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देहरादून, 01 अगस्त, 2026: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में जिला प्रशासन ने राज्य सरकार के राजकोषीय लक्ष्यों (Fiscal Targets) को समयबद्ध तरीके से प्राप्त करने और वित्तीय अनुशासन को धरातल पर क्रेडिबल रूप से लागू करने के लिए एक बेहद सख्त और विधिक रुख अख्तियार कर लिया है। शनिवार, 01 अगस्त, 2026 को जिला सूचना कार्यालय (DIOH) देहरादून द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस नोट के अनुसार, जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने कलेक्ट्रेट परिसर के मुख्य सभागार में आयोजित 'जिला स्तरीय राजस्व संवर्धन एवं अनुश्रवण समिति' की एक महत्वपूर्ण और वृहद विधिक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने स्पष्ट और कड़े प्रशासनिक लहजे में निर्देश जारी किए कि सरकारी राजस्व की प्राप्ति और वसूली में किसी भी स्तर पर बरती जाने वाली शिथिलता या लापरवाही को विधिक रूप से बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। डीएम ने उन सभी नोडल विभागों को तत्काल प्रभाव से एक व्यावहारिक और क्रेडिबल कार्ययोजना (Action Plan) तैयार करने के विधिक निर्देश दिए हैं, जो वित्तीय वर्ष 2026-27 के निर्धारित लक्ष्यों से पीछे चल रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि प्रत्येक माह प्रगति का बारीकी से मूल्यांकन (Monthly Performance Evaluation) होगा और विफलता पर अधिकारियों की व्यक्तिगत जवाबदेही तय कर विधिक कार्रवाई की जाएगी।
विभागवार लक्ष्य बनाम संचयी वसूली (जून 2026 तक): एक व्यापक खोजी विश्लेषण
समीक्षा बैठक के दौरान जिला प्रशासन ने पाया कि जल संस्थान, परिवहन, सिंचाई, वन विभाग और निबंधन (रजिस्ट्री) जैसे महत्वपूर्ण विभागों में निर्धारित लक्ष्यों की तुलना में राजस्व प्राप्ति का ग्राफ काफी धीमा दर्ज किया गया है। डीएम ने इन सभी विभागीय प्रमुखों को कम वसूली के कारणों का गहन विश्लेषण (Gap Analysis) करने और राजस्व रिसाव (Revenue Leakage) को रोकने के लिए ठोस रणनीति बनाने को कहा।
१. राज्य कर एवं आबकारी विभाग (शीर्ष राजस्व ग्रिड)
- राज्य कर (State GST/Tax): जिले का सबसे बड़ा राजस्व अर्जनक होने के नाते, राज्य कर विभाग ने वित्तीय वर्ष के कुल ₹4563.74 करोड़ के महा-लक्ष्य के मुकाबले जून 2026 तक ₹1142.36 करोड़ का राजस्व अर्जित किया है, जो संतोषजनक है लेकिन इसमें और तेजी लाने के विधिक निर्देश दिए गए हैं।
- आबकारी विभाग (Excise Wing): आबकारी विभाग को आवंटित ₹667.60 करोड़ के वार्षिक बजटीय लक्ष्य के सापेक्ष जून माह तक ₹128 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ है।
२. निबंधन (Registry) एवं उप निबंधक कार्यालय
जमीन और संपत्तियों की रजिस्ट्री से जुड़े उप निबंधक कार्यालयों को वित्तीय वर्ष के लिए ₹1450 करोड़ का विशाल वार्षिक लक्ष्य आवंटित किया गया है। इसके सापेक्ष जून 2026 तक ₹380 करोड़ का कुल राजस्व प्राप्त हुआ है, जिसमें स्टाम्प शुल्क (Stamp Duty) एवं निबंधन शुल्क से प्राप्त ₹129 करोड़ की क्रेडिबल आय भी शामिल है।
देहरादून राजस्व संवर्धन एवं अनुश्रवण समिति बैठक 2026: विभागवार वित्तीय लक्ष्य बनाम प्राप्ति मैट्रिक्स
01 अगस्त, 2026 को जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान द्वारा की गई विभागवार वित्तीय समीक्षा के प्रामाणिक आंकड़ों और बजटीय सांख्यिकी का संकलित विवरण इस प्रशासनिक तालिका में प्रस्तुत है:
| संबद्ध विभाग/निकाय का नाम | आवंटित वार्षिक/मासिक बजटीय लक्ष्य (FY 2026-27) | जून 2026 तक वास्तविक राजस्व प्राप्ति | लक्ष्य प्राप्ति प्रतिशत एवं क्रेडिबल प्रशासनिक स्थिति |
| राज्य कर विभाग (State Tax) | ₹4563.74 करोड़ (वार्षिक लक्ष्य) | ₹1142.36 करोड़ | लगभग 25% प्राप्ति; निरंतर कड़े विधिक अनुश्रवण के निर्देश। |
| उप निबंधक कार्यालय (Registry) | ₹1450.00 करोड़ (वार्षिक लक्ष्य) | ₹380.00 करोड़ | स्टाम्प व निबंधन शुल्क से ₹129 करोड़ की क्रेडिबल आय शामिल। |
| आबकारी विभाग (Excise) | ₹667.60 करोड़ (वार्षिक लक्ष्य) | ₹128.00 करोड़ | लक्ष्य से पीछे; राजस्व प्रवर्तन बढ़ाने के कड़े निर्देश। |
| नगर निगम देहरादून | ₹75.00 करोड़ (वार्षिक लक्ष्य) | ₹24.37 करोड़ | शहरी कर और गृह कर (Property Tax) वसूली तेज करने की हिदायत। |
| वन विभाग (Forest Dept.) | ₹63.63 करोड़ (वार्षिक लक्ष्य) | ₹17.22 करोड़ | वन संपदा और रॉयल्टी से प्राप्त क्रेडिबल विधिक राजस्व। |
| नगर निगम ऋषिकेश | ₹12.47 करोड़ (1247.20 लाख वार्षिक) | ₹1.70 करोड़ (170.56 लाख) | वसूली की गति अत्यंत धीमी; तत्काल नई कार्ययोजना के निर्देश। |
| जिला खनन कार्यालय | ₹8.00 करोड़ (जून 2026 का मासिक लक्ष्य) | ₹8.06 करोड़ | 100% से अधिक प्राप्ति; अवैध खनन पर ₹13.60 लाख का अर्थदंड। |
| सिंचाई विभाग (Executive Wing) | ₹100 लाख (वार्षिक लक्ष्य घटक-1) | ₹20.04 लाख | वार्षिक लक्ष्य के सापेक्ष जून तक की विधिक प्रगति। |
| सिंचाई विभाग (समग्र ग्रिड) | ₹20.35 करोड़ (वार्षिक लक्ष्य घटक-2) | ₹1.41 करोड़ | लक्ष्य से काफी पीछे; अधिशासी अभियंता को कड़ा नोटिस। |
| पर्यटन विभाग (Tourism) | -- (समीक्षा ग्रिड) | ₹1.40 लाख | पर्यटन गतिविधियों से प्राप्त विधिक सेवा शुल्क एवं राजस्व। |
| परिवहन विभाग (RTO) | कोई वार्षिक लक्ष्य निर्धारित नहीं | ₹59.06 करोड़ (5906.50 लाख) | पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 1.67% की क्रेडिबल वृद्धि। |
खनन विभाग की क्रेडिबल परफॉर्मेंस: अवैध खनन पर ₹13.60 लाख का विधिक अर्थदंड
समीक्षा बैठक में जिला खनन अधिकारी ऐश्वर्य शाह ने एक क्रेडिबल रिपोर्ट प्रस्तुत की, जिसकी प्रशासनिक सराहना की गई:
- मासिक लक्ष्य से अधिक वसूली: खनन विभाग के लिए जून 2026 के लिए निर्धारित ₹8 करोड़ के मासिक विधिक लक्ष्य के सापेक्ष ₹8.06 करोड़ की शानदार राजस्व प्राप्ति दर्ज की गई।
- अवैध खनन पर सर्जिकल स्ट्राइक: प्रवर्तन कार्रवाई के तहत अवैध खनन के चार (04) तथा अवैध परिवहन (Illegal Transit) के पांच (05) गंभीर मामलों को विधिक रूप से पकड़ा गया। इन मामलों में दोषियों पर ₹13.60 लाख का भारी अर्थदंड (Financial Penalty) लगाया गया, जिसके सापेक्ष ₹12.67 लाख की क्रेडिबल वसूली तत्काल सुनिश्चित की जा चुकी है। डीएम ने अवैध खनन के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति को विधिक रूप से जारी रखने के निर्देश दिए।
वित्तीय सुशासन और राजस्व संवर्धन के 4 मुख्य प्रशासनिक नीतिगत स्तंभ
समीक्षा बैठक के निर्णयों के आलोक में जिलाधिकारी देहरादून द्वारा जिले में निम्नलिखित चार क्रेडिबल और स्थायी सुशासन उपाय तत्काल प्रभाव से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं:
- अनिवार्य मासिक ऑडिट और समीक्षा ग्रिड: प्रत्येक माह की 5 तारीख से पहले सभी राजस्व अर्जित करने वाले विभागों को कलेक्ट्रेट सचिवालय में अपनी प्रगति रिपोर्ट जमा करनी होगी, जिसकी समीक्षा स्वयं डीएम डॉ. आशीष चौहान करेंगे।
- अवैध गतिविधियों पर कठोर विधिक अर्थदंड: अवैध खनन, बिना स्टाम्प शुल्क के संपत्ति विलेखों (Deeds) के हस्तांतरण और कर चोरी (Tax Evasion) के मामलों में सीधे भारतीय न्याय संहिता (BNS) और संबंधित अधिनियमों के तहत विधिक मुकदमे दर्ज करना।
- शहरी निकायों का डिजिटल सुदृढ़ीकरण: नगर निगम देहरादून, ऋषिकेश और सभी नगर पालिकाओं व नगर पंचायतों को गृह कर (Property Tax) और व्यावसायिक करों की वसूली के लिए 100% डिजिटल गेटवे और डोर-टू-डोर विधिक सर्वेक्षण अपनाने का निर्देश।
- राजस्व रिसाव (Revenue Leakage) पर पूर्ण रोक: जल संस्थान और सिंचाई विभाग जैसे जनोपयोगी विभागों को बकाया बिलों की वसूली के लिए विशेष विधिक रिकवरी कैंप (Recovery Camps) लगाने और डिफाल्टरों के खिलाफ विधिक आरसी (Recovery Certificate) जारी करने के निर्देश।
शीर्ष अधिकारियों की उपस्थिति: कलेक्ट्रेट समन्वय विंग
इस उच्च स्तरीय जिला स्तरीय राजस्व संवर्धन बैठक में लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधीक्षण अभियंता ओ.पी. सिंह, अधीक्षण अभियंता राजीव सैनी, सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता दीक्षांत गुप्ता, अधिशासी अभियंता राजेश कुमार निर्वाल, जिला खनन अधिकारी ऐश्वर्य शाह, नगर आयुक्त ऋषिकेश विजय नाथ शुक्ल, तथा उत्तराखंड परिवहन निगम (UTC) के सुरेश सिंह चौहान सहित वित्त, राजस्व, निबंधन और आबकारी विंग के दर्जनों वरिष्ठ प्रशासनिक एवं विधिक अधिकारी उपस्थित रहे।
वित्तीय अनुशासन से ही समृद्ध होगा देवभूमि का सुशासन
01 अगस्त, 2026 को देहरादून कलेक्ट्रेट में जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान द्वारा ली गई यह विस्तृत राजस्व समीक्षा बैठक जिले के प्रशासनिक और वित्तीय सुशासन (Fiscal Governance) को एक नई क्रेडिबल दिशा देने वाली है। ₹4563 करोड़ के लक्ष्य वाले राज्य कर विभाग से लेकर नगर निगमों तक के आंकड़ों का यह गहन विधिक विश्लेषण यह स्पष्ट करता है कि जिला प्रशासन अब तदर्थ व्यवस्थाओं के बजाय पूर्ण जवाबदेही (Accountability) पर काम कर रहा है।
खनन विभाग द्वारा लक्ष्य से अधिक वसूली और अवैध परिवहन पर ₹13.60 लाख का जुर्माना लगाना यह सिद्ध करता है कि यदि प्रवर्तन एजेंसियां सक्रिय हों, तो राजस्व में क्रेडिबल वृद्धि निश्चित है। डीएम डॉ. आशीष चौहान की यह कड़ी चेतावनी कि "शिथिलता बर्दाश्त नहीं होगी" और "हर माह बारीकी से मूल्यांकन होगा", उन विभागों के लिए एक विधिक अल्टीमेटम है जो अपने लक्ष्यों से पीछे चल रहे हैं। समय की मांग है कि सभी सरकारी विभाग इस प्रशासनिक ग्रिड के अनुरूप काम करें ताकि लोक कल्याणकारी योजनाओं के लिए राज्य का खजाना पूरी तरह समृद्ध और सुरक्षित रहे।