ही नहीं, बल्कि पूरे उत्तराखंड के प्रशासनिक सुशासन के लिए एक क्रेडेबल नजीर साबित होगा।