हरिद्वार, 16 मार्च 2026: धर्मनगरी हरिद्वार में घरेलू गैस सिलेंडरों के अवैध व्यावसायिक उपयोग को रोकने के लिए जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के सख्त निर्देशों के अनुपालन में जिला पूर्ति विभाग की टीम ने विभिन्न व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर छापेमारी कर बड़ी कार्रवाई की है। इस दौरान नियमों का उल्लंघन करने वाले ढाबों और होटलों से 10 घरेलू गैस सिलेंडर जब्त किए गए हैं।
आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कड़ा एक्शन
जिला पूर्ति अधिकारी मुकेश पाल ने बताया कि भारत सरकार द्वारा जारी 'आवश्यक वस्तु अधिनियम' के अंतर्गत प्राकृतिक गैस (आपूर्ति विनियमन) आदेश 2026 के प्रभावी अनुपालन के लिए यह अभियान चलाया गया। जिलाधिकारी ने स्पष्ट हिदायत दी है कि घरेलू उपयोग के लिए रियायती दरों पर मिलने वाली गैस का व्यावसायिक लाभ के लिए उपयोग करना कानूनन अपराध है और ऐसा करने वालों के विरुद्ध निरंतर कार्रवाई जारी रहेगी।
छापेमारी की कार्यवाही का संक्षिप्त विवरण
| विवरण | सांख्यिकी / स्थान |
| कुल प्रतिष्ठानों की जांच | 15 (होटल, ढाबे और रेस्टोरेंट) |
| जब्त घरेलू सिलेंडर (बहादराबाद) | 05 (नवोदय नगर क्षेत्र) |
| जब्त घरेलू सिलेंडर (भगवानपुर) | 05 |
| कुल जब्ती | 10 सिलेंडर |
| निरीक्षण दल | क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी एवं पूर्ति निरीक्षक |
गैस एजेंसियों की निगरानी के लिए 41 नोडल अधिकारी तैनात
व्यवस्था को पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त बनाने के लिए जिला प्रशासन ने एक नया और कड़ा कदम उठाया है। जनपद की सभी 41 गैस एजेंसियों के लिए पृथक रूप से 41 नोडल अधिकारी नामित किए गए हैं।
- ये अधिकारी नियमित रूप से एजेंसियों का निरीक्षण करेंगे।
- प्राकृतिक गैस, एलपीजी (LPG) और सीएनजी (CNG) के वितरण और अनुश्रवण की जिम्मेदारी इन अधिकारियों की होगी।
- नोडल अधिकारियों की तैनाती से सिलेंडरों की कालाबाजारी और अवैध व्यावसायिक डायवर्जन पर लगाम लगने की उम्मीद है।
जिलाधिकारी का सख्त संदेश
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने जनपद के सभी होटल, रेस्टोरेंट और ढाबा संचालकों को चेतावनी दी है कि वे केवल व्यावसायिक (Commercial) नीले सिलेंडरों का ही उपयोग करें। यदि भविष्य में किसी भी प्रतिष्ठान में घरेलू (Domestic) लाल सिलेंडर पाया जाता है, तो संबंधित व्यापारी के विरुद्ध भारी जुर्माने के साथ-साथ कानूनी कार्यवाही भी अमल में लाई जाएगी।
सुदृढ़ आपूर्ति व्यवस्था की ओर कदम
जिला पूर्ति विभाग की इस सक्रियता से न केवल सिलेंडरों के दुरुपयोग पर रोक लगेगी, बल्कि उन घरेलू उपभोक्ताओं को भी राहत मिलेगी जिन्हें समय पर गैस रिफिल मिलने में कठिनाई होती है। प्रशासन के इस कदम को जनपद में कालाबाजारी रोकने की दिशा में एक बड़ी जीत माना जा रहा है।
