कॉस्मेटिक स्टोर की आड़ में चल रहे ड्रग्स सिंडिकेट का भंडाफोड़; कलियर से भारी मात्रा में कोडीन व ट्रामाडोल के साथ शातिर तस्कर गिरफ्तार


Aapki Media AI


देहरादून, 1 जुलाई, 2026: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विज़नरी और संकल्पित राष्ट्रीय अभियान "ड्रग्स फ्री देवभूमि" के अंतर्गत उत्तराखंड पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने एक और ऐतिहासिक व क्रेडिबल (Credible) सफलता अर्जित की है। पुलिस महानिदेशक (DGP) उत्तराखंड श्री दीपम सेठ द्वारा सीमांत और संवेदनशील क्षेत्रों में नशे के सौदागरों के समूल नाश हेतु निर्गत कड़े विधिक निर्देशों के क्रम में, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ के नेतृत्व वाली एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने हरिद्वार जनपद के पिरान कलियर क्षेत्र में एक बड़े फार्मास्युटिकल नारकोटिक्स सिंडिकेट को ध्वस्त कर दिया है।

 

कॉस्मेटिक स्टोर की आड़ में चल रहे ड्रग्स सिंडिकेट का भंडाफोड़; कलियर से भारी मात्रा में कोडीन व ट्रामाडोल के साथ शातिर तस्कर गिरफ्तार


एसटीएफ की इस विशेष विधिक विंग ने स्थानीय ड्रग विभाग की टीम के साथ मिलकर कलियर क्षेत्र में संचालित एक कॉस्मेटिक और जनरल स्टोर की आड़ में हो रही प्रतिबंधित दवाओं की अंतरराष्ट्रीय व अंतर-जिला तस्करी का रंगे हाथों पर्दाफाश किया है। पुलिस कार्यपालिका ने मौके से वाणिज्यिक मात्रा (Commercial Quantity) में कोडीन और ट्रामाडोल जैसी घातक ओपिओइड और सिंथेटिक दवाओं का जखीरा जब्त कर मुख्य संचालक को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है।


कार्रवाई का विवरण: 'एहतिशाम कॉस्मेटिक स्टोर' पर छापा, गोदामों से निकला प्रतिबंधित दवाओं का जखीरा



विशेष कार्यबल (STF) को पिछले काफी समय से खुफिया इनपुट मिल रहे थे कि पिरान कलियर और आसपास के क्षेत्रों में युवाओं को कॉस्मेटिक सामान बेचने की आड़ में प्रतिबंधित और नशे के लिए प्रयुक्त होने वाली सिरप व कैप्सूल की अवैध सप्लाई की जा रही है।

  1. ज्वाइंट ऑपरेशन और दबिश: सूचना की संवेदनशीलता को देखते हुए एसटीएफ/एएनटीएफ के जांबाज निरीक्षक यादवेन्द्र सिंह बाजवा और हरिद्वार जनपद के ड्रग इंस्पेक्टर हरीश सिंह की संयुक्त विधिक टीम ने कलियर क्षेत्र के कई संदिग्ध ठिकानों और गोदामों में एक साथ सुनियोजित दबिश दी।
  2. वाणिज्यिक मात्रा में बरामदगी: टीम ने जब 'एहतिशाम कॉस्मेटिक जनरल स्टोर' पर छापा मारा, तो वहां से 3.9 किलोग्राम प्रतिबंधित कोडीन सिरप और भारी मात्रा में ट्रामाडोल कैप्सूल बरामद किए गए। आरोपी इन दवाओं को उनके मूल विधिक मूल्य से कई गुना अधिक कीमत पर स्कूल-कॉलेज के छात्रों और स्थानीय युवाओं को बेचकर करोड़ों रुपये का अवैध विधिक वित्तीय लाभ अर्जित कर रहा था।

 

एसटीएफ/एएनटीएफ ड्रग्स सिंडिकेट पर्दाफाश: प्रशासनिक, विधिक एवं रिकवरी सांख्यिकी आख्या



कलियर में पकड़े गए इस फार्मास्युटिकल ड्रग सिंडिकेट के आरोपी की प्रोफाइल, उसके पुराने क्रिमिनल रिकॉर्ड और बरामदगी का संपूर्ण प्रामाणिक डेटा इस प्रशासनिक तालिका में संकलित है:


विधिक एवं आपराधिक जांच घटकग्राउंड जीरो आधिकारिक प्रशासनिक डेटा (1 जुलाई, 2026)एनडीपीएस एक्ट एवं सुशासन नियमावली प्रभाव
मुख्य नोडल एजेंसीस्पेशल टास्क फोर्स (STF) / एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF)राज्य में ड्रग्स के अंतर-राज्यीय सिंडिकेट्स को तोड़ने वाली सर्वोच्च विंग।
गिरफ्तार अभियुक्त का नामअहतशाम उल हक पुत्र शहीद (उम्र - वयस्क)।संचालक – एहतिशाम कॉस्मेटिक जनरल स्टोर, कलियर।
अभियुक्त का स्थायी विधिक पताग्राम- बुड्ढा हैदी, थाना पथरी, जनपद हरिद्वार (उत्तराखंड)।ग्रामीण क्षेत्रों से फार्मास्युटिकल ड्रग्स की तस्करी का मुख्य केंद्र।
वाणिज्यिक बरामदगी (Seizure)3.9 किलोग्राम कोडीन सिरप एवं भारी मात्रा में ट्रामाडोल कैप्सूल।NDPS एक्ट के तहत गैर-जमानती और कठोर कारावास की श्रेणी का विधिक अपराध।
पुराना आपराधिक इतिहास (Criminal History)

1. मु.अ.सं 50/19 धारा 8/22 NDPS Act


2. मु.अ.सं. 170/19 धारा 8/22 NDPS Act

पूर्व में भी नशीली दवाओं की थोक तस्करी में दो बार जेल जा चुका है आदतन अपराधी।
एसटीएफ मुख्य विधिक मार्गदर्शकअजय सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP), स्पेशल टास्क फोर्स।नेटवर्क के फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंकेज खंगालने का कड़ा विधिक निर्देश।
ड्रग विभाग नोडल अधिकारीश्री हरीश सिंह, ड्रग इंस्पेक्टर, जनपद हरिद्वार।दवाओं के विधिक लाइसेंस निरस्तीकरण एवं फार्मेसी कानून के तहत कार्रवाई।

गहन विधिक लिंक: 18,000 ट्रामाडोल कैप्सूल केस से जुड़ा कनेक्शन; फॉरवर्ड-बैकवर्ड नेटवर्क की जांच


एसटीएफ की प्राथमिक जांच में इस नेटवर्क के अत्यंत भयावह और गहरे अंतरराष्ट्रीय तारों का पता चला है। पकड़े गए अभियुक्त अहतशाम उल हक से हुई पूछताछ में यह स्पष्ट विधिक संपुष्टि हुई है कि पूर्व में एसटीएफ द्वारा राज्य के एक अन्य हिस्से से बरामद की गई 18,000 प्रतिबंधित ट्रामाडोल कैप्सूल की बड़ी खेप का सीधा कनेक्शन भी इसी कॉस्मेटिक स्टोर के मालिक से था।


  1. आदतन एनडीपीएस अपराधी: आरोपी का इतिहास पूरी तरह आपराधिक रहा है; वर्ष 2019 में थाना पथरी और कलियर पुलिस द्वारा उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/22 के तहत दो अलग-अलग संगीन मुकदमे (मु.अ.सं 50/19 व 170/19) दर्ज कर उसे जेल भेजा गया था, लेकिन जमानत पर बाहर आते ही उसने पुनः कॉस्मेटिक की आड़ में मौत का यह व्यापार शुरू कर दिया।
  2. थोक सप्लाई चेन की जांच: एसटीएफ वर्तमान में इस बात की गहन तकनीकी व विधिक जांच कर रही है कि हिमाचल प्रदेश या उत्तर प्रदेश की किन फार्मास्युटिकल कंपनियों की फैक्ट्रियों से यह कोडीन और ट्रामाडोल बिना विधिक बिलिंग के इस कॉस्मेटिक स्टोर तक पहुंचाई जा रही थी।

 

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ "अजय सिंह" की जनता से अपील और ऑफिशियल हेल्पलाइन नंबर


इस बड़ी विधिक सफलता के उपरांत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ ने जनता की सुरक्षा और युवाओं के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए कड़े प्रशासनिक निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए दो विशिष्ट आधिकारिक नंबर जारी किए हैं, ताकि जनता सीधे बिना किसी भय के ड्रग तस्करों की गुप्त सूचना एसटीएफ को दे सके।


एसएसपी एसटीएफ का राज्य की जनता के नाम आधिकारिक विधिक संदेश:


"नशा देवभूमि की रगों में जहर घोल रहा है। हमारी युवा पीढ़ी को इस दलदल से निकालना केवल पुलिस का नहीं, बल्कि पूरे समाज का विधिक और नैतिक कर्तव्य है। मैं राज्य के सभी नागरिकों, विशेषकर अभिभावकों से अपील करता हूँ कि वे अपने बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखें और किसी भी प्रकार के प्रलोभन या लालच में आकर नशे के इस काले कारोबार का हिस्सा न बनें। यदि आपके आसपास कोई भी व्यक्ति, मेडिकल स्टोर या जनरल स्टोर प्रतिबंधित दवाएं बेचता है, तो तत्काल हमारे इन नोडल नंबरों पर संपर्क करें। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह विधिक रूप से गुप्त रखी जाएगी।"


  1. एसटीएफ/ANTF आधिकारिक लैंडलाइन: 0135-2656202
  2. विशेष एंटी-ड्रग्स मोबाइल हेल्पलाइन: 9412029536

 

उत्तराखंड को 'ड्रग्स फ्री' बनाने और फार्मा तस्करी रोकने के 4 मुख्य सुशासन स्तंभ 


एसटीएफ और ड्रग्स कंट्रोल ब्यूरो के संयुक्त विधिक रोडमैप के अनुसार, राज्य में सिंथेटिक ड्रग्स की रीढ़ तोड़ने हेतु निम्नलिखित चार विधिक स्तंभों को कड़ाई से लागू किया जा रहा है:


  • NDPS एक्ट की धारा 31A के तहत बार-बार अपराध पर कठोरतम दंड: अहतशाम उल हक जैसे आदतन अपराधियों (Repeat Offenders) के खिलाफ न्यायालय में विशेष पैरवी कर पूर्व दोषसिद्धि के आधार पर आजीवन कारावास जैसी विधिक सजा सुनिश्चित करना।
  • मेडिकल व कॉस्मेटिक स्टोर्स का औचक विधिक ऑडिट: ड्रग इंस्पेक्टरों के माध्यम से हरिद्वार और उधमसिंह नगर जैसे मैदानी जिलों के सभी संदिग्ध कॉस्मेटिक और मेडिकल काउंटरों का स्टॉक रजिस्टर और विधिक खरीद-बिक्री के बिलों का रैंडम वेरिफिकेशन।
  • गैंगस्टर एक्ट और वित्तीय संपत्ति की विधिक जब्ती (Property Forfeiture): नशे की काली कमाई से अर्जित तस्करों के आलीशान मकानों, वाहनों और बैंक खातों को एनडीपीएस एक्ट की धारा 68 के तहत कुर्क (Freeze) करने की प्रशासनिक विधिक प्रक्रिया शुरू करना।
  • ज्वाइंट एसटीएफ-ड्रग टास्क फोर्स (Joint STF-Drug Task Force) का गठन: निरीक्षक यादवेन्द्र सिंह बाजवा, उपनिरीक्षक कमाल हसन, दीपक मैठाणी, हेड कांस्टेबल मनमोहन और कांस्टेबल दीपक नेगी1 की तर्ज पर प्रत्येक जनपद में समर्पित संयुक्त विधिक टीमों का निरंतर गश्त।

 

देवभूमि की सुरक्षा में तत्पर एसटीएफ का क्रेडिबल प्रशासनिक प्रहार


1 जुलाई, 2026 को एसटीएफ कार्यालय देहरादून से जारी यह आधिकारिक सुशासन प्रेस विज्ञप्ति इस बात की संपुष्टि करती है कि उत्तराखंड पुलिस राज्य को नशामुक्त करने के अपने विधिक और संवैधानिक संकल्प पर कितनी मुस्तैदी से कार्य कर रही है।


निरीक्षक यादवेन्द्र सिंह बाजवा और ड्रग इंस्पेक्टर हरीश सिंह की टीम द्वारा 3.9 किलोग्राम कोडीन सिरप के अंतर-जिला सिंडिकेट का भंडाफोड़ करना यह साबित करता है कि अपराधियों की कोई भी शातिर चाल (जैसे कॉस्मेटिक दुकान की आड़ लेना) कानून की पैनी नजरों से बच नहीं सकती। एसएसपी एसटीएफ द्वारा जारी किए गए हेल्पलाइन नंबर इस बात का प्रमाण हैं कि पुलिस और जनता के बीच 'क्रेडिबल' और पारदर्शी समन्वय स्थापित कर ही "ड्रग्स फ्री देवभूमि" के पावन विधिक संकल्प को शत-प्रतिशत प्राप्त किया जा सकता है।




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Krishna Kumar
लेखक के बारे में

कृष्ण कुमार

कृष्ण कुमार को छोटी उम्र से ही खबरों की दुनिया ने इतना रोमांचित किया कि पत्रकारिता को ही करियर बना लिया। 6+ साल पहले 'आपकी मीडिया' जैसे बहुआयामी संस्थान... और पढ़ें
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