₹55 लाख की साइबर ठगी का भंडाफोड़: उत्तराखण्ड STF ने अमृतसर से दबोचा अंतर्राज्यीय गिरोह का मुख्य सदस्य; PNB खाते में पहुंची थी ₹8.94 लाख की रकम


Aapki Media AI


देहरादून, 12 अगस्त, 2026: उत्तराखण्ड में साइबर अपराधियों और वित्तीय धोखाधड़ी करने वाले अंतर्राज्यीय सिंडिकेट्स के खिलाफ स्पेशल टास्क फोर्स (STF) और साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन देहरादून ने एक और बड़ी सफलता हासिल की है। बुधवार, 12 अगस्त, 2026 को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) एसटीएफ कार्यालय द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस रिलीज के अनुसार, पुलिस टीम ने अमृतसर (पंजाब) में दबिश देकर ₹55.48 लाख की हाई-प्रोफाइल शेयर/IPO निवेश ठगी में शामिल शातिर अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया है।

 

₹55 लाख की साइबर ठगी का बड़ा खुलासा! एसटीएफ और साइबर पुलिस ने अमृतसर से दबोचा अंतर्राज्यीय गिरोह का मुख्य सदस्य


पीड़ित शिकायतकर्ता को 'IIFL Wealth Management' जैसी प्रतिष्ठित वित्तीय संस्था से जुड़ा बताकर IPO और शेयर बाजार में अत्यधिक रिटर्न का लालच दिया गया था। शातिर ठगों ने पीड़ित से 16 दिसंबर 2025 से 28 जनवरी 2026 के मध्य RTGS के जरिए कुल ₹55,48,412/- विभिन्न फर्जी बैंक खातों में ट्रांसफर करवा लिए थे।


बैंकिंग ट्रेल और तकनीकी साक्ष्य: M/S HARI OM TRADERS से अमृतसर कनेक्शन तक


विवेचना अधिकारी निरीक्षक विजय भारती के नेतृत्व में साइबर पुलिस टीम ने जटिल डिजिटल साक्ष्यों और बैंकिंग लेयर्स (Banking Layers) का गहन विश्लेषण किया, जिसमें निम्नलिखित तथ्य उजागर हुए:

  1. प्रथम लेयर खाता (M/S HARI OM TRADERS): पीड़ित द्वारा ठगी की कुल रकम में से ₹25,48,412/- सबसे पहले संदिग्ध खाते 'M/S HARI OM TRADERS' में जमा कराए गए थे।
  2. द्वितीय लेयर PNB खाता: इस खाते से ₹3,18,000/- और ₹5,76,300/- (कुल ₹8,94,300/-) की रकम तत्काल पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के खाता संख्या 2898000105250822 में स्थानांतरित की गई, जो अभियुक्त प्रभजीत सिंह के नाम पर पंजीकृत था।
  3. एटीएम व चेक से आहरण: अभियुक्त ने खाते में रकम पहुंचते ही उसे चेक एवं एटीएम के जरिए तुरंत कैश के रूप में निकाल लिया।

 

एसटीएफ साइबर क्राइम केस मु0अ0सं0 10/2026: प्रशासनिक व तकनीकी विवरण 



12 अगस्त, 2026 को सार्वजनिक किए गए इस केस का विधिक और प्रशासनिक ढांचा इस तालिका में प्रस्तुत है:


विधिक/प्रशासनिक घटकप्रकरण ब्योरा एवं पुलिस कार्रवाई का दायरानोडल एजेंसी / विधिक प्रावधानसाइबर सुरक्षा पर क्रेडिबल प्रभाव
मुकदमा अपराध संख्यामु0अ0सं0 10/2026साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन, देहरादूनभारतीय न्याय संहिता व आईटी एक्ट में त्वरित कार्रवाई।
आरोपित विधिक धाराएंधारा 318(4)/61(2) BNS एवं 66(D) IT ActBNS एवं सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियमधोखाधड़ी और डिजिटल पहचान चोरी के खिलाफ कड़ा शिकंजा।
गिरफ्तार अभियुक्तप्रभजीत सिंह (उम्र 20 वर्ष) पुत्र स्व0 जोगेन्द्र सिंहनिवासी: भल्ला कॉलोनी, छेहरटा, अमृतसर (पंजाब)म्यूल अकाउंट्स (Mule Accounts) ऑपरेटरों पर सर्जिकल प्रहार।
गिरफ्तारी स्थल व दिनांकतारा वाला पुल, जालंधर रोड, अमृतसर (11.08.2026)एसटीएफ/साइबर पुलिस टीम उत्तराखण्डअंतर्राज्यीय सीमाओं के पार त्वरित पुलिस दबिश व कार्रवाई।
बरामद सामग्री01 स्मार्ट मोबाइल फोन एवं 01 पंजीकृत SMS अलर्ट नंबरडिजिटल फोरेंसिक लैब परीक्षण हेतुगिरोह के अन्य मास्टरमाइंड्स का पता लगाने में मुख्य साक्ष्य।

एसटीएफ की सफल रेड टीम का प्रशासनिक विवरण


इस अंतर्राज्यीय ऑपरेशन को सफलता से अंजाम देने वाली एसटीएफ और साइबर क्राइम पुलिस टीम में निम्नलिखित अधिकारी शामिल रहे:

  1. निरीक्षक विजय भारती (विवेचक/जांच अधिकारी)
  2. उप-निरीक्षक (SI) रमन बिष्ट
  3. सहायक उप-निरीक्षक (ASI) पवन कुमार यादव
  4. कॉन्स्टेबल सोहन बडोनी

पूछताछ में गिरफ्तार अभियुक्त प्रभजीत सिंह ने स्वीकार किया कि उसने अपने अन्य बैंक खातों का उपयोग भी साइबर ठगी की अवैध रकम को ठिकाने लगाने के लिए किया था। उसने गिरोह के अन्य मुख्य संचालकों के संबंध में कई महत्वपूर्ण सुराग दिए हैं, जिसके आधार पर एसटीएफ की अग्रिम विवेचनात्मक कार्रवाई जारी है।
 

ऑनलाइन शेयर/IPO निवेश ठगी से बचाव के 4 मुख्य साइबर सुरक्षा नियम


एसटीएफ उत्तराखण्ड ने नागरिकों को डिजिटल वित्तीय फ्रॉड से सुरक्षित रहने के लिए निम्नलिखित सुझाव दिए हैं:

  • अनधिकृत व्हाट्सएप/टेलीग्राम ग्रुप्स से बचें: किसी भी अज्ञात व्यक्ति द्वारा व्हाट्सएप या टेलीग्राम पर IIFL, SEBI या अन्य रजिस्टर्ड ब्रोकर्स के नाम से दिए जा रहे IPO या स्टॉक टिप्स पर आंख मूंदकर भरोसा न करें।
  • व्यक्तिगत/ट्रेडर्स खातों में पैसे न भेजें: कोई भी वैध शेयर ब्रोकिंग कंपनी अपने आधिकारिक कॉर्पोरेट बैंक खाते के बजाय 'M/S HARI OM TRADERS' जैसे निजी या फर्म खातों में RTGS/UPI से पैसे नहीं मांगती।
  • 1930 साइबर हेल्पलाइन पर तत्काल रिपोर्ट करें: यदि आप किसी भी प्रकार की वित्तीय ठगी का शिकार होते हैं, तो बिना विलंब राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।
  • म्यूल अकाउंट न बेचें: अपने व्यक्तिगत बैंक खाते को किसी अन्य व्यक्ति को पैसे के लालच में इस्तेमाल न करने दें; ऐसा करना संज्ञेय अपराध की श्रेणी में आता है।

 

साइबर अपराधियों के खिलाफ एसटीएफ की ज़ीरो-टॉलरेंस नीति


12 अगस्त, 2026 को साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन देहरादून द्वारा अमृतसर से अभियुक्त प्रभजीत सिंह की गिरफ्तारी यह स्पष्ट संदेश देती है कि उत्तराखण्ड पुलिस सीमापार बैठकर अपराध करने वाले डिजिटल ठगों को किसी भी कीमत पर बख्शने वाली नहीं है। ₹55 लाख के इस वित्तीय सिंडिकेट के मुख्य खातेदार को पकड़कर एसटीएफ ने गिरोह की वित्तीय रीढ़ तोड़ी है। आम नागरिकों को भी अधिक रिटर्न के लालच से बचकर सतर्क रहने की आवश्यकता है, ताकि देवभूमि को सुरक्षित और साइबर-सुरक्षित बनाया जा सके।




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Krishna Kumar
लेखक के बारे में

कृष्ण कुमार

कृष्ण कुमार को छोटी उम्र से ही खबरों की दुनिया ने इतना रोमांचित किया कि पत्रकारिता को ही करियर बना लिया। 6+ साल पहले 'आपकी मीडिया' जैसे बहुआयामी संस्थान... और पढ़ें
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