राज्यपाल ने DGP दीपम सेठ के साथ की सुरक्षा समीक्षा: अर्धकुंभ और चारधाम यात्रा में होगा AI का उपयोग, प्रदेश में सत्यापन अभियान तेज करने के निर्देश

उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टीनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से.नि) से आज पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ ने लोकभवन में शिष्टाचार भेंट की। इस उच्चस्तरीय मुलाकात के दौरान पुलिस महानिदेशक ने राज्यपाल को आगामी चारधाम यात्रा और प्रस्तावित अर्धकुंभ मेले की सुरक्षा व्यवस्थाओं एवं तैयारियों के बारे में विस्तार से अवगत कराया। राज्यपाल ने अर्धकुंभ जैसे वैश्विक आयोजन की संवेदनशीलता को देखते हुए सुरक्षा और प्रबंधन के स्तर पर आमूल-चूल बदलाव के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि इतने बड़े स्तर के आयोजनों में अब पारंपरिक तरीकों के साथ-साथ आधुनिक तकनीक का समावेश अनिवार्य है ताकि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा के बीच एक बेहतर संतुलन बनाया जा सके।

राज्यपाल ने DGP दीपम सेठ के साथ की सुरक्षा समीक्षा
राज्यपाल ने DGP दीपम सेठ के साथ की सुरक्षा समीक्षा

AI और एडवांस कंट्रोल रूम से होगी निगरानी

सुरक्षा व्यवस्था को अधिक पुख्ता बनाने के लिए राज्यपाल ने अर्धकुंभ में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और आधुनिक तकनीक के व्यापक उपयोग पर विशेष जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि रियल टाइम मॉनिटरिंग को प्रभावी बनाने के लिए कुंभ क्षेत्र में एक अत्याधुनिक 'एडवांस कंट्रोल रूम' की स्थापना की जाए। राज्यपाल का मानना है कि AI तकनीक के माध्यम से न केवल भीड़ नियंत्रण (Crowd Control) में मदद मिलेगी, बल्कि किसी भी अप्रिय स्थिति या संदिग्ध गतिविधि की पहचान पलक झपकते ही संभव हो सकेगी। उन्होंने पुलिस महानिदेशक को तकनीक के इस मोर्चे पर विशेष कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं ताकि उत्तराखंड पुलिस का यह तकनीकी प्रयोग पूरे देश के लिए एक नजीर बन सके।

सत्यापन अभियान और ट्रैफिक प्रबंधन पर सख्त रुख

प्रदेश की आंतरिक सुरक्षा को लेकर राज्यपाल ने पुलिस विभाग को सत्यापन अभियान (Verification Drive) पर अधिक ध्यान केंद्रित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेशभर में चल रहे सत्यापन अभियान को और अधिक प्रभावी ढंग से तेज किया जाए ताकि सीमावर्ती और संवेदनशील क्षेत्रों में अवांछित तत्वों की पहचान की जा सके। इसके साथ ही राज्यपाल ने सुरक्षा, ट्रैफिक मैनेजमेंट और आपदा प्रबंधन जैसे विषयों पर समयबद्ध तरीके से तैयारियां पूरी करने को कहा। उनका मुख्य फोकस इस बात पर रहा कि चारधाम यात्रा और अर्धकुंभ के दौरान यातायात व्यवस्था इतनी सुदृढ़ हो कि श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों को जाम की समस्या से न जूझना पड़े।

सुरक्षित और व्यवस्थित आयोजन का संकल्प

राज्यपाल ने पुलिस विभाग को निर्देशित किया कि भीड़ नियंत्रण और आपदा प्रबंधन के लिए समय रहते मॉक ड्रिल और प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन किया जाए। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की वैश्विक छवि इन आयोजनों की सफलता पर टिकी है, इसलिए सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की चूक की गुंजाइश नहीं होनी चाहिए। डीजीपी दीपम सेठ ने राज्यपाल को भरोसा दिलाया कि पुलिस प्रशासन इन सभी बिंदुओं पर सक्रियता से काम कर रहा है और जल्द ही सुरक्षा का एक आधुनिक खाका धरातल पर दिखाई देगा। इस मुलाकात के बाद अब प्रदेश में सत्यापन अभियान और अर्धकुंभ की तैयारियों में और अधिक तेजी आने की उम्मीद है।

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