मुनि की रेती (ऋषिकेश), 20 मार्च 2026: योग की वैश्विक राजधानी ऋषिकेश में जारी अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव अपने पांचवें दिन एक नई ऊर्जा के साथ नजर आया। 'स्वस्थ मन, स्वस्थ काया' और 'घर-घर योग' के संकल्प के साथ आज 'रन फॉर योगा' मैराथन दौड़ का भव्य आयोजन किया गया। निगम के प्रबंध निदेशक (MD) प्रतीक जैन ने योग ध्वज और हरी झंडी दिखाकर इस दौड़ का शुभारंभ किया।
सैकड़ों छात्रों ने भरी हुंकार, योगमय हुआ वातावरण
मैराथन में विभिन्न विद्यालयों के सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने पूरे उत्साह के साथ प्रतिभाग किया। इस दौड़ का मुख्य उद्देश्य योग के प्रति जागरूकता फैलाना, विश्व शांति का संदेश देना और तनाव रहित जीवन शैली को बढ़ावा देना रहा। खास बात यह रही कि छात्रों का उत्साह बढ़ाने के लिए एमडी प्रतीक जैन और महाप्रबंधक (प्रशासन) लक्ष्मी राज चौहान स्वयं भी दौड़ का हिस्सा बने।
मैराथन रूट: गंगा के दोनों तटों को जोड़ा
यह दौड़ टिहरी और पौड़ी गढ़वाल के क्षेत्रों को जोड़ते हुए एक वृहद मार्ग से गुजरी:
| पड़ाव | रूट विवरण |
| प्रारंभ बिंदु | गंगा रिजॉर्ट (टिहरी गढ़वाल) |
| मध्य मार्ग | स्वर्गाश्रम (पौड़ी), टैक्सी स्टैंड, लक्ष्मण झूला पुलिस चौकी। |
| आध्यात्मिक केंद्र | परमार्थ निकेतन, बाघ खाला, भागीरथी धाम। |
| अंतिम चरण | जानकी झूला से होते हुए वापस गंगा रिजॉर्ट पर समापन। |
विजेताओं को मिलेगा सम्मान
प्रबंध निदेशक प्रतीक जैन ने बताया कि इस दौड़ में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त प्रतिभागियों को विशेष पुरस्कारों से सम्मानित किया जाएगा। साथ ही, मैराथन में शामिल होने वाले सभी छात्र-छात्राओं को सहभागिता प्रमाण पत्र प्रदान किए जाएंगे।
इनकी रही मुख्य भूमिका
कार्यक्रम को सफल बनाने में खेल अधिकारी (टिहरी व पौड़ी) और निगम के वरिष्ठ अधिकारियों का विशेष सहयोग रहा। मौके पर वहीद अहमद, राजपूत जी, अजय चौहान, दीपक रावत, सर्वजीत सिंह, शहजाद, मेहरवान रांगड़, अर्जुन, अमित पंवार, हेमंत, मनीष, देबू रावत और सुनील भारद्वाज सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
योग केवल अभ्यास नहीं, जीवनशैली है
इस मैराथन ने यह संदेश दिया कि योग केवल मैट तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सक्रियता और मानसिक शांति का मेल है। गंगा के तटों पर दौड़ते युवाओं के उत्साह ने अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव की सार्थकता को और अधिक बढ़ा दिया है।
नोट: यह रिपोर्ट अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव के आयोजन स्थल से प्राप्त आधिकारिक जानकारी और एमडी प्रतीक जैन के संबोधन पर आधारित है।
